यूपी में बाढ़ से 1.70 लाख लोग प्रभावित, योगी सरकार ने बढ़ाई राहत-बचाव की रफ्तार
खबर सार :-
उत्तर प्रदेश में बाढ़ से करीब 1.70 लाख लोग प्रभावित हैं। 17 जिलों में 1,633 बाढ़ चौकियां, 200 मेडिकल टीमें और 525 नाव-मोटरबोट राहत कार्य में जुटी हैं।सरकार का दावा है कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए राहत अभियान लगातार जारी रखा जा रहा है।
खबर विस्तार : -
लखनऊः उत्तर प्रदेश में बाढ़ की चुनौती के बीच योगी सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ ही भोजन, राहत सामग्री, आश्रय, स्वास्थ्य सुविधाओं और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की जा रही है। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, रविवार तक प्रदेश के 17 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 1.70 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। राहत एवं बचाव अभियानों के दौरान अब तक किसी जनहानि या पशुहानि की सूचना नहीं है।
सरकार की निगरानी में प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें लगातार काम कर रही हैं। स्थानीय स्तर पर राहत कार्यों की निगरानी और जरूरतमंद लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए प्रदेश में अब तक 1,633 बाढ़ चौकियां स्थापित की जा चुकी हैं। इन चौकियों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर रखने के साथ बचाव और राहत गतिविधियों को समन्वित किया जा रहा है।
भोजन और राहत सामग्री पर जोर
बाढ़ जैसी आपदा के दौरान प्रभावित परिवारों तक भोजन पहुंचाना प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसे देखते हुए सरकार की ओर से बड़े स्तर पर खाद्य सामग्री और तैयार भोजन का वितरण किया जा रहा है। रविवार को 2,024 बाढ़ राहत खाद्यान्न पैकेट और 10,784 लंच पैकेट वितरित किए गए।
अब तक प्रभावित लोगों के बीच कुल 55,572 खाद्यान्न पैकेट और 3.02 लाख लंच पैकेट बांटे जा चुके हैं। प्रशासन का कहना है कि जरूरत के अनुसार राहत सामग्री का वितरण लगातार जारी रहेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाढ़ के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित होने के बावजूद लोगों को भोजन और आवश्यक वस्तुओं के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। राहत शिविरों और प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों की आवश्यकताओं का स्थानीय प्रशासन द्वारा आकलन किया जा रहा है। इसके आधार पर भोजन और अन्य राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
200 मेडिकल टीमें तैनात
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। सरकार के अनुसार, प्रभावित इलाकों में 200 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें बाढ़ प्रभावित आबादी को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ बीमारियों की रोकथाम और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता का काम भी कर रही हैं।
बाढ़ के दौरान दूषित पानी और संक्रमण से कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से 5,432 क्लोरीन टैबलेट और 5,441 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं। क्लोरीन टैबलेट का इस्तेमाल पानी को संक्रमणमुक्त करने और ओआरएस का वितरण डिहाइड्रेशन की स्थिति से बचाव के लिए किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सक्रिय रखा गया है, ताकि किसी भी तरह की बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
525 नाव और मोटरबोट राहत कार्य में लगीं
बाढ़ के कारण कई इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है। ऐसे क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए 525 नाव एवं मोटरबोट तैनात की गई हैं। इनके माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से जलभराव और बाढ़ की स्थिति वाले क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। जहां सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल है, वहां नावों और मोटरबोट के जरिए राहत दल प्रभावित लोगों तक पहुंच रहे हैं।
254 बाढ़ शरणालय स्थापित
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए प्रदेश में 254 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। इनमें से 46 शरणालय वर्तमान में संचालित हैं। इन संचालित शरणालयों में 1,151 लोग रह रहे हैं। प्रशासन की ओर से इन शरणालयों में रहने वाले लोगों के लिए भोजन, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। अब तक बड़ी संख्या में लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सरकार का जोर ऐसे इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने पर है, जहां जलस्तर बढ़ने या आवागमन बाधित होने का खतरा बना हुआ है।
इन 17 जिलों में बाढ़ का असर
30 अगस्त की स्थिति के अनुसार प्रदेश के 17 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, हमीरपुर, हरदोई, कासगंज, कन्नौज, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर और वाराणसी शामिल हैं।
इन सभी जिलों में प्रशासनिक और राहत टीमें सक्रिय हैं। स्थानीय अधिकारियों को प्रभावित आबादी तक तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव संसाधनों को तैनात किया जा रहा है। फिलहाल प्रदेश में करीब 1.70 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, लेकिन राहत कार्यों के दौरान किसी जनहानि या पशुहानि की सूचना नहीं है।
यह भी पढ़ेंः-यूपी की छलांग, जेम पर एक लाख करोड़ से अधिक की खरीद, तीन राष्ट्रीय पुरस्कार मिले
अन्य प्रमुख खबरें
-
Crackers Factory Blast: वाराणसी में पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका
2026-10-15
-
ट्रेनों पर पत्थरबाजी रोकने के लिए रेलवे की तैयारी तेज, 250 ठिकानों पर होगी निगरानी
2026-10-15
-
यूपी की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किए जाएं ठोस प्रयास
2026-10-15
-
लखनऊ में दुर्गा पूजा 2026: 176 पंडालों और अनूठी थीम की भव्य शुरुआत
2026-10-15
-
Punjab Bandh: झोटा हत्याकांड और नशे के विरोध में आज पंजाब बंद
2026-10-15
-
विस्तारित क्षेत्र बढ़ जाने से कम पड़ रहा बजट, Lucknow में बाढ़ से निपटने के करने होंगे प्रबंध
2026-10-14
-
500 करोड़ रुपये से होगा स्पीति घाटी का विकास, सीएम सुक्खू ने की घोषणा
2026-10-14
-
जांजगीर-चांपा के ‘भीमा तालाब’ की गंदगी पर फूटा लोगों का गुस्सा
2026-10-14
-
लखनऊ में आतिशबाजी लाइसेंसधारकों के लिए नई गाइडलाइंस जारी
2026-10-14
-
हिमाचल के पहाड़ी इलाकों में बढ़ने लगी ठंड, 10 जिलों में बारिश का अलर्ट
2026-10-14
-
लखनऊ मेट्रो ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के अंडरग्राउंड सेक्शन का ऐलान
2026-10-14
-
यूपी में मौसम की करवट, 15-16 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ होगी बारिश
2026-10-14
-
महाराष्ट्र के नालासोपारा में बिल्डिंग में लगी आग, 2 महिलाओं की मौत
2026-10-14
-
दुर्गा पूजा पर रांची में यातायात बदला, पार्किंग के लिए जगह चिन्हित
2026-10-14
-
किशोर कुमार गीतों से हमारी स्मृतियों में रहेंगे मौजूद: CM मोहन यादव
2026-10-14