सूरत की टेक्सटाइल मार्केट में 18 दुकानें राख, बुझाने में हांफ गए 150 दमकल कर्मी
खबर सार :-
इमारत की चौथी और पांचवीं मंजिल पर आग लगी थी। आग बुझाने में दमकल की 25 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। टर्नटेबल हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और लगभग 150 दमकलकर्मी आग बुझाने में लगाए गए।
खबर विस्तार : -
सूरत : गुजरात के सूरत में बुधवार देर रात एक टेक्सटाइल मार्केट में भीषण आग लग गई। जब तक आग बुझी, कई दुकानें जलकर राख हो चुकी थी। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। आग लगने के अलग-अलग कारण बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, सूरत के सरोली इलाके में स्थित श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में रात को आग लगी थी। इसकी लपटें इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते आग की चपेट में कई दुकानें आ गईं। दूर तक लपटें और धुएं का गुबार दिखाई दे रहा था। बुझाने के लिए उस समय वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं थी। रात करीब 12.50 बजे आग लगने की सूचना फायरब्रिगेड को दी गई थी। इसके बाद वहां से काफी बड़ी टीम आग बुझाने के लिए आई थी।
कंट्रोल रूम को रात 12.50 बजे आग की सूचना मिली
इमारत की चौथी और पांचवीं मंजिल पर आग लगी थी। आग की घटना इतनी भयावह थी कि इसकी सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 25 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। मामला चौथी मंजिल का था, इसलिए टर्नटेबल हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और लगभग 150 दमकलकर्मी मौके पर बुलाए गए। बिल्डिंग की ऊंचाई अधिक होने पर आग बुझाने में दमकल कर्मियों को भी तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा। घटना के बारे में सूरत नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी बसंत पारिख ने बताया कि सरोली में श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में लगी आग काफी खतरनाक रही।
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चौथी-पांचवीं मंजिल में धुएं के कारण कुछ भी नहीं दिख रहा था
उन्होंने मीडिया को बताया कि फायर ब्रिगेड कंट्रोल रूम को रात करीब 12.50 बजे आग की सूचना मिली थी। जानकारी पाते ही तीन गेटों से गाड़ियां भेजी गईं। बता दें कि मुख्य अग्निशमन अधिकारी बसंत पारिख ही हैं। उनका कहना है कि घटनास्थल पर पहुंचने के बाद अधिकारियों को जानकारी दी गई। चौथी और पांचवीं मंजिलें में लगी आग की लपटों और धुएं के कारण केवल अंधेरा जैसा दिख रहा था। उसके बाद ब्रिगेड कॉल घोषित की गई। पूरी टीम भी यहां कुछ कर पाने की स्थिति में नहीं रही। इसलिए दूसरे इलाकों से और फायर टेंडर बुलाए गए। जब 20 से 22 फायर गाड़ियां, हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और टर्नटेबल लैडर मौके पर आग बुझाने में लगीं तब जाकर राहत हुई।
30 मीटर ऊंचाई पर दुकानों के ताले काटकर आग बुझाई
करीब 30 मीटर की ऊंचाई पर आग बुझाई जा रही थी। सभी दुकानों के शटर बंद थे। इससे और परेशानी हुई, जल्द ही दुकानों के ताले तोड़कर या शटर काटकर आग बुझाने के प्रयास हुए। छठी मंजिल की लगभग 17 से 18 दुकानें पूरी तरह जलकर जल चुकी हैं। अभी कई और दुकानों की जानकारी फायरब्रिगेड की लिस्ट में नहीं है। दरअसल, यह मार्केट टेक्सटाइल की है। यह सिंथेटिक सामग्री है। इसमें आग पेट्रोल की तरह काम करती है। इसलिए आग ज्यादा भयावह हुई। यहां दुकानों में पार्सल और कपड़ों का भारी स्टॉक भी था। खुद फोस्टा सूरत के चेयरमैन कैलाश हकीम और व्यापारी प्रमोद जैन ने बताया कि यह पूरा मार्केट पॉलिस्टर और पेट्रोकेमिकल आधारित टेक्सटाइल का है।
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