‘आधी रात को मंदिर तक कैसे पहुंचा ट्रक?’ ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की ग्वालियर हादसे की जांच की मांग
खबर सार :-
शनिवार देर रात ग्वालियर में हुए हादसे पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने घायल श्रद्धालुओं का हाल जाना और उचित इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए।
खबर विस्तार : -
ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए एक दुखद हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। शनिवार देर रात करीब 1:30 बजे एक तेज रफ्तार ट्रक मंदिर दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं पर चढ़ गया। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 42 अन्य घायल हो गए। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
रविवार को केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर घायलों का हाल जाना। उन्होंने घायलों को उचित इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए और अस्पताल प्रबंधन से कहा कि घायलों की देखभाल में कोई कमी न रहे। उन्होंने श्रद्धालुओं की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। इस दौरान उनके साथ राज्य के उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर, भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया और पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने मृतकों और घायलों के परिवारों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। वे काफी भावुक नजर आए और कहा कि मंदिर के पास हुई यह घटना बेहद दर्दनाक है। उन्होंने कहा कि वे अंदर तक टूट गए हैं, क्योंकि पीड़ित उनके अपने ही शहर के परिवारों से थे।
हादसे के हालात पर गंभीर सवाल उठाए
सिंधिया ने हादसे के हालात पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आधी रात को ट्रक मंदिर इलाके तक कैसे पहुंच गया। उन्होंने इस बात की गहन जांच की मांग की कि आखिर यह ट्रक ग्वालियर में कैसे दाखिल हुआ और मंदिर परिसर के पास तक कैसे पहुंच गया। हादसे का तकनीकी कारण अभी स्पष्ट नहीं है; यह पता लगाया जाना बाकी है कि क्या ट्रक के ब्रेक फेल हो गए थे या इस त्रासदी के पीछे कोई और वजह थी। सिंधिया ने पूरे मामले की निष्पक्ष और सख्त जांच की मांग की, ताकि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा सके। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री से तीन बार बात की है और उनसे ग्वालियर आने का आग्रह भी किया है। सिंधिया ने जोर देकर कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। घटना के बाद पुलिस प्रशासन पर भी कार्रवाई की गई है और आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इस बीच, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया चल रही है।
यह भी पढ़ेंः- Maharashtra Accident: तुलजापुर दर्शन के लिए जा रहे परिवार की कार-बस से टकराई, 5 लोगों की मौत
मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
इसके अलावा, कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट रुचिका चौहान ने इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। जांच करने के लिए अपर जिला मजिस्ट्रेट सीबी प्रसाद को नियुक्त किया गया है। जिला मजिस्ट्रेट ने जांच अधिकारी को निर्देश दिया है कि वे सात दिनों के भीतर घटना के विभिन्न पहलुओं को शामिल करते हुए एक रिपोर्ट सौंपें। अपने आदेश में जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि नवरात्रि के सातवें दिन ग्वालियर जिले के अंतरी थाना क्षेत्र में स्थित शीतला माता मंदिर के पास चिनोर रोड की ओर से आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित हो गया। यह ट्रक सड़क किनारे प्रसाद बेचने वाली पांच दुकानों को रौंदते हुए शीतला माता मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार से जा टकराया। इस हादसे में 15 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि लगभग 42 अन्य लोग घायल हो गए।
घायलों की स्थिति जानी
गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है और अन्य घायलों को भी चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। रुचिका चौहान ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के साथ ट्रॉमा सेंटर का दौरा किया और घायलों के इलाज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सा कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे प्रभावित लोगों को सर्वोत्तम संभव देखभाल प्रदान करें। ट्रॉमा सेंटर में लगभग आठ गंभीर रूप से घायल लोगों का विशेष इलाज चल रहा है, जबकि अन्य का भी उपचार किया जा रहा है। जिला प्रशासन घायलों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और उनके लिए सभी आवश्यक इंतजाम करने पर ध्यान दे रहा है।
मृतकों की पहचान
जिला प्रशासन के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान कर ली गई है। मृतकों में शामिल हैं: सत्येंद्र सिंह गुर्जर (22), पिता जगदीश सिंह, निवासी महलगांव; सरला तोमर (50), पत्नी राजेंद्र सिंह तोमर, निवासी हनुमान पहाड़ी, राजीव नगर, गुढ़ा; गौरव परिहार (18), पिता कमलेश परिहार, निवासी बड़गांव, खुरेरी; महेश शर्मा (45), पिता मातादीन शर्मा, निवासी सहसराम गसवानी, जिला श्योपुर; विमलेश (18), पिता बबलू बघेल, निवासी महागावरा, थाना सीहोर क्षेत्र, जिला शिवपुरी; देवेश बघेल (17), पिता हरिसिंह बघेल, निवासी मवता, भीतरवार; प्रिंस उर्फ छोटू जाटव (16), पिता संतोष जाटव, निवासी थाठीपुर; शौर्य शर्मा (15), पिता संजय शर्मा, निवासी सहसराम, श्योपुर; दिव्यांश कुशवाहा (17), पिता अशोक कुशवाहा, निवासी महेशपुरा, सिकंदर कंपू; पवन राठौर (23), पिता विद्याराम राठौर, निवासी गड़ाईपुरा, हजीरा; लव त्यागी (15), निवासी मुरैना; अमन त्यागी (13), निवासी मुरैना; अशोक त्यागी (45), निवासी सदर, ग्वालियर; हेमंत राठौर, पिता बंटी राठौर, निवासी शिवनगर, गड़ाईपुरा; और नितेश उर्फ रितेश (18), निवासी मेला ग्राउंड, दुल्लापुर, ग्वालियर।
आठ पुलिसकर्मी निलंबित
ग्वालियर में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों पर, झांसी रोड क्षेत्र के CSP (सिटी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) रवि भदौरिया को उनके पद से हटा दिया गया है। इसके अलावा, आठ पुलिस अधिकारियों-कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। हादसे में श्रद्धालुओं की मौत के बाद सरकार ने पुलिस की भूमिका और सुरक्षा इंतजामों की पर्याप्तता को लेकर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं।
ट्रक ड्राइवर और मालिक गिरफ्तार
पुलिस ने ट्रक ड्राइवर और ट्रक मालिक, दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्यमंत्री ने हादसे के मामले में लापरवाही बरतने के लिए झांसी रोड के CSP रवि भदौरिया को उनके पद से हटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही आठ अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद झांसी रोड के CSP रवि भदौरिया को उनके पद से हटा दिया गया है। अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने वालों में झांसी रोड के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) शक्ति सिंह यादव, अंतरी के SHO गीतेश शर्मा, झांसी रोड ट्रैफिक स्टेशन के प्रभारी अभिषेक रघुवंशी, ट्रैफिक इंस्पेक्टर राघवेंद्र जादौन, हेड कांस्टेबल सुशील द्विवेदी, और कांस्टेबल किशन खन्ना, अनिल जैतपुरिया तथा पवन सेंगर शामिल हैं। ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि हादसे की जांच चल रही है।
हादसे पर सीएम सख्त
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि ड्यूटी निभाने में लापरवाही बरतने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर उन्होंने जोर देकर कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। ड्यूटी के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी; जवाबदेही तय की जाएगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए आर्थिक सहायता की घोषणा की थी। उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य सरकार मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल लोगों को 2-2 लाख रुपये और अन्य घायल व्यक्तियों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा दे।
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ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए एक दुखद हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। शनिवार देर रात करीब 1:30 बजे एक तेज रफ्तार ट्रक मंदिर दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं पर चढ़ गया। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 42 अन्य घायल हो गए। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
रविवार को केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर घायलों का हाल जाना। उन्होंने घायलों को उचित इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए और अस्पताल प्रबंधन से कहा कि घायलों की देखभाल में कोई कमी न रहे। उन्होंने श्रद्धालुओं की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। इस दौरान उनके साथ राज्य के उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर, भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया और पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने मृतकों और घायलों के परिवारों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। वे काफी भावुक नजर आए और कहा कि मंदिर के पास हुई यह घटना बेहद दर्दनाक है। उन्होंने कहा कि वे अंदर तक टूट गए हैं, क्योंकि पीड़ित उनके अपने ही शहर के परिवारों से थे।
हादसे के हालात पर गंभीर सवाल उठाए
सिंधिया ने हादसे के हालात पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आधी रात को ट्रक मंदिर इलाके तक कैसे पहुंच गया। उन्होंने इस बात की गहन जांच की मांग की कि आखिर यह ट्रक ग्वालियर में कैसे दाखिल हुआ और मंदिर परिसर के पास तक कैसे पहुंच गया। हादसे का तकनीकी कारण अभी स्पष्ट नहीं है; यह पता लगाया जाना बाकी है कि क्या ट्रक के ब्रेक फेल हो गए थे या इस त्रासदी के पीछे कोई और वजह थी। सिंधिया ने पूरे मामले की निष्पक्ष और सख्त जांच की मांग की, ताकि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा सके। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री से तीन बार बात की है और उनसे ग्वालियर आने का आग्रह भी किया है। सिंधिया ने जोर देकर कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। घटना के बाद पुलिस प्रशासन पर भी कार्रवाई की गई है और आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इस बीच, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया चल रही है।
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मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
इसके अलावा, कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट रुचिका चौहान ने इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। जांच करने के लिए अपर जिला मजिस्ट्रेट सीबी प्रसाद को नियुक्त किया गया है। जिला मजिस्ट्रेट ने जांच अधिकारी को निर्देश दिया है कि वे सात दिनों के भीतर घटना के विभिन्न पहलुओं को शामिल करते हुए एक रिपोर्ट सौंपें। अपने आदेश में जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि नवरात्रि के सातवें दिन ग्वालियर जिले के अंतरी थाना क्षेत्र में स्थित शीतला माता मंदिर के पास चिनोर रोड की ओर से आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित हो गया। यह ट्रक सड़क किनारे प्रसाद बेचने वाली पांच दुकानों को रौंदते हुए शीतला माता मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार से जा टकराया। इस हादसे में 15 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि लगभग 42 अन्य लोग घायल हो गए।
घायलों की स्थिति जानी
गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है और अन्य घायलों को भी चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। रुचिका चौहान ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के साथ ट्रॉमा सेंटर का दौरा किया और घायलों के इलाज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सा कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे प्रभावित लोगों को सर्वोत्तम संभव देखभाल प्रदान करें। ट्रॉमा सेंटर में लगभग आठ गंभीर रूप से घायल लोगों का विशेष इलाज चल रहा है, जबकि अन्य का भी उपचार किया जा रहा है। जिला प्रशासन घायलों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और उनके लिए सभी आवश्यक इंतजाम करने पर ध्यान दे रहा है।
मृतकों की पहचान
जिला प्रशासन के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान कर ली गई है। मृतकों में शामिल हैं: सत्येंद्र सिंह गुर्जर (22), पिता जगदीश सिंह, निवासी महलगांव; सरला तोमर (50), पत्नी राजेंद्र सिंह तोमर, निवासी हनुमान पहाड़ी, राजीव नगर, गुढ़ा; गौरव परिहार (18), पिता कमलेश परिहार, निवासी बड़गांव, खुरेरी; महेश शर्मा (45), पिता मातादीन शर्मा, निवासी सहसराम गसवानी, जिला श्योपुर; विमलेश (18), पिता बबलू बघेल, निवासी महागावरा, थाना सीहोर क्षेत्र, जिला शिवपुरी; देवेश बघेल (17), पिता हरिसिंह बघेल, निवासी मवता, भीतरवार; प्रिंस उर्फ छोटू जाटव (16), पिता संतोष जाटव, निवासी थाठीपुर; शौर्य शर्मा (15), पिता संजय शर्मा, निवासी सहसराम, श्योपुर; दिव्यांश कुशवाहा (17), पिता अशोक कुशवाहा, निवासी महेशपुरा, सिकंदर कंपू; पवन राठौर (23), पिता विद्याराम राठौर, निवासी गड़ाईपुरा, हजीरा; लव त्यागी (15), निवासी मुरैना; अमन त्यागी (13), निवासी मुरैना; अशोक त्यागी (45), निवासी सदर, ग्वालियर; हेमंत राठौर, पिता बंटी राठौर, निवासी शिवनगर, गड़ाईपुरा; और नितेश उर्फ रितेश (18), निवासी मेला ग्राउंड, दुल्लापुर, ग्वालियर।
आठ पुलिसकर्मी निलंबित
ग्वालियर में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों पर, झांसी रोड क्षेत्र के CSP (सिटी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) रवि भदौरिया को उनके पद से हटा दिया गया है। इसके अलावा, आठ पुलिस अधिकारियों-कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। हादसे में श्रद्धालुओं की मौत के बाद सरकार ने पुलिस की भूमिका और सुरक्षा इंतजामों की पर्याप्तता को लेकर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं।
ट्रक ड्राइवर और मालिक गिरफ्तार
पुलिस ने ट्रक ड्राइवर और ट्रक मालिक, दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्यमंत्री ने हादसे के मामले में लापरवाही बरतने के लिए झांसी रोड के CSP रवि भदौरिया को उनके पद से हटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही आठ अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद झांसी रोड के CSP रवि भदौरिया को उनके पद से हटा दिया गया है। अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने वालों में झांसी रोड के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) शक्ति सिंह यादव, अंतरी के SHO गीतेश शर्मा, झांसी रोड ट्रैफिक स्टेशन के प्रभारी अभिषेक रघुवंशी, ट्रैफिक इंस्पेक्टर राघवेंद्र जादौन, हेड कांस्टेबल सुशील द्विवेदी, और कांस्टेबल किशन खन्ना, अनिल जैतपुरिया तथा पवन सेंगर शामिल हैं। ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि हादसे की जांच चल रही है।
हादसे पर सीएम सख्त
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि ड्यूटी निभाने में लापरवाही बरतने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर उन्होंने जोर देकर कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। ड्यूटी के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी; जवाबदेही तय की जाएगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए आर्थिक सहायता की घोषणा की थी। उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य सरकार मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल लोगों को 2-2 लाख रुपये और अन्य घायल व्यक्तियों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा दे।
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