चाकसू नगर पालिका चुनाव: भाजपा का निर्विरोध निर्वाचन तय, कैलाश शर्मा बोले- बनेगा भाजपा का बोर्ड

खबर सार :-

चाकसू नगर पालिका चुनाव में वार्ड 11 से भाजपा के त्रिवेणी श्याम शर्मा का निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है। कैलाश शर्मा ने भाजपा बोर्ड बनने का दावा किया।अब नजर 3 सितंबर की नाम वापसी प्रक्रिया और इसके बाद आने वाले चुनावी परिणामों पर रहेगी।
चाकसू चुनाव: वार्ड 11 से भाजपा के त्रिवेणी श्याम शर्मा निर्विरोध

खबर विस्तार : -

चाकसू: नगर पालिका चाकसू चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में सियासी माहौल मजबूत होता दिखाई दे रहा है। वार्ड नंबर 11 से भाजपा प्रत्याशी त्रिवेणी श्याम शर्मा का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय हो गया है। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान आरएलपी प्रत्याशी का पर्चा खारिज होने के बाद अब वार्ड में उनके सामने कोई वैध प्रत्याशी नहीं बचा है। ऐसे में 3 सितंबर को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद त्रिवेणी श्याम शर्मा के निर्विरोध निर्वाचित होने की औपचारिक घोषणा की जाएगी।

वार्ड 11 में मुकाबला समाप्त होने की स्थिति बनते ही भाजपा खेमे में उत्साह का माहौल है। कार्यकर्ताओं ने इसे पार्टी के लिए चुनावी बढ़त के तौर पर देखा है। त्रिवेणी श्याम शर्मा के निर्विरोध निर्वाचन को इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि वह एक ही वार्ड से लगातार सातवीं बार पार्षद बनने की दिशा में हैं। यदि औपचारिक घोषणा होती है तो यह चाकसू की स्थानीय राजनीति में उनकी लंबी राजनीतिक पारी की एक और बड़ी उपलब्धि होगी।

कैलाश शर्मा ने किया भाजपा बोर्ड का दावा

वार्ड 11 में भाजपा की स्थिति मजबूत होने के बीच वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश शर्मा ने नगर पालिका चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि चाकसू में भारतीय जनता पार्टी के सभी पार्षद चुनाव जीतने जा रहे हैं और नगर पालिका में भाजपा का बोर्ड बनना तय है। कैलाश शर्मा ने कहा कि चाकसू की जनता भाजपा के साथ है और जनता का आशीर्वाद पार्टी के प्रत्याशियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में जुटे हुए हैं और आने वाले समय में नगर पालिका चाकसू में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी।

उनके इस बयान के बाद स्थानीय राजनीति में चुनावी चर्चाएं और तेज हो गई हैं। भाजपा जहां इसे अपने पक्ष में बन रहे माहौल के रूप में देख रही है, वहीं अन्य राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के सामने पार्टी के इस दावे को चुनौती देने की रणनीति तैयार करने की चुनौती है।

30 साल में पहली बार निर्विरोध पार्षद बनने की राह

त्रिवेणी श्याम शर्मा का निर्विरोध निर्वाचन चाकसू नगर पालिका के चुनावी इतिहास के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय जानकारी के मुताबिक, पिछले करीब 30 वर्षों में नगर पालिका के किसी वार्ड से पार्षद का निर्विरोध निर्वाचन नहीं हुआ है। ऐसे में यदि 3 सितंबर के बाद उनकी निर्विरोध जीत की औपचारिक घोषणा होती है तो यह चाकसू नगरपालिका के चुनावी इतिहास में नया अध्याय होगा।

त्रिवेणी श्याम शर्मा का राजनीतिक सफर भी करीब तीन दशक से अधिक पुराना है। वर्ष 1995 में वार्ड नंबर 8 सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने पर उन्होंने अपनी पत्नी सुशीला देवी को भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतारा था। सुशीला देवी ने चुनाव जीतकर पार्षद के रूप में राजनीतिक सफर शुरू किया। इसके बाद वर्ष 2000, 2005, 2015 और 2020 में त्रिवेणी श्याम शर्मा इसी वार्ड से चुनाव जीतकर पार्षद बने। वर्ष 2010 में उनकी पत्नी सुशीला देवी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पार्षद निर्वाचित हुई थीं। इस तरह परिवार की स्थानीय राजनीति में भी लगातार सक्रिय भूमिका रही है।

नगर पालिका के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं

त्रिवेणी श्याम शर्मा वर्ष 2005 से 2010 तक नगर पालिका चाकसू के उपाध्यक्ष भी रहे। लंबे समय तक पार्षद और नगर पालिका के पदाधिकारी के रूप में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। अब वार्ड नंबर 11 से निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति बनने के बाद उनके राजनीतिक सफर में एक और उपलब्धि जुड़ने जा रही है। हालांकि अंतिम औपचारिकता 3 सितंबर को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगी।

भाजपा के बोर्ड पर टिकी नजर

चाकसू नगर पालिका चुनाव में अब सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल भाजपा के बोर्ड गठन को लेकर है। कैलाश शर्मा ने जहां पार्टी के सभी प्रत्याशियों की जीत और भाजपा बोर्ड बनने का दावा किया है, वहीं चुनाव परिणाम ही उनके दावे की वास्तविक तस्वीर सामने लाएंगे। फिलहाल वार्ड 11 में भाजपा को मिली बढ़त ने पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा दिया है। त्रिवेणी श्याम शर्मा का निर्विरोध निर्वाचन यदि औपचारिक रूप से तय हो जाता है तो भाजपा इसे चुनावी अभियान की शुरुआत में महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर पेश कर सकती है। 

यह भी पढ़ेंः-एक हफ्ते तक मचाई तबाही, अब शांत हुई बेतवा; राजघाट और माताटीला बांध के सभी गेट बंद

अन्य प्रमुख खबरें