सागर में जहरीली शराब से 12 मौतें, 30 से ज्यादा आरोपियों पर केस, 10 हिरासत में

खबर सार :-

मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब से करीब 12 मौतों के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। मामले में 30 से अधिक नामजद आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया है, 10 आरोपी हिरासत में लिए गए हैं और 84 मरीजों का इलाज जारी है।
सागर जहरीली शराबः 30 से ज्यादा आरोपियों पर केस, 12 मौतें

खबर विस्तार : -

भोपालः मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। बांदा तहसील क्षेत्र में सामने आए इस हादसे में अब तक करीब 12 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि जहरीली शराब के सेवन से बीमार 84 लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मामले में पुलिस ने 30 से अधिक नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इनमें से 10 आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक

अधिकारियों के मुताबिक, प्रभावित मरीजों में 59 लोगों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी), 17 को जिला अस्पताल और 7 लोगों को बांदा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक मरीज की हालत गंभीर होने पर उसे एयरलिफ्ट कर भोपाल स्थित एम्स भेजा गया है। प्रशासन का कहना है कि मरीजों को उपचार के लिए जरूरी दवाएं, जांच की सुविधाएं और डायलिसिस जैसी आवश्यक चिकित्सा सेवाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

सोमवार सुबह उपमुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला की अध्यक्षता में मामले को लेकर समीक्षा बैठक हुई। सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बैठक में घटना की स्थिति और मरीजों को उपलब्ध कराए जा रहे इलाज की जानकारी दी। बैठक के बाद राजेंद्र शुक्ला ने अस्पतालों का दौरा कर आईसीयू और सीसीयू वार्ड में भर्ती मरीजों का हाल जाना। उन्होंने मरीजों के परिजनों से भी मुलाकात की और चिकित्सकों से इलाज की स्थिति के बारे में जानकारी ली।

जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई

राजेंद्र शुक्ला ने अधिकारियों को जिले में अवैध शराब की बिक्री और सप्लाई पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी शराब दुकानों का निरीक्षण करने, स्टॉक की जांच करने और अवैध शराब के कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क की विस्तृत जांच करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या चूक सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन का फोकस फिलहाल प्रभावित लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और जहरीली शराब की सप्लाई से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने पर है।

भर्ती मरीजों की हालत में सुधार

शुरुआती जांच में सामने आया है कि जहरीली शराब का निर्माण प्रभावित इलाके के बाहर किया गया था और बाद में इसे स्थानीय स्तर पर सप्लाई किया गया। जांच में शराब में मेथनॉल की मिलावट की बात सामने आई है। इसी वजह से पुलिस और प्रशासन अब शराब की सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, अस्पतालों में भर्ती अधिकतर मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। राहत की बात यह भी है कि इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वाले नए मरीजों की संख्या में कमी आई है। हालांकि, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

नेटवर्क का पता लगाने के लिए बनी टीम

सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि बांदा पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता और मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की संबंधित धाराओं के तहत 20 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें से 10 आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

एसपी के मुताबिक, विनायक थाने में भी 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ अलग मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी और अवैध शराब के नेटवर्क का पता लगाने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। इन टीमों द्वारा संदिग्ध ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। इस घटना के बाद प्रशासन ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। अब जांच का मुख्य फोकस जहरीली शराब के निर्माण, मेथनॉल की उपलब्धता, सप्लाई नेटवर्क और इस पूरे कारोबार में शामिल अन्य लोगों की पहचान पर है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

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