सागर में जहरीली शराब से मौतों पर सीएम मोहन यादव का बड़ा एक्शन, 5 अधिकारी सस्पेंड, एक मुख्यालय अटैच
खबर सार :-
मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों पर सीएम ने सख्त रवैया अपनाया है। मामले में 5 अधिकारियों को निलंबित और एक को ग्वालियर मुख्यालय अटैच कर दिया गया है।
खबर विस्तार : -
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में सख्त कार्रवाई की है। आबकारी और पुलिस विभागों के पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि एक अधिकारी को मुख्यालय से अटैच किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशों पर अमल करते हुए, आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने तीन अधिकारियों को सस्पेंड किया और एक को मुख्यालय से अटैच किया। वहीं, पुलिस विभाग ने भी सतीश कुशवाहा (स्टेशन इंचार्ज, बांदा) और SI पूरन लाल लाडिया (इंचार्ज, गुगरा पुलिस चौकी) को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
यह दुखद घटना सागर जिले की बांदा तहसील के गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन गांवों में हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार सुबह साफ कहा था कि इस घटना में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद, आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने कीर्ति दुबे (सहायक आबकारी आयुक्त, सागर), दिलीप खंडाते (सहायक जिला आबकारी अधिकारी) और रोशनी उरेती (आबकारी सब-इंस्पेक्टर, बांदा सर्कल) को प्रथम दृष्टया जिम्मेदार मानते हुए सस्पेंड कर दिया। इसके अलावा, नीरज श्रीवास्तव (उपायुक्त और डिविजनल फ्लाइंग स्क्वाड इंचार्ज) का जिले से बाहर तबादला कर दिया गया और उन्हें ग्वालियर मुख्यालय से अटैच कर दिया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिखाई सख्ती
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे एक संवेदनशील मामला बताया। उन्होंने कहा, "जब मैं नई दिल्ली के दौरे पर था और यह मामला मेरे संज्ञान में आया, तो मैंने सागर जिले के प्रभारी मंत्री और संबंधित अधिकारियों को तुरंत जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इस मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।" वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्र में तुरंत जांच, राहत कार्यों और उचित चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सागर डिविजनल कमिश्नर, इंस्पेक्टर जनरल (IG), जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) सहित वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए थे। अधिकारियों की टीम ने प्रभावित लोगों के परिवारों से भी मुलाकात की। अधिकारियों की टीम ने अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज और चिकित्सा व्यवस्था का भी जायजा लिया और तुरंत जरूरी इलाज के निर्देश दिए।
दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा: डिप्टी सीएम
इस मामले में, डिप्टी सीएम और कमर्शियल टैक्स मंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बाद, डिप्टी कमिश्नर और डिविजनल फ्लाइंग स्क्वाड की इंचार्ज नीरजा श्रीवास्तव को ग्वालियर मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है। इसके अलावा, असिस्टेंट कमिश्नर (आबकारी) सागर कीर्ति दुबे, असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट आबकारी अधिकारी (सागर) दिलीप खंडाते और आबकारी सब-इंस्पेक्टर (बांदा सर्कल) रोशनी उरेती को सस्पेंड कर दिया गया है।
लापरवाही बरतने पर भी होगी कार्रवाई
डिप्टी सीएम देवड़ा ने साफ तौर पर कहा, "इस त्रासदी के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरकार इस पूरे मामले में सबसे सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।" उन्होंने कहा कि अवैध या नकली शराब बनाने या बेचने में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, अगर कोई विभागीय अधिकारी या कर्मचारी लापरवाही बरतता पाया जाता है, तो उनकी भी जवाबदेही तय की जाएगी। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस विस्तृत जांच कर रहे हैं। शराब का स्रोत, उसकी सप्लाई चेन और घटना से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान दोषी पाए जाने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है राज्य सरकार
डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने सागर के बांदा-शाहगढ़ इलाके में शराब पीने से हुई मौतों को बेहद दुखद और गंभीर घटना बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से इस मामले की विस्तृत जानकारी ली है। उन्होंने आबकारी आयुक्त को निर्देश दिया है कि वे तुरंत घटनास्थल का दौरा करें, जांच की निगरानी करें और जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करें। मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए, डिप्टी सीएम देवड़ा ने कहा कि राज्य सरकार दुख की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और पूरे मामले को लेकर संवेदनशीलता के साथ जरूरी कदम उठा रही है।
यह भी पढ़ेंः- MP में मौत का तांडव ! सागर में जहरीली शराब पीने से 11 की मौत
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