मध्य प्रदेश के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, सतना में स्कूल बंद, चित्रकूट में बाढ़ से हालात बिगड़े

खबर सार :-

मध्य प्रदेश के पूर्वी इलाके में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने रीवा, शहडोल समेत 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मध्य प्रदेश में बारिश से जनजीवन प्रभावित, 11 जिलों में अलर्ट

खबर विस्तार : -

भोपाल: मध्य प्रदेश में एक बार फिर बारिश तेज हो गई है। पूर्वी इलाके में सक्रिय एक मजबूत मौसम प्रणाली के कारण कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। रविवार को शहडोल के बाणसागर बांध के छह गेट खोलने पड़े। सिंगरौली में भारी बारिश हुई, जबकि मंडला और सतना के चित्रकूट इलाके में बाढ़ के कारण हालात बिगड़ गए। हालांकि नदियों का जलस्तर थोड़ा कम हुआ है, लेकिन कई इलाकों में बाढ़ से हुई तबाही साफ दिख रही है। सोमवार के लिए पूर्वी इलाके के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

राज्य के कई हिस्सों में देर रात तक बारिश होती रही। बाढ़ प्रभावित सतना में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक स्कूल बंद रखने की घोषणा की गई है। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, डिंडोरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सतना, सिंगरौली, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं भारी तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

सीएम ने लिया बाढ़ का जायजा

रविवार को चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर लगभग 30 फीट तक पहुंच गया। गोरगी बांध टूटने के बाद कई इलाके जलमग्न हो गए। तेज बहाव में रामघाट का बड़ा पुल बह गया। बाढ़ का पानी उतरने के बाद घरों और सड़कों पर गाद, मलबा और कीचड़ जमा हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए चित्रकूट का दौरा किया। उन्होंने राहत शिविर में प्रभावित लोगों से मुलाकात की और राहत सामग्री बांटी। मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में अतिक्रमण को भी बाढ़ के संभावित कारणों में से एक बताया।

बाणसागर बांध के 6 गेट खोले गए

लगातार बारिश के कारण शहडोल का बाणसागर बांध भी भर गया है। यहां पानी का बहाव 12 घंटों में 808.64 क्यूमेक से बढ़कर 2,677.29 क्यूमेक हो गया। बांध का जलस्तर अभी पिछले साल की तुलना में 13 सेंटीमीटर अधिक है। स्थिति को देखते हुए, रविवार को दोपहर 12:00 बजे बांध के छह गेट खोले गए। इसके बाद निचले इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया गया।

तीन दिन भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने सितंबर के शुरुआती तीन दिनों में कई जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें सीधी, उमरिया, मंडला, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम शामिल हैं। इन क्षेत्रों में 24 घंटे की अवधि में 4 से 8 इंच बारिश होने की उम्मीद है।

जलाशयों के जलस्तर में सुधार

लगातार बारिश से राज्य के जलाशयों में जलस्तर में सुधार हुआ है। अधिकांश बांध 70 प्रतिशत क्षमता तक भर चुके हैं और कुछ के गेट खोलने पड़े हैं। हालांकि, इंदौर और उज्जैन संभागों में बांधों की स्थिति में अभी तक सुधार नहीं हुआ है। भोपाल के 'बड़ा तालाब' (अपर लेक) का जलस्तर 1,666.50 फीट तक पहुंच गया है; अब इसमें केवल 0.30 फीट की क्षमता शेष है। झील के पूरी तरह भरने के बाद भदभदा बांध के गेट खोल दिए जाएंगे। वहां से छोड़ा गया पानी कलियासोत बांध में जाएगा, जिससे उसका जलस्तर भी बढ़ जाएगा।

राज्य में अब तक 27.2 इंच बारिश

IMD (मौसम केंद्र) के अनुसार, राज्य में अब तक 700 मिमी, यानी 27.2 इंच बारिश हुई है। इसके बावजूद, सामान्य बारिश के स्तर की तुलना में अभी भी कमी बनी हुई है। अब तक सामान्य वर्षा 30.4 इंच (772.3 मिमी) तक पहुंच जानी चाहिए थी; हालांकि, वास्तविक वर्षा 3.2 इंच कम है। कुल वर्षा सामान्य से 9 प्रतिशत कम है। पूर्वी क्षेत्र में 5 फीसदी कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में औसत से 12 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश 19 फीसदी तक कम हुई है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्ना, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ जैसे जिलों में 1 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक वर्षा की कमी दर्ज की गई है।

पश्चिमी क्षेत्र के आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा जिलों में सामान्य से 1 प्रतिशत से 51 प्रतिशत तक कम वर्षा हुई है। इसके विपरीत, अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

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