नेपाल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हेलीकाॅप्टर से पहुंचाई जा रही राहत सामग्री, 123 लोगों को सुरक्षित निकाला

खबर सार :-

नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हेलीकाॅप्टर से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने बताया कि अभी तक 15 से ज्यादा उड़ानें भरी जा चुकी हैं।
नेपाल में राहत-बचाव कार्य तेज, 21 भारतीयों समेत 123 लोगों का रेस्क्यू

खबर विस्तार : -

काठमांडू: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने बताया कि भोटेकोशी बाढ़ से प्रभावित इलाकों में जरूरी राहत और मदद का सामान तेजी से पहुंचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री शाह के अनुसार, प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य के लिए आज सुबह 6:30 बजे हेलीकॉप्टर ऑपरेशन शुरू किए गए। अब तक 15 से ज्यादा उड़ानें भरी जा चुकी हैं और जरूरत पड़ने पर और हेलीकॉप्टर तैनात करने के लिए तैयार रखे गए हैं।

प्रधानमंत्री शाह ने बताया कि आज सुबह नेपाली सेना के बचाव अभियान के दौरान रसुवा के तिमुरे से 123 लोगों को सुरक्षित निकाला गया; इस समूह में 21 भारतीय नागरिक शामिल थे। इसी अभियान के दौरान, एक सुरंग में फंसे सात नेपाली नागरिकों को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया। उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाकों में जनरेटर, पोर्टेबल मोबाइल टावर, मेडिकल सप्लाई, टेंट और धातु व पत्थर काटने वाली मशीनें पहुंचाई जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आपदा प्रभावित इलाकों में मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी और मोबाइल फोन चार्जिंग के लिए जल्द ही अस्थायी इंतजाम किए जाएंगे।

नुवाकोट में बनाया गया अस्थायी कैंप

प्रधानमंत्री शाह ने जानकारी दी कि नुवाकोट में एक अस्थायी कैंप बनाया गया है, जहां खाने-पीने का सामान उपलब्ध है। उन्होंने सोशल मीडिया के ज़रिए बताया कि ड्रोन सर्वे के जरिए सभी प्रभावित इलाकों की जानकारी जुटाने का काम अंतिम चरण में है। हेलीकॉप्टर से लोगों को निकालने के दौरान गंभीर रूप से बीमार लोगों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी।

भोटेकोशी नदी से 177 शव बरामद

नेपाल दूतावास ने बताया कि गुरुवार सुबह तक, पानी से जुड़ी इस त्रासदी के बाद भोटेकोशी नदी से 177 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। पुलिस ने एक सूचना में कहा कि ये शव भोटे कोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों के निचले इलाकों में कई जिलों की नदी के किनारों से बरामद किए गए। इन जिलों में रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन, गोरखा, तनहुं, नवलपरासी (पूर्व) और नवलपरासी (पश्चिम) शामिल हैं।

ये भी पढ़ेंः- नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ से भारी तबाही, 157 लोगों के शव बरामद और सैकड़ों पर्यटक लापता

नेपाल दूतावास ने भारत सरकार का जताया आभार

नई दिल्ली में नेपाल दूतावास ने 26 अगस्त को नेपाल में आई भीषण बाढ़ से हुई भारी तबाही के बीच भारत सरकार और वहां के लोगों द्वारा दी गई त्वरित मानवीय सहायता के लिए आभार व्यक्त किया है। दूतावास ने कहा कि भारत के सहयोग और एकजुटता ने इस कठिन समय में नेपाल को मजबूती प्रदान की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में दूतावास ने लिखा, "इस कठिन समय में नई दिल्ली में नेपाल दूतावास भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता है। उन्होंने नेपाल सरकार और वहां के लोगों के प्रति अपनी संवेदना, प्रार्थना और एकजुटता व्यक्त की है।" 

आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की अपील

दूतावास ने कहा कि वह इस आपदा से प्रभावित विदेशी नागरिकों के बारे में भारत के विदेश मंत्रालय, अन्य संबंधित भारतीय अधिकारियों और विभिन्न राजनयिक मिशनों के साथ लगातार संपर्क और तालमेल बनाए हुए है। यह देखते हुए कि स्थिति अभी भी बदल रही है, दूतावास जनता और मीडिया से अनुरोध करता है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर भरोसा करें और बिना पुष्टि वाली रिपोर्ट, प्रभावित व्यक्तियों की निजी जानकारी या फंड इकट्ठा करने की अनधिकृत अपील शेयर करने से बचें।

21 भारतीयों सहित 123 लोगों को सुरक्षित बचाया

नेपाल के रसुवा में बुधवार को भोटेकोशी नदी में आई भयानक बाढ़ के बाद युद्ध स्तर पर खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। नेपाली सेना ने आज सुबह 123 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला; इस समूह में 21 भारतीय पर्यटक भी शामिल थे। सेना के अनुसार, टिमुुरे इलाके से 95 लोगों को बचाया गया, हाकू में एक पनबिजली परियोजना की सुरंग से सात लोगों को जीवित निकाला गया और लापता 21 भारतीय पर्यटकों को भी सुरक्षित बचा लिया गया। सेना ने बताया कि प्रभावित इलाके की अन्य सुरंगों में फंसे लोगों का पता लगाने की कोशिशें जारी हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे हैं।

12 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह बंद

रसुवा में भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ से नेपाल की कुल बिजली उत्पादन क्षमता का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हुआ है। बाढ़ के कारण बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे बिजली आपूर्ति का काम मुश्किल हो गया है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ की वजह से कुल 431.1 मेगावाट क्षमता वाले 12 बिजली उत्पादन संयंत्र बंद हो गए हैं। निर्माणाधीन 15 जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है; इन परियोजनाओं की कुल क्षमता लगभग 470 मेगावाट है। इस बीच, विभिन्न बिजली परियोजनाओं और सुविधाओं पर तैनात 196 से अधिक कर्मचारियों और श्रमिकों से संपर्क टूट गया है। ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्री बिराज भक्त श्रेष्ठ ने कहा कि खोज और बचाव अभियान जारी है।

ये भी पढ़ेंः- नेपाल में बाढ़ के बाद हालत गंभीर, 403 पर्यटक लापता; महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

अन्य प्रमुख खबरें