Janmashtami 2026:  भजनों, शंख और घंटियों की गूंज के बीच घर-घर जन्मे कान्हा, खुशी से झूमे भक्त

खबर सार :-

मथुरा में कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। उन्होंने भगवान कृष्ण के दर्शन किए, विधि-विधान से पूजा-अर्चना की
नंद के आनंद भयो...भजनों, शंख और घंटियों की गूंज के बीच घर-घर जन्मे कान्हा

खबर विस्तार : -

Janmashtami 2026: देश भर के मंदिरों में जन्माष्टमी मनाई जा रही है। शुक्रवार की आधी रात को मथुरा-वृंदावन से लेकर जगन्नाथ पुरी और द्वारका तक भगवान कृष्ण का जन्म हुआ। जैसे ही घड़ी में 12 बजे, "हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की" के जयकारों के साथ हर तरफ खुशी और उत्साह का माहौल छा गया। यह भगवान कृष्ण के जन्म का वाकई एक अद्भुत पल था।

 देश और विदेश दोनों जगहों पर खास कार्यक्रम आयोजित किए गए। चाहे कृष्ण की पवित्र नगरी मथुरा हो या दिल्ली-एनसीआर, द्वारका या बेंगलुरु, हर तरफ जन्माष्टमी के जश्न का उत्साह दिखाई दे रहा था। भगवान कृष्ण की 5,253वीं जयंती मनाई गई।

सुबह से ही मंदिरों में लगा रहा भक्तों का तांता

उत्तर प्रदेश के मथुरा में यह त्योहार बहुत खुशी और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। आधी रात होते ही मंदिर भगवान कृष्ण के जयकारों से गूंज उठे और भक्त आरती में लीन हो गए। शुक्रवार सुबह से ही भगवान के जन्मस्थान पर भक्तों का लगातार आना-जाना लगा रहा; देश के कोने-कोने से श्रद्धालु कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना करने आए।

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मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि स्थल पर, रात 11:00 बजे पूजा-अनुष्ठान शुरू हुए, जिसमें भगवान गणेश का आह्वान और नवग्रह (नौ ग्रह) की स्थापना शामिल थी। रात 11:55 बजे तक कमल के फूलों और तुलसी के पत्तों से 'सहस्रार्चन' किया गया। रात 11:59 बजे भागवत भवन में मुख्य देवताओं  के गर्भगृह के दरवाजे बंद कर दिए गए। उस एक मिनट के दौरान भक्तों को ऐसा लगा जैसे घंटों बीत रहे हों। ठीक आधी रात को, भगवान कृष्ण की चल प्रतिमा को भागवत भवन लाया गया, जहां चांदी के कमल के फूल पर विराजमान देवता का अभिषेक किया गया। 

राजस्थान में दी गई 21 तोपों की सलामी 

इस दौरान जन्मस्थान पर ढोल-नगाड़े और घंटे-घड़ियाल गूंजते रहे। झांझ-मजीरे, मृदंग और शंख की मंगलध्वनि के बीच कान्हा के बधाई गीत गुंजायमान हो उठे। जन्म के बाद कान्हा की आरती की गई। राजस्थान के नाथद्वारा में भगवान को 21 तोपों की सलामी दी गई। अहमदाबाद के इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर खास तैयारियां की गई हैं। इस बार 300 ड्रोन के जरिए भगवान कृष्ण की लीलाएं दिखाई गईं। इस बीच, बिहार के पटना में इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी के मौके पर भगवान कृष्ण का अभिषेक 108 चांदी के बर्तनों से किया गया। मंदिर को सजाने के लिए लगभग 8 टन अलग-अलग तरह के फूल मंगाए गए थे।

दुल्हन की तरह सजी श्री कृष्ण की नगरी मथुरा 

जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर भगवान श्री कृष्ण की नगरी मथुरा को दुल्हन की तरह सजाया गया है। शहर के चौराहों पर खास सजावट की गई है और शहर की दीवारों पर वॉल पेंटिंग बनाई गई हैं। दूर-दूर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। श्रद्धालु ढोल, ताशा और नगाड़े की ताल पर नाचते-झूमते दिखे। पूरा कृष्ण जन्मभूमि परिसर 'कन्हैया लाल' के जयकारों से गूंज उठा। कलाकार राधा और कृष्ण की दिव्य लीलाओं का मंचन कर रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधा के व्यापक इंतजाम किए हैं ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन करने में कोई परेशानी न हो।

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