स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तारी मामला: दलित छात्रा के पिता पर हमले के आरोपी की गिरफ्तारी की मांग, दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

खबर सार :-

जंतर-मंतर पर दलित छात्रा के पिता पर हमले के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस को घेरा। जानिए पूरी खबर और पुलिस का पक्ष।
स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तारी मामला: कांग्रेस की मांग और दिल्ली पुलिस का पक्ष

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान एक दलित छात्रा के पिता के साथ हुई मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस पार्टी ने इस घटना को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर कड़ा हमला बोला है और आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज की 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी की मांग की है। पार्टी ने महिला पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के मुद्दों को उठाते हुए कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

यह पूरा विवाद 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान सामने आया था, जहां दलित छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित रूप से मारपीट की गई थी। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी के रूप में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। घटना के बाद आरोपी का एक पॉडकास्ट वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद यह मामला एक राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया।

वायरल वीडियो और राजनीतिक कनेक्शन

सामने आए वीडियो में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज कथित तौर पर घटना का जिक्र करते हुए नजर आता है, जिसके बाद विपक्ष ने उसके राजनीतिक संबंधों को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और कुछ अन्य सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने आरोपी की कई राजनीतिक हस्तियों और मंत्रियों के साथ तस्वीरें साझा की हैं। इन तस्वीरों में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और अन्य एनडीए नेताओं के साथ उसकी मौजूदगी के दावे किए गए हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

पुलिस का पक्ष और स्पष्टीकरण

इन तमाम आरोपों के बीच दिल्ली पुलिस ने किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव या हस्तक्षेप के दावों को सिरे से खारिज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिकॉर्ड के अनुसार पीड़ित को गंभीर चोट या खोपड़ी में फ्रैक्चर जैसी कोई गंभीर चोट नहीं आई है। पुलिस के मुताबिक, चोटें सामान्य प्रकृति की थीं और नियमानुसार आरोपियों को कानूनी नोटिस जारी कर पूछताछ की जा चुकी है। इस मामले में जल्द ही अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। वहीं, विवाद बढ़ने के बाद आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज ने भी अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि उसने वीडियो में जो बातें कहीं थीं, वे मजाक या व्यंग्य के रूप में थीं।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और महिला सुरक्षा के मुद्दे

इस पूरे घटनाक्रम के साथ-साथ देश की राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े कई अन्य मामले भी चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान निशु आजाद के अलावा महिला पत्रकारों शाहीन खान और नफीसा खान के साथ कथित मारपीट और अन्य महिला कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किए जाने का मुद्दा उठाया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई न होने से अपराधियों के हौसले बुलंद होते हैं। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर और अधिक सख्ती बरते जाने की मांग की जा रही है, ताकि सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

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