Shiva Sharma murder case: डीसीपी विक्रांत वीर सहित एसीपी स्तर पर बड़ा फेरबदल, फरार मॉडल की तलाश जारी

खबर सार :-

लखनऊ के शिवा शर्मा हत्याकांड में पुलिस प्रशासन ने बड़ा फेरबदल किया है। डीसीपी विक्रांत वीर को पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किया गया, जबकि चार एसीपी के कार्यक्षेत्र बदले गए। 50 हजार की इनामी मॉडल श्रद्धा दुबे अब भी फरार है।
Shiva Sharma murder case: पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई, आरोपी की तलाश जारी

खबर विस्तार : -

लखनऊः उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड में आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी नहीं होने के बीच पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। मामले में पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों के बीच पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) विक्रांत वीर को उनके पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं, एसीपी रजनीश वर्मा को भी मौजूदा जिम्मेदारी से हटाकर एसीपी अपराध बनाया गया है। इसके अतिरिक्त लखनऊ कमिश्नरेट में चार सहायक पुलिस आयुक्तों (एसीपी) के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है।

पुलिस महकमे में यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब शिवा शर्मा की मौत के करीब दस दिन बाद भी मामले में फरार चल रही 50 हजार रुपये की इनामी श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इससे पहले हजरतगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह को भी हटाकर लाइन हाजिर किया जा चुका है। लगातार हो रहे प्रशासनिक बदलावों को मामले में पुलिस की जवाबदेही तय करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

डीसीपी से लेकर थाना प्रभारी तक पर कार्रवाई

शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस की जांच और आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर थाना स्तर तक जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। डीसीपी विक्रांत वीर को पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किए जाने और एसीपी स्तर पर नए दायित्व सौंपे जाने से लखनऊ पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। इससे पहले हजरतगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया था। अब वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर हुए फेरबदल के बाद मामले की जांच और फरार आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस पर दबाव बढ़ गया है। हालांकि, इन प्रशासनिक कार्रवाइयों के बावजूद श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी अब भी पुलिस के सामने प्रमुख चुनौती बनी हुई है।

चार एसीपी के कार्यक्षेत्र में बदलाव

पुलिस आयुक्त के निर्देश पर जारी आदेश के अनुसार, लखनऊ कमिश्नरेट में चार एसीपी के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं। इस फेरबदल के तहत अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

अभिषेक कुमार पाण्डेय: एसीपी कैसरबाग से हटाकर एसीपी हजरतगंज बनाया गया है।
रजनीश वर्मा: एसीपी हजरतगंज से हटाकर एसीपी अपराध की जिम्मेदारी दी गई है।
गौरव उपाध्याय: एसीपी कार्यालय से स्थानांतरित कर एसीपी कैसरबाग बनाया गया है।
अंकित कुमार: एसीपी महानगर के साथ कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
इन बदलावों के बाद हजरतगंज क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था की जिम्मेदारी अभिषेक कुमार पाण्डेय संभालेंगे, जबकि रजनीश वर्मा को अपराध से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासनिक फेरबदल के बीच अब पुलिस की अगली कार्रवाई और श्रद्धा दुबे की तलाश के परिणाम पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

श्रद्धा दुबे ने किया दावा, हत्या नहीं आत्महत्या थी शिवा की मौत

दूसरी ओर, मामले में फरार चल रही मॉडल श्रद्धा दुबे ने बातचीत के दौरान अपनी सफाई दी है। उसने दावा किया कि शिवा शर्मा की मौत हत्या नहीं, बल्कि आत्महत्या थी। श्रद्धा के मुताबिक, शिवा कर्ज में डूबा हुआ था और इसी वजह से उसने आत्महत्या की। हालांकि, उसके इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में पुलिस की जांच के निष्कर्षों का इंतजार है। श्रद्धा ने घटना में अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। उसका कहना है कि घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जानी चाहिए। उसके मुताबिक, फुटेज की जांच से घटनाक्रम स्पष्ट हो सकता है और उसकी बेगुनाही सामने आ सकती है।

दो महीने पहले श्रद्धा के घर रहने आया था शिवा

श्रद्धा दुबे ने बातचीत में यह भी बताया कि शिवा शर्मा करीब दो महीने पहले उसके घर पर रहने आया था। उसने स्वीकार किया कि इस दौरान उसके घर से आभूषण चोरी होने की बात सामने आई थी। हालांकि, उसने इस घटना को बहुत बड़ी घटना नहीं बताया। श्रद्धा का कहना है कि पुलिस को सभी उपलब्ध साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्षता से जांच करनी चाहिए, ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सके। फिलहाल, उसके बयानों और आरोपों की पुष्टि जांच से ही हो सकेगी।

गिरफ्तारी पर टिकी निगाहें

शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से लगातार हो रहे बदलावों ने जांच की दिशा और जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज कर दी है। डीसीपी के स्तर पर कार्रवाई, एसीपी के कार्यक्षेत्र में फेरबदल और थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किए जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी कब होगी। पुलिस के सामने श्रद्धा दुबे को तलाशने के साथ-साथ घटना से जुड़े साक्ष्यों की जांच और घटनाक्रम की कड़ियों को स्पष्ट करने की चुनौती है। सीसीटीवी फुटेज, संबंधित व्यक्तियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्य मामले की जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। वहीं, श्रद्धा की ओर से आत्महत्या का दावा किए जाने के बावजूद किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की पुष्टि जरूरी है।

यह भी पढ़ेंः-Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ पर गोली चलाने वाले तीनों शूटर गिरफ्तार, कोटा पुलिस ने ट्रेन से दबोचा

लखनऊः उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड में आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी नहीं होने के बीच पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। मामले में पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों के बीच पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) विक्रांत वीर को उनके पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं, एसीपी रजनीश वर्मा को भी मौजूदा जिम्मेदारी से हटाकर एसीपी अपराध बनाया गया है। इसके अतिरिक्त लखनऊ कमिश्नरेट में चार सहायक पुलिस आयुक्तों (एसीपी) के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है।

पुलिस महकमे में यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब शिवा शर्मा की मौत के करीब दस दिन बाद भी मामले में फरार चल रही 50 हजार रुपये की इनामी श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इससे पहले हजरतगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह को भी हटाकर लाइन हाजिर किया जा चुका है। लगातार हो रहे प्रशासनिक बदलावों को मामले में पुलिस की जवाबदेही तय करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

डीसीपी से लेकर थाना प्रभारी तक पर कार्रवाई

शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस की जांच और आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर थाना स्तर तक जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। डीसीपी विक्रांत वीर को पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किए जाने और एसीपी स्तर पर नए दायित्व सौंपे जाने से लखनऊ पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। इससे पहले हजरतगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया था। अब वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर हुए फेरबदल के बाद मामले की जांच और फरार आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस पर दबाव बढ़ गया है। हालांकि, इन प्रशासनिक कार्रवाइयों के बावजूद श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी अब भी पुलिस के सामने प्रमुख चुनौती बनी हुई है।

चार एसीपी के कार्यक्षेत्र में बदलाव

पुलिस आयुक्त के निर्देश पर जारी आदेश के अनुसार, लखनऊ कमिश्नरेट में चार एसीपी के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं। इस फेरबदल के तहत अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

अभिषेक कुमार पाण्डेय: एसीपी कैसरबाग से हटाकर एसीपी हजरतगंज बनाया गया है।
रजनीश वर्मा: एसीपी हजरतगंज से हटाकर एसीपी अपराध की जिम्मेदारी दी गई है।
गौरव उपाध्याय: एसीपी कार्यालय से स्थानांतरित कर एसीपी कैसरबाग बनाया गया है।
अंकित कुमार: एसीपी महानगर के साथ कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
इन बदलावों के बाद हजरतगंज क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था की जिम्मेदारी अभिषेक कुमार पाण्डेय संभालेंगे, जबकि रजनीश वर्मा को अपराध से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासनिक फेरबदल के बीच अब पुलिस की अगली कार्रवाई और श्रद्धा दुबे की तलाश के परिणाम पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

श्रद्धा दुबे ने किया दावा, हत्या नहीं आत्महत्या थी शिवा की मौत

दूसरी ओर, मामले में फरार चल रही मॉडल श्रद्धा दुबे ने बातचीत के दौरान अपनी सफाई दी है। उसने दावा किया कि शिवा शर्मा की मौत हत्या नहीं, बल्कि आत्महत्या थी। श्रद्धा के मुताबिक, शिवा कर्ज में डूबा हुआ था और इसी वजह से उसने आत्महत्या की। हालांकि, उसके इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में पुलिस की जांच के निष्कर्षों का इंतजार है। श्रद्धा ने घटना में अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। उसका कहना है कि घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जानी चाहिए। उसके मुताबिक, फुटेज की जांच से घटनाक्रम स्पष्ट हो सकता है और उसकी बेगुनाही सामने आ सकती है।

दो महीने पहले श्रद्धा के घर रहने आया था शिवा

श्रद्धा दुबे ने बातचीत में यह भी बताया कि शिवा शर्मा करीब दो महीने पहले उसके घर पर रहने आया था। उसने स्वीकार किया कि इस दौरान उसके घर से आभूषण चोरी होने की बात सामने आई थी। हालांकि, उसने इस घटना को बहुत बड़ी घटना नहीं बताया। श्रद्धा का कहना है कि पुलिस को सभी उपलब्ध साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्षता से जांच करनी चाहिए, ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सके। फिलहाल, उसके बयानों और आरोपों की पुष्टि जांच से ही हो सकेगी।

गिरफ्तारी पर टिकी निगाहें

शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से लगातार हो रहे बदलावों ने जांच की दिशा और जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज कर दी है। डीसीपी के स्तर पर कार्रवाई, एसीपी के कार्यक्षेत्र में फेरबदल और थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किए जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी कब होगी। पुलिस के सामने श्रद्धा दुबे को तलाशने के साथ-साथ घटना से जुड़े साक्ष्यों की जांच और घटनाक्रम की कड़ियों को स्पष्ट करने की चुनौती है। सीसीटीवी फुटेज, संबंधित व्यक्तियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्य मामले की जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। वहीं, श्रद्धा की ओर से आत्महत्या का दावा किए जाने के बावजूद किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की पुष्टि जरूरी है।

यह भी पढ़ेंः-Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ पर गोली चलाने वाले तीनों शूटर गिरफ्तार, कोटा पुलिस ने ट्रेन से दबोचा

अन्य प्रमुख खबरें