निशु आजाद के पिता पर हमले का आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज बुलंदशहर से हिरासत में, दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तेज

खबर सार :-

निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमले के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने बुलंदशहर से हिरासत में लिया। जानिए इस मामले से जुड़ी सभी अपडेट्स और पूरी पृष्ठभूमि।
स्वतंत्र भारद्वाज बुलंदशहर से हिरासत में, निशु आजाद मामला

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमले के मुख्य आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से शुक्रवार, 4 सितंबर को हिरासत में ले लिया है। पुलिस आरोपी को बुलंदशहर के चोला थाने ले गई है, जहां उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। यह पूरा मामला जून महीने में जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार को आई गंभीर चोटों से जुड़ा है, जिसके बाद से लगातार विभिन्न संगठनों द्वारा कार्रवाई की मांग की जा रही थी।

इस मामले के तूल पकड़ने की मुख्य वजह आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज का सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वह वीडियो था, जिसमें उसने खुद संजय कुमार पर हमला करने और उसे गंभीर चोटें पहुंचाने का जिक्र किया था। वीडियो सामने आने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), कांग्रेस और आजाद समाज पार्टी के नेता तथा कार्यकर्ता सक्रिय हो गए। सीजेपी से जुड़े नेताओं और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद सहित कई कार्यकर्ता दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों और पुलिस अधिकारियों के बीच करीब दो घंटे चली लंबी बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया कि आरोपी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। साथ ही, पीड़ित संजय कुमार का दोबारा मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा और रिपोर्ट के आधार पर मामले में हत्या के प्रयास यानी धारा 307 के तहत भी कार्रवाई जोड़ी जाएगी। सीजेपी और अन्य संगठनों ने पुलिस को चेतावनी दी थी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध प्रदर्शन तेज किया जाएगा।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं

इस कार्रवाई के बीच विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक्टिविस्ट निशु आजाद का समर्थन किया और उन्हें ढांढस बंधाया। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए यह भी पूछा कि क्या ऐसे आरोपियों को सत्ताधारी दल के लोगों का संरक्षण प्राप्त है? वहीं, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और प्रवक्ता सौरव दास ने भी पुलिस की शुरुआती सुस्ती पर सवाल उठाए और जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की मांग की।

आरोपी की सफाई और वायरल वीडियो

मामले के बढ़ने पर आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज ने मीडिया के सामने अपनी सफाई देते हुए दावा किया था कि उसने आत्मरक्षा में संजय कुमार पर हमला किया था। वायरल वीडियो में उसने कुछ राजनीतिक हस्तियों के नाम भी लिए थे, जिसके बाद विपक्षी दलों ने उसे सत्ता का संरक्षण मिलने का दावा किया था। हालांकि, बाद में आरोपी ने मीडिया साक्षात्कार में यह भी कहा कि उसने वे नाम केवल मजे के लिए लिए थे और उसका किसी से कोई संबंध नहीं है।

घटना की पृष्ठभूमि और आगे की कार्रवाई

यह पूरा विवाद 23 जून को CJP के आंदोलन के दौरान शुरू हुआ था, जब प्रदर्शन स्थल पर संजय कुमार के सिर में गंभीर चोटें आई थीं। परिवार और संगठनों का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने शुरुआती दौर में मामले को गंभीरता से नहीं लिया और हल्की धाराएं दर्ज कीं। इसके अतिरिक्त, दिल्ली में जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस के फेशियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर से जुलाई माह में कई संदिग्धों की पहचान का मामला भी चर्चा में रहा था। अब स्वतंत्र भारद्वाज के हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस इस पूरे प्रकरण में आगे की कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।

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