नेपाल में बाढ़ के बाद हालत गंभीर, 403 पर्यटक लापता; महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

खबर सार :-

नेपाल में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के नए आंकड़ों के मुताबिक कुल 403 पर्यटक लापता हैं, इनमें 133 भारतीय हैं। महाराष्ट्र सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।
नेपाल में फंसे भारतीयों के लिए महाराष्ट्र सरकार ने जारी की हेल्पलाइन

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई भयानक बाढ़ के बाद हालात गंभीर बने हुए हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस आपदा के बाद कुल 403 नेपाली और विदेशी पर्यटक लापता हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या भारतीय पर्यटकों (133) की है, जिससे भारत में भी चिंता बढ़ गई है।

नेपाली अधिकारियों के अनुसार, लापता पर्यटकों में 62 नेपाली, 47 अमेरिकी, 34 ऑस्ट्रेलियाई, 33 ब्रिटिश और 24 कनाडाई नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा, मलेशिया, यूक्रेन, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, जापान, जर्मनी, फ्रांस, आयरलैंड, नीदरलैंड, रूस, स्पेन, बेलारूस, फ़िनलैंड, हंगरी, इजराइल, लिथुआनिया, पुर्तगाल और फिलीपींस के नागरिक भी लापता लोगों में शामिल हैं।

लापता भारतीयों की बढ़ सकती है संख्या 

अधिकारियों ने साफ किया है कि सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। आशंका है कि लापता भारतीयों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कई यात्रियों और पर्यटकों के बारे में पूरी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। नेपाल के रसुवा इलाक़े में आई इस भीषण बाढ़ से स्थानीय बुनियादी ढांचे और पर्यटन गतिविधियों को भारी नुकसान पहुँचा है। बचाव और राहत एजेंसियां ​​प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रही हैं और लापता लोगों की तलाश जारी है।

नेपाल में फंसे नागरिकों के लिए मदद

नेपाल में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए, महाराष्ट्र सरकार ने वहां फंसे राज्य के नागरिकों और पर्यटकों की मदद के लिए एक विशेष हेल्पलाइन और सूचना प्रणाली शुरू की है। महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नेपाल में फंसे नागरिकों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने और उन्हें जरूरी मदद पहुंचाने के लिए एक ऑनलाइन लिंक जारी किया है। मंत्रालय में राज्य कंट्रोल रूम को 24 घंटे चालू रखा गया है। प्रभावित नागरिकों और उनके परिवारों से अपील की गई है कि अगर उनका कोई रिश्तेदार या परिचित नेपाल में फंसा है, तो वे तुरंत प्रशासन को सूचित करें। 

लापता लोगों की तलाश जारी

राज्य कंट्रोल रूम ने एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (1070) और एक सीधा कंट्रोल रूम नंबर (+91-9321587143) भी जारी किया है। राज्य सरकार ने परिवार के सदस्यों से अनुरोध किया है कि वे नेपाल में फंसे लोगों के बारे में जानकारी—जैसे नाम, मोबाइल नंबर, नेपाल में मौजूदा स्थान या होटल की जानकारी, यात्रा का विवरण और परिवार के संपर्क नंबर—उपलब्ध कराएं, ताकि राहत और बचाव कार्यों में आसानी हो सके। नेपाल में चल रहे राहत और बचाव कार्यों के दौरान भारतीय और नेपाली एजेंसियां ​​आपसी तालमेल के साथ काम कर रही हैं। प्रशासन का कहना है कि लापता लोगों का पता लगाने और प्रभावित नागरिकों तक मदद पहुंचाने के प्रयास युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं।

WHO ने की मदद की घोषणा

इस बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी बाढ़ पीड़ितों के लिए जरूरी स्वास्थ्य और राहत सामग्री भेजने की योजना की घोषणा की है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, स्वास्थ्य और खाद्य स्वच्छता मंत्री निशा मेहता के साथ चर्चा के बाद, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि संगठन 1,000 लोगों के लिए पर्याप्त बुनियादी दवाएं और स्वास्थ्य उपकरण भेज रहा है। यह भी बताया गया कि प्रभावित क्षेत्रों में 15 आपातकालीन टेंट भेजे जा रहे हैं, जिनमें से प्रत्येक का आकार 24 वर्ग मीटर है।

काठमांडू के सभी अस्पताल अलर्ट पर

रासुवा में आई भीषण बाढ़ से लोगों की जान जाने के खतरे को देखते हुए, नेपाल सरकार ने अपना हेल्थ इमरजेंसी सिस्टम एक्टिवेट कर दिया है। घायलों के इलाज और जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत बड़े अस्पतालों में भेजने की व्यवस्था की गई है, साथ ही प्रभावित इलाकों में हेल्थकेयर वर्करों और मेडिकल सुविधाओं को अलर्ट पर रखा गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. समीर अधिकारी के अनुसार, बाढ़ की खबर मिलने के बाद से ही मंत्रालय हाई अलर्ट पर है। इसके अलावा, मंत्रालय के तहत हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर को भी एक्टिवेट कर दिया गया है।

ये भी पढ़ें:- नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ से भारी तबाही, 157 लोगों के शव बरामद और सैकड़ों पर्यटक लापता

 

अन्य प्रमुख खबरें