UP में बारिश का कहर: प्रतापगढ़ और रायबरेली में मकान गिरने से 2 की मौत, 35 से अधिक जिलों में अलर्ट

खबर सार :-

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से प्रतापगढ़ और रायबरेली में मकान ढह गए, जिससे दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, कई जिलों में आज भी बारिश की संभावना जताई गई है।
UP में आफत बनी बारिश! प्रतापगढ़ और रायबरेली में मकान ढहने से 2 की मौत

खबर विस्तार : -

लखनऊः उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। रायबरेली और प्रतापगढ़ में मकान ढहने से एक वृद्ध और एक डेढ़ साल के बच्चे की मौत हो गई है। मौसम विभाग ने आज भी प्रयागराज समेत कई जिलों के लिए गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।

प्रतापगढ़ जिले में लगातार हो रही भारी बारिश से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। बुधवार सुबह नवाबगंज पुलिस स्टेशन इलाके के एक गांव में बारिश की वजह से मिट्टी का एक घर अचानक गिर गया। मलबे के नीचे दबने से डेढ़ साल के एक बच्चे की दुखद मौत हो गई। छोटी कोठरिया गांव के रहने वाले चंद्रप्रकाश यादव का मिट्टी का घर लगातार बारिश के कारण कमजोर हो गया था। बुधवार सुबह यह घर अचानक ढह गया। इस घटना के दौरान, छोटा बच्चा प्रियांश मलबे के नीचे दब गया। घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। परिवार के लोगों और पड़ोसियों ने बच्चे को मलबे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

रायबरेली में मकान ढहने से वृद्ध की मौत

रायबरेली के चंदापुर पुलिस स्टेशन के इलाके में आने वाले नयापुरवा गांव में, मंगलवार को रात भर हुई बारिश के कारण रघुनाथ नाम के 85 साल के एक बुज़ुर्ग की मौत हो गई। उनके परिवार के मुताबिक, रघुनाथ रात का खाना खाकर सो रहे थे। रात करीब 1:00 बजे उनके घर की मिट्टी की दीवार अचानक गिर गई और वे मलबे के नीचे दब गए। दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर गांव वाले मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने मलबा हटाया और बुज़ुर्ग को बाहर निकालकर तुरंत कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) पहुंचाया। लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

कई जिलों में बारिश के आसार

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में बुधवार को मौसम का मिजाज बदलने के आसार हैं। प्रयागराज सहित राज्यभर के कई जिलों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। कुछ इलाकों में मध्यम से भारी बारिश की भी संभावना है. यह पूर्वानुमान बुधवार सुबह भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) लखनऊ केंद्र द्वारा जारी किया गया।

मौसम विभाग ने लोगों को आकाशीय बिजली को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। बुधवार की सुबह जारी किए गए पूर्वानुमान के अनुसार, प्रयागराज और सोनभद्र, मीरजापुर, चंदौली, संत रविदास नगर, प्रतापगढ़, चित्रकूट, महोबा, बांदा, कौशाम्बी, फतेहपुर, जालौन, रायबरेली, अमेठी, झांसी, इटावा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, कासगंज, सुल्तानपुर, अयोध्या, लखनऊ, बाराबंकी, फर्रुखाबाद, सीतापुर, बहराईच, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, बरेली, पीलीभीत, रामपुर में आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, चित्रकोट, महोबा, बांदा, कौशांबी, हमीरपुर, फतेहपुर, जालौन, रायबरेली, कानपुर नगर, झांसी, इटावा, मैनपुरी, कानपुर देहात, उन्नाव, औरैया, लखनऊ, बाराबंकी, कन्नौज, हरदोई, फर्रुखाबाद, सीतापुर, बहराईच, शाहजहाँपुर, लखीमपुर खीरी, बरेली, पीलीभीत और बदायूं में कुछ स्थानों पर गरज के साथ मध्यम से तेज वर्षा का अनुमान है।

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स्थानीय स्तर पर बने बादलों से बारिश

कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CSA) के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस.एन. सुनील पांडे ने बताया कि उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में हवा में नमी बनी हुई है, जिससे स्थानीय स्तर पर बादल बन रहे हैं। बुधवार को प्रयागराज और आसपास के इलाकों में आंधी-तूफान और कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि बारिश के दौरान बिजली कड़कने पर खुले मैदानों, पेड़ों या बिजली के खंभों के पास न खड़े हों और मौसम में अचानक बदलाव होने पर किसी सुरक्षित जगह पर शरण लें।

आज भी बादल छाए रहेंगे

मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, प्रयागराज में बादल छाए रहने के साथ-साथ रुक-रुक कर बारिश होने की उम्मीद है। बारिश के कारण तापमान में भी थोड़ी गिरावट आ सकती है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि मौजूदा मौसम को देखते हुए वे अपने खेतों में जरूरी सावधानी बरतें।

कानपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ा

कानपुर: बुधवार को गंगा के जलस्तर में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। कानपुर बैराज के ऊपरी हिस्से में जलस्तर 113.80 मीटर था, जबकि 315,702 क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया। ये दोनों आंकड़े मंगलवार की तुलना में बढ़े हुए हैं, हालांकि जलस्तर अभी भी चेतावनी के निशान से नीचे है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गंगा के जलस्तर और अलग-अलग बैराजों से छोड़े जा रहे पानी पर लगातार नजर रखी जा रही है। संबंधित विभागों को सतर्क रहने और जरूरत के हिसाब से जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

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