MP में मौत का तांडव ! सागर में जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की गई जान, CM मोहन ने दिए सख्त निर्देश

खबर सार :-

MP Sagar Liquor Tragedy: एमपी में जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत हो गई। मजिस्ट्रेट ने अपील की कि जिन लोगों ने पिछले 48 घंटों में किसी भी तरह की शराब पी है वे तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं।
MP में मौत का तांडव ! सागर में जहरीली शराब पीने से 11 की मौत

खबर विस्तार : -

MP Sagar Liquor Tragedy: मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 30 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती है। इलाज करा रहे कुछ लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और सागर के जिला अस्पताल रेफर किया गया है। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई है। इस बीच, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना को लेकर सख़्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

CM मोहन यादव ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

सागर में जहरीली शराब (Jahrili Sharab) से हुई मौतों के बारे में मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने कहा, "मैंने संबंधित मंत्री और अधिकारियों को तुरंत घटनास्थल का दौरा करने का निर्देश दिया है; हम सबसे सख़्त कार्रवाई करेंगे और जांच करवाएंगे। हमारी सरकार ऐसी घटनाओं को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी।"

सागर जिले में अगले 48 घंटे बेहद खतरनाक

बता दें कि सागर जिले (Sagar) में रविवार सुबह जहरीली शराब पीने से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 35 अन्य लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। खबरों के अनुसार, इलाज करा रहे कुछ लोगों की हालत गंभीर है। उन्हें बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और सागर के जिला अस्पताल रेफर किया गया है। जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अपील की कि जिन लोगों ने पिछले 24 से 48 घंटों में किसी भी तरह की शराब पी है और उन्हें उल्टी, सिरदर्द या बुखार जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं वे तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। कलेक्टर ने कहा कि लोग जांच के लिए सिविल अस्पताल या किसी अन्य स्वास्थ्य केंद्र जा सकते हैं। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है।

शराब की 6 दुकानें सील 

खबरों के मुताबिक, पीड़ितों में पाटन, नौराज, दिलाउना, बामुरा, हिनौती और गुगराखुर्द जैसे गांवों के लोग शामिल हैं। प्रशासन और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और जरूरी कार्रवाई कर रहा है। एहतियात के तौर पर बरेठी, बांदा, शाहगढ़, मगरधा, विनायका, दलपतपुर और बरायथा में दुकानें सील कर दी गई हैं। सैंपलिंग भी चल रही है। जहरीली शराब पीने से हुई इन मौतों के बाद आबकारी विभाग के कामकाज पर सवाल उठ रहे हैं। 

मरीजों के शरीर पड़ रहे हैं नीले

सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल लाए गए मरीजों के शरीर नीले पड़ गए थे और उनमें अकड़न महसूस हो रही थी। इस घटना के बाद प्रभावित गांवों में जांच की जा रही है। जांच से पता चला है कि मौतें जहरीली शराब पीने से हुई हैं। प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है, क्योंकि आशंका है कि और भी लोग प्रभावित हो सकते हैं। सागर पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले इसे मौत का पक्का कारण बताना जल्दबाजी होगी; पुलिस और प्रशासन दोनों का कहना है कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट से ही साफ़ हो पाएगा।

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पुलिस ने संदिग्ध जहरीली शराब के स्रोत का पता लगाने और इसकी सप्लाई में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए जांच शुरू कर दी है। अवैध शराब कारोबारियों के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगा।

कई गांवों में छाया मातम 

बताया जा रहा है कि अवैध शराब पीने से मरने वाले सभी लोग सागर जिले के चार गांवों के रहने वाले थे। इन गांवों में मातम छा गया है। इस जहर ने पिताओं और पतियों, दोनों की जान ले ली। कुछ मामलों में तो परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की ही मौत हो गई। असल में, यह जहर पीने के बाद हर तीन में से एक व्यक्ति बीमार पड़ गया। इन लोगों ने शनिवार रात शराब पी थी। इसके बाद, एक-एक करके उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिवार के लोग उन्हें पास के अस्पताल ले गए, लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई।

जीतू पटवारी ने सरकार पर साधा निशाना

इस बीच, ग्वालियर पहुंचे मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "कुछ दिन पहले भी वहां ज़हरीली शराब की घटना हुई थी। शराब माफिया पूरे राज्य में बेखौफ होकर काम कर रहे हैं और लोगों की जान ले रहे हैं। मैंने पहले भी यह मुद्दा उठाया था और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा था कि राज्य नशे की समस्या की चपेट में आ गया है। मेरा मानना ​​है कि मुख्यमंत्री को इस स्थिति का संज्ञान लेना चाहिए और इन ड्रग और शराब माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।"

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