नेपाल त्रासदी ! मृतकों की संख्या पहुंची 734, करीब 2500 लोग लापता, मलबे में जिंदगी की तलाश जारी
खबर सार :-
Nepal Flash Flood: नेपाल में अचानक आई बाढ़ से बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक प्रभावित हुए हैं। अभी 275 से ज़्यादा भारतीय लापता हैं, जबकि 108 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
खबर विस्तार : -
Nepal Flash Flood Update: नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 734 हो गई है, जबकि 2,500 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने रविवार सुबह 9:00 बजे तक के ये आंकड़े जारी किए। हालांकि अब तक 4,451 लोगों को बचाया जा चुका है, लेकिन मानवीय सहायता की जरूरत बढ़ती जा रही है। इस बीच, भारत ने 'मिशन जिंदगी' के तहत राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। फिलहाल, नेपाल में महाविनाश के बाद मलबे में जिंदगी की तलाश जारी है।
बाढ़ और भूस्खलन से अभी भी 2,498 लोग लापता
लापता लोगों की सूची लंबी है। अथॉरिटी के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन के बाद 2,498 लोग अभी भी लापता हैं। इस आंकड़े में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के 933 कर्मचारी और 589 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा, विदेशी पर्यटकों के साथ यात्रा कर रहे 127 नेपाली नागरिक भी लापता हैं। अन्य लापता लोगों में रासुवा के 562, नुवाकोट के 115, मकवानपुर के 65, लांगटांग नेशनल पार्क के 3, तनहुन के 36 और चितवन के 259 स्थानीय निवासी शामिल हैं। सूची में विभिन्न सरकारी विभागों और सुरक्षा बलों के कर्मचारी भी शामिल हैं।
लापता लोगों में नेपाल पुलिस के 27, नेपाल सेना के 45, आर्म्ड पुलिस फोर्स के 13, कस्टम ऑफिस के 15 और इमिग्रेशन ऑफिस के 4 कर्मचारी शामिल हैं। इसी तरह, डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (DEOC) से रासुवा के 562 और नुवाकोट के 115 लोगों के बारे में जानकारी मिली है।
बचाव कार्यों में करीब 20,000 सुरक्षाकर्मी तैनात
बाढ़ के बाद बड़े पैमाने पर बचाव कार्य चल रहे हैं। इन कार्यों के लिए कुल 19,895 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। उनकी कोशिशों से अब तक 8,186 लोगों को बचाया गया है; खास तौर पर, नेपाली सेना ने 2,974 लोगों को, नेपाल पुलिस ने 2,699 लोगों को और आर्म्ड पुलिस फ़ोर्स ने 2,513 लोगों को बचाया। मुश्किल इलाकों तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। हेलीकॉप्टर ऑपरेशन के दौरान, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों में फंसे 279 कर्मचारियों को बाहर निकाला गया। इसके अलावा, 227 विदेशी नागरिकों को एयरलिफ़्ट करके सुरक्षित जगह पहुंचाया गया है।
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राहत के साथ इलाज पर भी जोर
बचाव कार्यों के साथ-साथ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। 37 ट्रकों और 7 हेलीकॉप्टर उड़ानों के जरिए खाना, पानी और दूसरी जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। प्रभावित इलाकों में खास सर्जिकल मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। साथ ही, सरकार प्रभावित स्थानीय नगर पालिकाओं में नकद राहत भी बांट रही है। बाढ़ के बाद चल रहे ऑपरेशन का एक बड़ा हिस्सा लापता लोगों की तलाश पर केंद्रित है। सरकारी आँकड़ों के मुताबिक, 2,498 लोगों की तलाश जारी है, जबकि बचाव टीमें पहले ही हजारों लोगों को सुरक्षित निकाल चुकी हैं।

23 देशों के 261 विदेशी नागरिक अभी भी लापता
चीन-नेपाल सीमा पर ग्यिरोंग पोर्ट पर बाढ़ और भूस्खलन के बाद, 23 देशों के 261 विदेशी नागरिकों के लापता होने की खबर है। इस समूह में 104 नेपाली, 49 भारतीय, 33 लातवियाई, 18 अमेरिकी और 15 ब्रिटिश नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से जुड़े 933 लोग, मकवानपुर के 65 लोग और 589 विदेशी नागरिक संपर्क से बाहर हैं। विदेशी पर्यटकों के साथ घूमने गए 127 नेपाली और लांगटांग नेशनल पार्क के तीन लोग भी संपर्क से बाहर हैं।
भारत से नेपाल पहुंची चौथी 11 टन सहायता सामग्री
नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से लापता लोगों में सबसे ज्यादा संख्या भारतीय नागरिकों की है। शनिवार को भारत से 11 टन राहत सामग्री लेकर चौथी उड़ान नेपाल पहुंच गई है। विनाशकारी बाढ़ के बाद जारी सहायता अभियान के तहत यह सामग्री संबंधित अधिकारियों को सौंप दी गई है। इससे पहले शुक्रवार को भारत से तीसरा विमान नेपाल पहुंचा था, जिसमें राहत का सामान और 11 सदस्यों वाली मेडिकल और टनल रेस्क्यू टीम थी। इस विमान में 10 टन मानवीय सहायता सामग्री थी, जिसमें पोर्टेबल जनरेटर सेट, डिग्निटी किट, खाने के पैकेट और पानी साफ करने वाली गोलियां शामिल थीं।
इसके अलावा, गुरुवार को भारत ने नेपाल को मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) सामग्री, दवाइयों और खाने के पैकेट की दूसरी खेप (37.5 टन) सौंपी, ताकि विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्यों में हिमालयी देश की मदद की जा सके। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक भारत की ओर से 68.5 टन राहत सामग्री हवाई मार्ग से काठमांडू पहुंचाई जा चुकी है। इसमें आवश्यक दवाइयां, पोर्टेबल जनरेटर, खाद्य पैकेट, पानी को शुद्ध करने वाली गोलियां और तकनीकी उपकरण शामिल हैं।
FAQ...
1. अगस्त 2026 में नेपाल में आई आपदा का मुख्य कारण क्या था ?
26 अगस्त, 2026 को नेपाल ( तिब्बत सीमावर्ती इलाके) में आई विनाशकारी बाढ़ और आपदा का मुख्य कारण हिमनद (ग्लेशियर) का अचानक ढहना था। जिससे बर्फ़, चट्टानों और कीचड़ का यह विशाल मलबा भोटे कोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों में जा गिरा, जिससे अचानक भयानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आ गई और निचले इलाकों में भारी तबाही मची।
2. नेपाल में आई विनाशकारी प्राकृतिक आपदा से कौन-कौन से जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं ?
इस प्राकृतिक आपदा से नेपाल का रसुवा जिला सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। इसके अलावा नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा, चितवन और तनहुं जिले भी भारी तबाही देखने को मिली।
3. नेपाल में आई भीषण बाढ़ में जान-माल और बुनियादी ढांचे को कितना नुकसान हुआ है ?
नेपाल में आई में विनाशकारी बाढ़ में 734 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। जकबि 2500 से अधिक लोग लापता हैं। लापता लोगों में सैकड़ों विदेशी नागरिक और भारतीय तीर्थयात्री शामिल हैं।
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