Police Smriti Diwas 2026: कर्तव्य पथ पर प्राण न्योछावर करने वाले अमर जवानों को नमन, लखनऊ में दी जाएगी श्रद्धांजलि
खबर सार :-
पुलिस स्मृति दिवस 2026 के अवसर पर लखनऊ पुलिस लाइन में मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री यूपी शहीदों के परिजनों को करेंगे सम्मानित।
खबर विस्तार : -
लखनऊ: राष्ट्र और समाज की रक्षा के लिए अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिस कर्मियों की स्मृति में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित पुलिस लाइन में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जहां देश के लिए प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों को नमन किया जाएगा। इस गरिमापूर्ण समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा शहीद पुलिसजनों के परिजनों को सम्मानित किया जाएगा और उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। यह दिन हमारे उन वीर जवानों के अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का स्मरण कराता है, जिन्होंने विषम परिस्थितियों में भी अपने फर्ज से पीछे कदम नहीं हटाए।
67 साल पुराना बलिदान और लद्दाख का इतिहास
इस ऐतिहासिक दिवस की पृष्ठभूमि 67 वर्ष पुरानी है, जब 21 अक्टूबर 1959 को भारत की उत्तरी सीमा पर लद्दाख के हिमाच्छादित और जनहीन क्षेत्र में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 10 जवान नियमित गश्त पर निकले थे। उस दौरान आधुनिक स्वचालित राइफलों और मोर्टारों से लैस चीनी सैनिकों ने छलपूर्वक भारतीय क्षेत्र में एम्बुश लगाकर अचानक हमला बोल दिया था। साधारण शस्त्रों के बावजूद केंद्रीय पुलिस बल के इन बहादुर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए चीनी सैनिकों का डटकर मुकाबला किया और अपने प्राणों की आहुति दे दी। इन्हीं वीर जवानों के बलिदान की याद में हर साल Police Smriti Diwas के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्राणोत्सर्ग करने वाले सभी पुलिसकर्मियों को याद किया जाता है।
देश भर में कर्तव्य की वेदी पर शहादत के आंकड़े
देशभर में पिछले एक वर्ष के दौरान यानी 01 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक की समयावधि में कुल 154 पुलिसकर्मियों ने अपनी सेवाएं देते हुए जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया है। इनमें विभिन्न राज्यों और अर्धसैनिक बलों के जवान शामिल हैं, जिन्होंने अपनी ड्यूटी को सर्वोपरि रखते हुए जान गंवाई। इस अवधि में उत्तर प्रदेश के 06 पुलिसकर्मियों ने भी कर्तव्य पालन के दौरान वीरगति प्राप्त की है, जिनमें कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर और जनपद जालौन के जांबाज कार्मिक शामिल हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस के इन वीर सपूतों के अदम्य पराक्रम और शौर्य पर पूरे प्रदेश के पुलिस बल को गर्व है, जिनकी याद में पुलिस स्मृति दिवस पर विशेष स्मरण किया जा रहा है।
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ग्रेटर नोएडा अग्निकांड और जालौन सड़क हादसा
उत्तर प्रदेश के जिन पुलिसकर्मियों ने इस अवधि में शहादत दी, उनमें प्रमुख घटनाएं भी शामिल हैं। गत 04 अगस्त 2026 को ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक तृतीय क्षेत्र स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक कंपनी में भीषण आग लगने की सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची थीं। आग पर काबू पाने के दौरान कंपनी की दाहिनी दीवार अचानक भरभराकर राहत कार्यों में जुटे वाहनों पर गिर गई, जिससे मलबे में दबकर फायर सर्विस चालक तीर्थपाल सिंह और फायरमैन रोहित यादव गंभीर रूप से घायल हो गए और उपचार के दौरान वे शहीद हो गए। वहीं दूसरी घटना 05 मई 2026 की है, जब जनपद जालौन के थाना उरई से एक अपहरण के मामले में अपहृत की बरामदगी के लिए जा रहे उपनिरीक्षक मोहित कुमार यादव, उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह, आरक्षी अशोक कुमार और आरक्षी प्रदीप कुमार की हरियाणा के नूंह में केएमपी हाईवे पर एक सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मृत्यु हो गई।
भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत
कर्तव्यपालन के दौरान संवेदनशीलता, समर्पण और त्याग का यह अप्रतिम उदाहरण देश के हर नागरिक और पुलिस बल के लिए एक बड़ी मिसाल है। हमारे वीर पुलिस कर्मियों का यह बलिदान उनकी सच्ची समर्पण भावना और कर्तव्य-परयता का स्पष्ट द्योतक है, जो जनसेवा के प्रति उनकी दृढ़ संकल्पबद्धता को दर्शाता है। इस प्रकार के आयोजन और शहीदों की शौर्य गाथाएं हमारी भावी पीढ़ी को हमेशा कर्तव्य-पथ पर पूरी निर्भीकता और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रहेंगी। Police Smriti Diwas के माध्यम से पूरा राष्ट्र उन सभी पुलिसजनों को कृतज्ञता के साथ याद करता है जो अपनी जान की परवाह किए बिना नागरिकों की सुरक्षा में जुटे रहते हैं। वर्ष 1959 में लद्दाख की दुर्गम सीमा पर चीनी सैनिकों के अचानक हुए हमले में सीआरपीएफ के जवानों की शहादत के बाद से ही 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाने की परंपरा चली आ रही है। इस दिन देश के सभी पुलिस संगठनों और केंद्रीय बलों द्वारा उन तमाम अमर जवानों को याद किया जाता है जिन्होंने अपने पेशेवर कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
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