राजनाथ सिंह ने जापानी रक्षा मंत्री का किया स्वागत, बोले- रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने को उत्सुक

खबर सार :-

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जापानी रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी की शुभकामनाओं का स्वागत किया। उन्होंने आगामी जापान यात्रा में रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की बात कही। बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने कहा था कि थियो फ्रैंकेन के साथ उनकी बेहद सार्थक बैठक हुई।
राजनाथ सिंह बोले- जापान से साझेदारी को और मजबूत करने के लिए उत्सुक

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी की ओर से भेजी गई शुभकामनाओं का स्वागत करते हुए उनका आभार जताया है। राजनाथ सिंह ने अपने जापानी समकक्ष को ‘मित्र’ कहकर संबोधित किया और कहा कि उन्हें उनका संदेश प्राप्त हुआ है। यह संदेश भारत दौरे पर आए बेल्जियम के रक्षा और व्यापार मंत्री थियो फ्रैंकेन ने राजनाथ सिंह तक पहुंचाया।

राजनाथ सिंह ने कहा कि वह अपनी आगामी जापान यात्रा के दौरान भारत और जापान के बीच पहले से मजबूत रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने के लिए उत्सुक हैं। दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच इस व्यक्तिगत जुड़ाव को भारत-जापान संबंधों में बढ़ती निकटता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने इससे पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए बताया था कि उन्होंने बेल्जियम के रक्षा और व्यापार मंत्री थियो फ्रैंकेन से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने फ्रैंकेन से राजनाथ सिंह तक अपनी शुभकामनाएं पहुंचाने का आग्रह किया था।

भारत यात्रा पर पहुंचे थियो फ्रैंकेन ने नई दिल्ली में राजनाथ सिंह के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान जापानी रक्षा मंत्री का यह संदेश साझा किया। राजनाथ सिंह ने इसके लिए अपने जापानी समकक्ष और बेल्जियम के मंत्री दोनों का आभार व्यक्त किया। इस घटनाक्रम ने तीनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच संवाद और सहयोग के एक अनूठे पहलू को भी सामने रखा है।

भारत-बेल्जियम रक्षा संबंधों पर हुई अहम चर्चा

इससे पहले 3 सितंबर को नई दिल्ली में राजनाथ सिंह और थियो फ्रैंकेन के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय बैठक हुई थी। बैठक में भारत और बेल्जियम के बीच रक्षा संबंधों की व्यापक समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने रक्षा औद्योगिक सहयोग के विभिन्न पहलुओं के साथ-साथ भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच साझेदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इसका उद्देश्य बेल्जियम की उन्नत तकनीकी क्षमताओं को भारत के कुशल मानव संसाधन, विनिर्माण क्षमता और रक्षा औद्योगिक आधार के साथ जोड़ना है।

रक्षा क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों, समझौता ज्ञापनों और अनुबंधों पर भी हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों के माध्यम से दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच संयुक्त उत्पादन और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।

हथियारों से लेकर समुद्री सुरक्षा तक सहयोग

भारत और बेल्जियम के बीच प्रस्तावित रक्षा औद्योगिक सहयोग के तहत हथियारों के कलपुर्जों, समुद्री सुरक्षा प्रणालियों और उन्नत सैन्य तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में संयुक्त उत्पादन और विकास पर जोर दिया जा रहा है। इससे दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच तकनीकी साझेदारी बढ़ने की उम्मीद है। इस सहयोग का एक प्रमुख उद्देश्य बेल्जियम की उन्नत तकनीक और विशेषज्ञता का लाभ भारत की बढ़ती रक्षा विनिर्माण क्षमता के साथ जोड़ना है। इससे घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच सामरिक और आर्थिक संबंधों को भी नई गति मिलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों और रक्षा औद्योगिक सहयोग के पूरे दायरे की समीक्षा की गई है।

भारत-जापान रक्षा साझेदारी पर नजर

राजनाथ सिंह की जापान यात्रा को लेकर भी दोनों देशों के रक्षा संबंधों में नई प्रगति की उम्मीद की जा रही है। भारत और जापान के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा, समुद्री सहयोग और रक्षा तकनीक समेत कई क्षेत्रों में लगातार सहयोग बढ़ा है। जापानी रक्षा मंत्री की शुभकामनाएं मिलने के बाद राजनाथ सिंह ने जिस तरह उन्हें ‘मित्र’ कहकर संबोधित किया और आगामी जापान यात्रा में रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की बात कही, उससे दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों की प्राथमिकता स्पष्ट होती है।

इस पूरे घटनाक्रम में बेल्जियम की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि थियो फ्रैंकेन ने जापानी रक्षा मंत्री का संदेश सीधे भारतीय रक्षा मंत्री तक पहुंचाया। ऐसे में एक ओर भारत-बेल्जियम रक्षा औद्योगिक सहयोग को मजबूती मिल रही है, वहीं दूसरी ओर भारत-जापान रणनीतिक और रक्षा साझेदारी को भी आगे बढ़ाने के संकेत मिले हैं।

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