भोटेकोशी नदी में जलस्तर बढ़ने से त्रिशूली तट पर हाई अलर्ट, नारायणी नदी से मिले 233 शवों में 4 की पहचान

खबर सार :-

नेपाल की भोटेकोशी नदी में बाढ़ का पानी दोबारा बढ़ने के कारण प्रशासन ने त्रिशूली नदी के निचले इलाकों में हाई अलर्ट घोषित किया है। रसुवा आपदा के बाद नारायणी नदी से 233 शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें से अब तक केवल चार की पहचान संभव हो पाई है।
Nepal Flood: भोटेकोशी में बढ़ा जलस्तर, त्रिशूली तट पर हाई अलर्ट जारी

खबर विस्तार : -

काठमांडू : नेपाल के पर्वतीय इलाकों में प्राकृतिक आपदा का संकट गहराता जा रहा है। चीन के सीमावर्ती क्षेत्र से भोटेकोशी नदी में जलस्तर अचानक बढ़ जाने के कारण प्रशासन ने रसुवा से लेकर मुग्लिन तक त्रिशूली नदी के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। जिला पुलिस कार्यालय रसुवा को शुक्रवार रात करीब 8:54 बजे सीमा पार चीन की तरफ से जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी होने की आधिकारिक सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद जल तथा मौसम विज्ञान विभाग की बाढ़ पूर्वानुमान शाखा और राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण ने संयुक्त रूप से चेतावनी जारी की है। तटीय इलाकों के निवासियों से अगली सूचना तक अत्यधिक सतर्कता बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।

चितवन में नारायणी नदी से मिले 233 शव, अस्पतालों में जगह की कमी

आपदा के बाद से नदियों में बहे लोगों के शव मिलने का सिलसिला जारी है। चितवन जिले से गुजरने वाली नारायणी नदी से अब तक 233 शव बरामद किए जा चुके हैं। इतनी बड़ी संख्या में शव मिलने के कारण स्थानीय स्वास्थ्य ढांचा और अस्पताल पूरी तरह से दबाव में आ गए हैं। जिला पुलिस कार्यालय चितवन के प्रमुख एसपी रामेश्वर पौडेल ने बताया कि भरतपुर अस्पताल में 158 शवों को रखा गया है। इसके अलावा शेष शवों को नारायणी अस्पताल, नेशनल सिटी अस्पताल और स्थानीय सामुदायिक अस्पताल में रखा गया है।

अस्पतालों में जगह कम पड़ने की वजह से 77 शवों को उद्योग वाणिज्य संघ के परिसर में रखना पड़ा है। एसपी पौडेल के मुताबिक, इन शवों को खराब होने से बचाने के लिए बर्फ की व्यवस्था करके सुरक्षित रखा जा रहा है। इसके साथ ही नदी से 62 कटे हुए हाथ, पैर और पंजे भी बरामद हुए हैं, जिन्हें भी सुरक्षा मानकों के तहत उद्योग वाणिज्य संघ के परिसर में ही रखा गया है।

केवल चार शवों की हो सकी पहचान, परिजनों को सौंपे जा रहे अवशेष

नदी से मिले 233 शवों में से पुलिस प्रशासन अब तक केवल चार लोगों की पहचान करने में सफल रहा है। पहचान किए गए चार लोगों में से तीन के शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं। 

  • रामकाजी पौडेल: बेत्रावती पुलिस चौकी में कार्यरत पुलिस सहायक निरीक्षक (एएसआई) रामकाजी पौडेल का शव मिलने के बाद परिजनों ने शुक्रवार को देवघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया। बेत्रावती चौकी पर तैनात 10 पुलिसकर्मियों में से 9 कर्मचारी बाढ़ के दौरान सुरक्षित निकल आए थे, लेकिन पौडेल लापता हो गए थे। 
  • कविराज चौधरी: बांके जिले के रहने वाले कविराज चौधरी का शव भी चितवन में मिला था, जिसे शुक्रवार को उनके परिवार ने प्राप्त कर लिया।
  • रमेश मगर: मकवानपुर निवासी रमेश मगर की पहचान होने पर उनका शव भी उनके रिश्तेदारों को सौंप दिया गया है।
  • भुवन थापा मगर: रसुवा के निवासी भुवन थापा मगर की पहचान हो चुकी है। हालांकि, उनके परिजन फिलहाल विदेश में हैं और उनके शनिवार तक नेपाल लौटने की संभावना है, जिसके बाद शव उन्हें सौंपा जाएगा।

रसुवा में तबाही के बाद अब भी जारी है तलाशी अभियान

बुधवार की सुबह रसुवा जिले में आई भीषण और विनाशकारी बाढ़ के कारण जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 579 तक पहुंच गई है।  बाढ़ के प्रचंड बहाव में कई घर, सड़कें और पुल बह गए हैं। घटना के बाद से ही सैकड़ों लोग लगातार लापता हैं। नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों और नदी के निचले बहाव वाले इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी और बचाव अभियान चला रही हैं।

नेपाल का रसुवा जिला अपने भौगोलिक परिवेश के कारण मानसून और अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के प्रति बेहद संवेदनशील माना जाता है। बुधवार को रसुवा में जलप्रलय के बाद नदियों का बहाव काफी तेज हो गया था, जिसके कारण नदी किनारे बसे गांव और बस्तियां प्रभावित हुईं। भोटेकोशी नदी का उद्गम तिब्बत (चीन) से होता है, जो आगे चलकर नेपाल में प्रवेश करती है और त्रिशूली नदी में मिलती है। त्रिशूली आगे जाकर नारायणी नदी का रूप लेती है। इसी कारण upstream (ऊपरी क्षेत्र) यानी चीन की ओर जलस्तर बढ़ते ही नेपाल के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो जाता है। वर्तमान में लापता लोगों की खोज और अज्ञात शवों की पहचान करना प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

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