‘स्कूल ठीक करो’ अभियान जारी रहेगा, सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सरकार से मांगा जवाब

खबर सार :-

सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान जारी रखने की बात कही। उन्होंने राजस्थान के सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सरकार से जवाबदेही मांगी।
स्कूलों को लेकर CJP ने बोला सरकार पर हमला, मांगा जवाब

खबर विस्तार : -

जयपुर: सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने शनिवार को कहा कि संगठन देशभर के सरकारी स्कूलों का दौरा कर उनकी बदहाल स्थिति को सामने लाने और सरकारों से जवाबदेही मांगने का अभियान जारी रखेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान किसी चुनावी या राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है। संगठन का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षित वातावरण को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।

रांका ने कहा कि संगठन किसी तरह के विवाद में नहीं पड़ना चाहता और उसका ध्यान केवल स्कूलों की स्थिति देखने पर है। उन्होंने कहा कि वे स्कूलों का दौरा करते रहेंगे और सरकार से यह सवाल पूछते रहेंगे कि जर्जर भवनों और खराब बुनियादी ढांचे की समस्या कब दूर की जाएगी। उन्होंने कहा कि सवाल यह नहीं होना चाहिए कि सीजेपी अगले 48 घंटे में क्या करेगा। असली सवाल यह है कि सरकार सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए क्या कदम उठा रही है और काम कब तक पूरा होगा।

राजस्थान के स्कूलों को लेकर उठाए सवाल

रांका ने राजस्थान के सरकारी स्कूलों की स्थिति का जिक्र करते हुए कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में बिना भवन के संचालित हो रहे करीब 600 स्कूलों की स्थिति कब सुधरेगी और खराब हालत वाले करीब 85 हजार कक्षों की मरम्मत कब कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों और समस्याओं को लेकर सवाल संगठन से नहीं बल्कि राजस्थान सरकार से किए जाने चाहिए। उनके मुताबिक, बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। रांका ने कहा कि ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक स्कूलों की स्थिति में सुधार नहीं होता और बच्चों को उचित वातावरण में पढ़ने की सुविधा नहीं मिलती।

गांव में कथित हमले का वीडियो पुलिस को सौंपने का दावा

राजस्थान के एक गांव में संगठन के सदस्यों पर कथित हमले को लेकर भी रांका ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स, इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। संगठन ने इन वीडियो को पुलिस के साथ भी साझा किया है। रांका का दावा है कि ये वीडियो बिना एडिट किए हुए हैं और इनमें कथित तौर पर उन लोगों के चेहरे दिखाई दे रहे हैं जिन्होंने संगठन के सदस्यों पर हमला किया। उन्होंने कहा कि वीडियो के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सीजेपी के सदस्यों के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को साबित करने वाला कोई साक्ष्य मौजूद है, तो उसे भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी भी मामले की जांच उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए।

भाजपा के खिलाफ राजनीतिक अभियान के आरोप खारिज

रांका ने संगठन पर भाजपा के खिलाफ राजनीतिक एजेंडा चलाने के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि संगठन के प्रतिनिधि संबंधित क्षेत्र में वोट मांगने या किसी राजनीतिक दल के खिलाफ अभियान चलाने नहीं गए थे। उन्होंने बताया कि संगठन को जानकारी मिली थी कि वहां एक स्कूल लंबे समय से बेहद खराब स्थिति में चल रहा है और कथित तौर पर करीब ढाई साल से भैंसों के बाड़े जैसी जगह में बच्चों की पढ़ाई हो रही है। इसी स्थिति को देखने के लिए संगठन के प्रतिनिधि वहां पहुंचे थे। रांका ने कहा कि वह स्वयं पिछले वर्ष भी उस स्कूल में गए थे और वहां की स्थिति से संबंधित वीडियो साझा किया था। उनका कहना है कि बच्चों को ऐसी परिस्थितियों में पढ़ते देखना स्वीकार्य नहीं है।

‘बच्चों को ऐसी स्थिति में पढ़ना मंजूर नहीं’

रांका ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी सुरक्षित और सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण मिलना चाहिए। यदि किसी स्कूल का भवन जर्जर है या बच्चों को असुरक्षित परिस्थितियों में पढ़ना पड़ रहा है तो उसकी ओर ध्यान दिलाना जरूरी है। उन्होंने दोहराया कि ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान किसी चुनावी कार्यक्रम का हिस्सा नहीं है। संगठन स्कूलों की स्थिति को सामने लाकर सरकार से कार्रवाई की मांग करता रहेगा।

शिक्षा मंत्री से भी पूछा सवाल

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को संबोधित करते हुए रांका ने स्कूलों की स्थिति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि अधिकारी आखिर किस स्कूल को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कथित तौर पर भैंसों के बाड़े जैसे इस्तेमाल किए जा रहे स्कूल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बच्चों के लिए बनाया गया टिन का ढांचा कभी भी गिर सकता है। आसपास भैंसें और चारा रखे जाने की स्थिति का भी उन्होंने उल्लेख किया।

रांका ने कहा कि ऐसे वातावरण में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उनका कहना है कि सरकार को आरोप-प्रत्यारोप से अलग हटकर स्कूलों की वास्तविक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए और जहां सुधार की जरूरत है, वहां जल्द काम कराया जाना चाहिए।

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