नोएडा में प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए 20 स्थानों पर बनाए गए कृत्रिम तालाब, 2,500 पुलिसकर्मी संभालेंगे व्यवस्था

खबर सार :-

नोएडा में बुधवार को लगभग 122 देवी प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए तैयारियां की गई हैं। शहरभर में 20 प्रमुख स्थानों पर कृत्रिम तालाब बनाए गए हैं।
नोएडा में आज 122 प्रतिमाओं का विसर्जन, 20 स्थानों पर बने कृत्रिम तालाब

खबर विस्तार : -

नोएडा: दुर्गा पूजा के समापन के बाद बुधवार को नोएडा में देवी दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। इसके लिए शहरभर में 20 प्रमुख स्थानों पर कृत्रिम तालाब बनाए गए हैं, जहां कुल 122 प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाना है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं कि विसर्जन की प्रक्रिया शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।

सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगभग 2,500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। इसके अलावा, यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक डायवर्जन (रास्ता बदलना) भी लागू किया जा सकता है। ये कृत्रिम तालाब न केवल विसर्जन प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के लिए बनाए गए हैं, बल्कि प्राकृतिक जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए भी तैयार किए गए हैं। विसर्जन के लिए विशेष स्थान तय करने से विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी। आयोजकों और श्रद्धालुओं से आग्रह है कि वे केवल इन्हीं निर्धारित स्थानों पर प्रतिमाओं का विसर्जन करें। 

भीड़ संभालने के लिए आवश्यक प्रबंध

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इन स्थानों पर आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। प्रतिमाओं के साथ निकलने वाले जुलूसों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को संभालना पुलिस और प्रशासन के लिए एक मुख्य चुनौती होगी। श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना होगी। मुख्य विसर्जन स्थलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। भीड़ को नियंत्रित करने और जुलूसों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में पुलिसकर्मी अहम भूमिका निभाएंगे। पूरे त्योहार के दौरान, सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और यातायात का प्रबंधन करना पुलिस का मुख्य फोकस रहेगा। 

ट्रैफिक डायवर्जन किया जा सकता है लागू

दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के कारण शहर के कुछ प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है। इसे देखते हुए जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जा सकता है। यदि विसर्जन स्थलों के पास भीड़ बढ़ती है या वाहनों की संख्या अधिक हो जाती है, तो यातायात को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा जा सकता है। कृपया विसर्जन मार्गों पर अनावश्यक रूप से वाहन पार्क न करें, क्योंकि इससे श्रद्धालुओं और आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही में बाधा आ सकती है। दुर्गा पूजा का त्योहार देवी दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ संपन्न होगा।

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शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील

विभिन्न विसर्जन स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है। जनता से शांति और अनुशासन बनाए रखने, केवल निर्धारित कृत्रिम तालाबों का उपयोग करने, और पुलिस तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की जाती है। नोएडा में 20 स्थानों पर कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था की गई है, 122 मूर्तियों के विसर्जन की तैयारी पूरी है, और 2,500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यह धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और आम जनता को कम से कम असुविधा हो।

बंगाली समाज के दुर्गा पूजा महोत्सव का समापन

'पीतल नगरी' मुरादाबाद में बंगाली समुदाय द्वारा आयोजित पांच दिवसीय 'श्री दुर्गा महोत्सव' आज दशमी के दिन प्रतिमा विसर्जन के साथ संपन्न हुआ। शहरभर के विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों में 'सिंदूर उत्सव' मनाया गया। इसके बाद दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए एक शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें ढोल, झांझ और बैंड की धुन पर लोग नाचते-गाते हुए चल रहे थे। बंगाली समुदाय के लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के साथ रामगंगा नदी में दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया। 'सार्वजनिक बंगाली एसोसिएशन' के तत्वावधान में रेलवे मनोरंजन सदन में दुर्गा पूजा की 'महा दशमी' की रस्में और 'सिंदूर उत्सव' संपन्न हुए। इसके बाद, ढोल-नगाड़ों की गूंज के साथ विसर्जन शोभायात्रा मनोरंजन सदन से रवाना हुई। 

यह शोभायात्रा कपूर कंपनी, हैलेट रोड, ताड़ीखाना, गुलजारीमल धर्मशाला, बुध बाजार, स्टेशन रोड और इंपीरियल चौराहे से होते हुए कांठ रोड स्थित एमडीए (MDA) साइट पर रामगंगा नदी के तट पर पहुंची। वहां, विसर्जन से पहले एक पुजारी ने प्रतिमा की अंतिम पूजा कराई। इस दौरान भक्तों ने हाथ जोड़कर प्रार्थना की और उत्सव के दौरान हुई किसी भी अनजाने भूल-चूक के लिए क्षमा मांगी। अंत में, रामगंगा नदी में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इस अवसर पर देश, राज्य और अपने परिवारों की सुख-समृद्धि और कल्याण के लिए प्रार्थनाएं की गईं।

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