जबलपुर में देररात तक चला “महान” नाटक का 57 वां मंचन, नागपुर के लोग मौजूद रहे

खबर सार :-

मध्य प्रदेश के जबलपुर में संस्कृत विभाग का सहयोग मिलने से बीती देर शाम मानस भवन में एक भव्य आयोजन हुआ। यह आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आद्य सरसंघचालक युग प्रवर्तक डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार विषय पर आधारित महानाट्य मंचन के दौरान हुआ। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में नागपुर के लोग मौजूद रहे।
जबलपुर में देररात तक चला “महान” नाटक का 57 वां मंचन, नागपुर के लोग मौजूद रहे

खबर विस्तार : -

जबलपुर, मध्य प्रदेश के जबलपुर में संस्कृत विभाग का सहयोग मिलने से बीती देर शाम मानस भवन में एक भव्य आयोजन हुआ। यह आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आद्य सरसंघचालक युग प्रवर्तक डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार विषय पर आधारित महानाट्य मंचन के दौरान हुआ। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में नागपुर के लोग मौजूद रहे। नाथ ब्रह्म संस्था के कलाकारों ने डॉक्टर हेडगेवार के जीवन और उनसे संबंधित संघर्षों पर आधारित विचारों को जीवंत कर दिया। मंच पर उनकी प्रस्तुतियों को देखकर लोग वाह वाह करते नजर आए।

लोक निर्माण मंत्री ने लोगों को संबोधित किया

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह मुख्य रूप से मौजूद थे। विशिष्ट अतिथियों में उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति दिनेश कुमार पालीवाल उद्योगपति समाजसेवी भी वहां मौजूद रहे। समाज सेवी एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में कैलाश गुप्ता ने कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा की। लोक निर्माण मंत्री ने इस दौरान लोगों को संबोधित भी किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर हेडगेवार जैसे महान व्यक्ति के बारे में बोलना अपने आप में बड़े ही सौभाग्य की बात होती हैै। यह भी जिम्मेदारी होती है कि बोलते समय उन पर शब्द-शब्द की जिम्मेदारी है। समाज में किसी भी व्यक्ति के कार्यों का मूल्यांकन तभी हो पता है, जबकि उसके विचार और उसके आधार से एक लंबे समय तक प्रभावशाली रहे हो डॉक्टर हेडगेवार ने अपने 51 वर्ष की जीवन में मात्र 15 सालों का संघर्ष इस तरह से किया, जैसे संगठन की उन्होंने न्यू रखी और वह आज विश्व के लिए आश्चर्य विषय बने हुए हैं।

मंत्री सिंह ने कहा कि डॉक्टर हेडगेवार के मन में बचपन से ही देश की आजादी और राष्ट्र का निर्माण करने का ऐसा संकल्प रहा, जिसके लिए वह प्रफुल्लित ही नहीं सदैव प्रयत्नशील भी रहे हैं। क्रांतिकारी भी रहे हैं और शिक्षा के लिए वह सतत प्रयत्नशील रहे हैं। स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने देश की आजादी के लिए काम किया और जंगल से संबंधित कानून 1930 के विरोध में सत्याग्रह करने पर एक वर्ष का कठोर कारावास भी भुगता। उन्होंने कहा कि डॉक्टर हेडगेवार केवल देश की स्वतंत्रता तक ही सीमित नहीं रहे, वह भारत का निर्माण करने के लिए ज्यादा ही परेशान रहे और उसके लिए सतत प्रयत्नशील रहे। जानकारी देते हुए बताया कि उनके उद्देश्य थे और वह पूरा करने के लिए 1925 में स्वयंसेवक संघ की स्थापना की।

कई राज्यों में इसका प्रदर्शन हुआ

अपना सारा जीवन देश का निर्माण करने में दिया। उनका चरित्र आज भी उदाहरण बना हुआ है। जो प्रयास उन्होंने किए हैं, उसका परिणाम भी दिख रहा है। आज संघ विश्व की सबसे बड़ी स्वयंसेवी संगठनों में एक है। यह देश के लिए हमेशा ही जूझता रहा है। मंत्री ने कहा कि यदि हम डॉक्टर हेडगेवार क। जीवन से प्रेरणा ले लें तो हमें काफी कुछ सीखने को मिल जाएगा। उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तो यही होगी कि हम उनका अनुसरण करें। जनता की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि जो महान नाटक का मंचन हो रहा है, वह उनके जीवन और विचारों को सहज करने के लिए पर्याप्त है।

यह प्रस्तुति समाज और राष्ट्र के प्रति एक बेहतर सोच को प्रदर्शित करने में मददगार हो रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत में ही नागपुर की नाथ ब्रह्मा द्वारा निर्मित युग प्रवर्तक डॉक्टर हेडगेवार महान नाटक का 57 वां मंचन था। इस नाटक की तमाम सारी प्रस्तुतियां पहले हो चुकी हैं। 1951 प्रस्तुतियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक महाराष्ट्र गोवा छत्तीसगढ़ कर्नाटक राजस्थान की अलावां भी कई राज्यों में इसका प्रदर्शन हुआ है। मध्य प्रदेश में इस बार आठवां प्रदर्शन रहा है। इस महान कार्यक्रम के संयोजक निखिल देशकर थे। कार्यक्रम की सफलता के लिए महीनों पहले से ही प्रयास किए जाते हैं।

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