पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO, गोविंददेव गिरि को महासचिव की कमान

खबर सार :-

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला CEO बनाया गया है। देवरिया के रहने वाले मिश्रा ने चार दशकों तक एयर फ़ोर्स में सेवा की और कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे।
पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO

खबर विस्तार : -

Ram Mandir CEO: अयोध्या में श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी से हुई बदनामी के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के प्रशासनिक और संचालन व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को, ट्रस्ट ने भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) बनाया, जबकि स्वामी गोविंददेव गिरी को महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। महेश भागचंदका, मदन मोहन पांडे और डॉ. निर्मला यादव को भी ट्रस्ट में खाली तीन पोस्ट के लिए नए ट्रस्टी बनाया गया है।

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO की रेस में ये नाम थे शामिल

बता दें कि रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा लंबे सैन्य अनुभव और बड़े संस्थानों को मैनेज करने में एक्सपर्ट हैं। अब राम मंदिर की दैनिक प्रशासनिक व्यवस्था, श्रद्धालु सुविधाओं और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे। CEO चुनने के लिए बनी कमिटी ने ट्रस्ट को तीन नामों का एक पैनल भेजा था। इनमें उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व IPS ऑफिसर राजेश पांडे, बिहार के पूर्व DGP डॉ. परेश सक्सेना और पूर्व IAS ऑफिसर दिनेश चंद्रा के नाम शामिल थे। सोच-विचार के बाद ट्रस्ट ने जितेंद्र मिश्रा का नाम फाइनल किया। न्यास के अनुसार, मिश्र ने भारतीय वायुसेना में करीब 39 वर्ष तक विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं और उन्हें नेतृत्व का लंबा अनुभव है। 

कौन है जितेंद्र मिश्रा जो बने राम मंदिर ट्रस्ट के CEO

भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा यूपी के देवरिया जिले के भाटपार रानी इलाके के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं। उन्हें 6 दिसंबर, 1986 को इंडियन एयर फोर्स में फाइटर पायलट के तौर पर कमीशन मिला था। जितेंद्र मिश्रा लगभग चार दशकों तक इंडियन एयर फोर्स में कई अहम पदों पर रहे हैं। अपने लंबे और शानदार मिलिट्री करियर में, उन्होंने 18 से ज़्यादा तरह के एयरक्राफ्ट उड़ाए और 3,000 घंटे से ज़्यादा का फ्लाइंग एक्सपीरियंस हासिल किया।

जितेंद्र मिश्रा इंडियन एयर फोर्स के वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के तौर पर भी काम कर चुके हैं। उन्होंने इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में डिप्टी चीफ (डॉक्ट्रिन, ऑर्गनाइजेशन और ट्रेनिंग) समेत कई अहम पदों पर भी काम किया है। उन्हें ऑपरेशन्स, स्ट्रेटेजिक प्लानिंग, लीडरशिप और अलग-अलग एजेंसियों के बीच कोऑर्डिनेशन का काफी एक्सपीरियंस है।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान संभाली अहम जिम्मेदारी

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के मिलिट्री करियर में स्ट्रेटेजिक और सेंसिटिव जिम्मेदारियां शामिल रही हैं। उन्होंने इंडियन एयर फोर्स के वेस्टर्न एयर कमांड की कमान संभाली है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्होंने वेस्टर्न कमांड की अहम जिम्मेदारी भी संभाली थी। भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने वाले मिश्रा अब अयोध्या के राम मंदिर की प्रशासनिक और संचालन व्यवस्था को नई दिशा देंगे।

सैन्य अनुशासन से मंदिर प्रबंधन तक

राम मंदिर के पहले CEO के तौर पर मिश्रा की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब मंदिर कंस्ट्रक्शन के फेज़ से आगे बढ़कर एक सिस्टमैटिक ऑपरेशन की ओर बढ़ रहा है और एक बड़े धार्मिक-टूरिज्म हब के तौर पर विकसित हो रहा है। रोजाना आने वाले बड़ी संख्या में भक्तों को देखते हुए, दर्शन की व्यवस्था, सिक्योरिटी, स्टाफ मैनेजमेंट, तीर्थयात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाना और अलग-अलग डिपार्टमेंट और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल जैसी चुनौतियां बहुत जरूरी होंगी। इंडियन एयर फोर्स में हासिल किया गया उनका डिसिप्लिन, लीडरशिप स्किल्स, स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट और बड़े इंस्टीट्यूशन को मैनेज करने का अनुभव, राम मंदिर की व्यवस्थाओं के लिए बहुत जरूरी माना जाता है।

 ये भी पढ़ेंः- ‘मछली खाने’ के आरोप पर सियासी घमासान, अजय राय ने सीएम योगी के खिलाफ दाखिल किया मानहानि का केस

अन्य प्रमुख खबरें