वृंदावन से तीन लाख में बनवाई देवकीनंदन की पोशाक, प्रयागराज इस्कॉन मंदिर में होगी भव्य जन्माष्टमी
खबर सार :-
प्रयागराज के इस्कॉन मंदिर में भव्य जन्माष्टमी मनाने की तैयारी चल रही है। कन्हैया को पहनाने के लिए वृंदावन से तीन लाख की विशेष पोशाक और आभूषण मंगाए गए हैं।
खबर विस्तार : -
प्रयागराज: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर प्रयागराज में भव्य तैयारियां चल रही हैं। यहां के इस्कॉन मंदिर में आयोजन को लेकर उत्साह देखने लायक है। श्रीकृष्ण और राधा रानी के विशेष श्रृंगार की व्यवस्था की जा रही है। वृंदावन के कुशल कारीगरों द्वारा पोशाक बनवाई गई हैं। इनकी कीमत करीब तीन लाख रुपये की होगी। मंदिर में इस बार श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को हर साल से अलग मनाने की कोशिश चल रही हैं।
जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर को भी आकर्षक ढंग से सजाने के लिए विषेश लोगों को बुलाया गया है। इसके लिए रंगबिरंगी और जगमगाती लाइटों के साथ सुगंधित फूलों का इस्तेमाल सजावट में किया जाएगा। मंदिर परिसर में सजावट का काम शुरू कर दिया गया है। मंदिर प्रबंधन की ओर से तैयारियों को अंतिम रूप दिए जाने के लिए रात-दिन काम कराया जा रहा है।
कई लाख रूपये से खरीदे गए आभूषण
जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी का विशेष श्रृंगार कराया जाएगा। यहां की शोभा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा। कान्हा को पहनाने के लिए वृंदावन के कारीगरों से खास तौर पर तैयार कराई गई पोशाकें और आभूषण मंगाए गए हैं। इन पोशाकों की कीमत करीब तीन लाख रुपये है। भगवान के विशेष जन्मोत्सव श्रृंगार को ध्यान में रखकर ही इन पोशाक को तैयार कराया गया है।
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इस अवसर पर कलाकारों द्वारा मंदिर में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जन्माष्टमी के मौके पर भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी लीलाओं से जुड़ी झांकियां तैयार कराई जाएंगी। कार्यक्रम खास है, इसलिए यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। मंदिर परिसर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के मौके पर विशेष महाभिषेक और विभिन्न अनुष्ठान किए जाएंगे।
धार्मिक कार्यक्रम कई दिन तक होंगे
रात में भगवान के जन्म के समय विशेष पूजा-अर्चना कर धार्मिक कार्यक्रम भी होते रहेंगे। प्रयागराज के इस्कॉन मंदिर में आयोजनों के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इस भव्य कार्यक्रम को देखने के लिए शहर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी भक्त मंदिर पहुंचेंगे। मंदिर प्रबंधन श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजन की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।
हजारों की संख्या में आएंगे श्रद्धालु
इसे अंतिम रूप देने में कई लोग जुटाए गए हैं। बड़ी संख्या में यहां भीड़ पहुंचेगी, इनको दर्शन कराने के लिए भीड़ प्रबंधन को नियंत्रित करने की तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर परिसर में कई दिनो तक भक्ति और उत्सव का माहौल रहेगा। यह सब अभी से नजर आने लगा है। जन्माष्टमी के दिन विशेष सजावट, भगवान का मनमोहक श्रृंगार, झांकियां, महाभिषेक और सांस्कृतिक कार्यक्रम की सफलता के लिए जिम्मेदारों को लगाया गया है।
आकर्षक ढंग से करा रहे सजावट
मंदिर प्रबंधन ने बताया कि इस बार हम लोग चार दिन का जन्माष्टमी उत्सव मनाएंगे। 3 सितंबर को झूलन उत्सव और 4 सितंबर को रात्रि 12 बजे जन्मोत्सव मनाया जाएगा। 5 सितंबर को नंद उत्सव के साथ आचार्य चौपाल की पूजा होगी। 6 सितंबर को युवाओं के लिए विशेष उत्सव मनाया जाता है।
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