अब अगले पड़ाव के लिए रवाना हुआ आईएनएस सुदर्शिनी

खबर सार :-

भारतीय की नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी अब आगे के लिए रवाना हो गया है। कई देश सैन्य समझौते और प्रशिक्षण करते रहते हैं। इसे भी एक अहम कड़ी माना जाए।
पुर्तगाल से अब अगले पड़ाव के लिए रवाना हुआ आईएनएस सुदर्शिनी

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली : भारतीय नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी अब अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गया है। पिछले कुछ दिनों से यह कई देशों के करीब से गुजर चुका है। अभी तक इसका पूर्व पड़ाव पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में था। इसने अब लिस्बन भी छोड़ दिया है। 

लिस्बन से आगे बढ़ा आईएनएस सुदर्शिनी

भारतीय की नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी अब आगे के लिए रवाना हो गया है। इसका पूर्व पड़ाव पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में था। इसने अब लिस्बन भी छोड़ दिया है। पुर्तगाल में आईएनएस सुदर्शिनी की तीन दिवसीय यात्रा पूरी हुई है। इस दौरान दोनों देशों में मित्रवत संबंध दंखे गए। यात्रा के दौरान दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। माना जा रहा है कि भारतीय नौसेना के मौजूदा लोकायन 2026 अंतरमहाद्वीपीय समुद्री अभियान का यह भी एक हिस्सा थी। वर्तमान में भी कई देशों के बीच टकराव चल रहा है। ऐसे में नौसेना का समझौता और अभ्यास जरूरी हो जाता है। 

भारत के पड़ोस अभी तक बने हुए हैं विरोधी

भारत के पड़ोस भी अभी तक विरोधी बने हुए हैं। आईएनएस सुदर्शिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने पुर्तगाली नौसेना अकादमी के कमांडेंट रियर एडमिरल मिगुएल बेस्सा पाशेको से लिस्बन ठहराव के दौरान ही बातचीत की थीं। यह दौरा आगे चला तो वह पुर्तगाली नौसेना के उप बेड़ा कमांडर रियर एडमिरल जोआओ पाउलो सिल्वा परेरा से भी मिले। दोनों नौसेनाओं के बीच संस्थागत संबंधों को मजबूत करने ज्यादा जोर दिया गया। नौसेनाओं ने एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझने की पूरी कोशिश की।

दौरे मे मौजूद रहे भारतीय प्रशिक्षुओं ने अपने यहां पुर्तगाली समकक्षों से बातचीत कर उनकी कार्य करने के तरीके सीखे। अकादमी के ऐतिहासिक परिसर तथा प्रशिक्षण सुविधाओं के बारे में अपनी जिज्ञासा मिटाई। यहां पर रहे दोनों देशों के प्रशिक्षुओं ने समुद्री कौशल, नौकायन और बड़े पाल वाले प्रशिक्षण पोतों पर भविष्य के लिए मिलकर काम करने का निष्चय किया। भारतीय नौसेना के समुद्री प्रशिक्षुओं के लिए पुर्तगाली नौसेना अकादमी एस्कोला नावल जाना भी लिस्बन यात्रा में ही तय कर लिया गया। 

सहमति पर दोनों ने लिया निर्णय

इन यात्राओं के लिए माना गया है कि युवा नौसैनिक प्रशिक्षुओं को इनके जरिए एक-दूसरे की प्रशिक्षण पद्धतियों और समुद्री परंपराओं को समझने में मदद करते हैं। लिस्बन में आईएनएस सुदर्शिनी के डेक पर एक विशेष स्वागत समारोह काफी अच्छा कार्यक्रम था । इसमें पुर्तगाल के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, राजनयिक समुदाय के सदस्य और पुर्तगाल में रहने वाले भारतीय समुदाय के प्रतिनिधि मौजूद थे। असल में लोकायन 2026 अभियान के दौरान आईएनएस सुदर्शिनी का पुर्तगाल के पोंटा डेलगाडा और लिस्बन बंदरगाहों पर पहुंचना दो देशों से जुड़ा कार्यक्रम रहा। इसमें भारत और पुर्तगाल के बीच मजबूत और मित्रता महत्वपूर्ण था।

ऐसी यात्राएं मित्रता प्रदर्षित करतीं

 दोनों देशों ने आपसी सहममि के आधार पर निर्णय करने का निर्णय लिया है। यह प्रक्रिया केवल भारत की नहीं दुनिया के तमाम देश कर रहे हैं। इसकी यात्रा औपचारिक मुलाकात तक सीमित नहीं माना जाए, बल्कि यह दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही मित्रवत भाव भी प्रदर्षित करता है। प्रशिक्षण पोत भारतीय नौसेना का है। यह अपने अभियान के जरिए समुद्री प्रशिक्षण के साथ-साथ नौसैनिक कूटनीति का रास्ता बना रहा है। भारत की सेना भी कुछ महत्वाकांक्षी भी हो रही है। ज्यादा उदार से काम नहीं होने वाला है। 

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