अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सवः मध्य प्रदेश में AI म्यूजिकल ड्रामा में दिखी श्रीकृष्ण के दिव्य जीवन की झलक

खबर सार :-

गीता जयंती के अवसर पर मध्य प्रदेश में 11 हजार भक्तों ने गीता का सामूहिक पाठ किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ब्रह्मांड के सभी ज्ञान और चेनता का मूल आधार गीता है।
मध्य प्रदेशः भोपाल में 11,000 कृष्ण भक्तों ने किया सामूहिक गीता पाठ

खबर विस्तार : -

भोपाल: मध्य प्रदेश में गीता जयंती के मौके पर 'अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में गीता का सामूहिक पाठ और 'कृष्णायन' नाम के AI-आधारित म्यूजिकल ड्रामा का मंचन शामिल था। इसके अलावा, भगवान कृष्ण के 11,000 भक्तों ने एक साथ श्लोकों का पाठ किया।

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव राजधानी के रवींद्र भवन में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव उज्जैन और भोपाल, दोनों जगहों पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए। AI-आधारित म्यूजिकल ड्रामा 'कृष्णायन' का पहली बार मंचन किया गया, जिससे दर्शकों को भगवान कृष्ण के दिव्य जीवन और उनकी शिक्षाओं का जीवंत अनुभव मिला। इस साल के गीता जयंती समारोह की अन्य खास बातों में ग्लोबल गीता फाउंडेशन द्वारा प्रस्तुत नृत्य-नाटक, दिव्यांग कलाकारों द्वारा अनोखा 'गीता ऑन व्हील्स' प्रदर्शन और एक दिलचस्प कला प्रदर्शनी शामिल थी।

गीता में जीवन के सभी सवालों के जवाब

इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने श्रीमद्भगवद्गीता को एक अद्भुत, बेजोड़ और पवित्र ग्रंथ बताया। उन्होंने कहा कि केवल गीता के अध्ययन से ही जीवन के सभी सवालों और जिज्ञासाओं का समाधान हो जाता है। उन्होंने कहा कि गीता का ज्ञान ही ब्रह्मांड के सभी ज्ञान और चेतना का मूल आधार है। परम योगी भगवान कृष्ण ने मानव जीवन के लिए धर्म, कर्म और मर्म (आध्यात्मिक सार) का सही मार्ग बताया। भगवान कृष्ण की पूजा और आध्यात्मिक गुरुओं व संतों की मौजूदगी में 11,000 भक्तों ने एक साथ सुर में श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का पाठ किया, जिनमें कृष्ण मार्ग के अनुयायी, बटुक (वैदिक छात्र) और स्कूली बच्चे शामिल थे। 

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गीता के प्रति नई जागरूकता का संचार

'पुरुषोत्तम योग' के नाम से जाने जाने वाले इस अध्याय के पाठ ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। धर्म, संस्कृति और तकनीक का मेल कराने वाले इस अनोखे कार्यक्रम ने गीता की शिक्षाओं को नए आयाम दिए और समाज में इसके मूल्यों के प्रति नई जागरूकता पैदा की। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि गीता जयंती के शुभ अवसर पर ऐसा लगता है मानो गोपाल कृष्ण हमारे बीच ही मौजूद हों। उन्होंने बताया कि कंस का वध करने के बाद भगवान कृष्ण ने अपने जीवन में शिक्षा को प्राथमिकता दी। भारत में 5,000 सालों से शिक्षा पाने के लिए छात्र गुरुकुल जाते रहे हैं। भगवान कृष्ण खुद उज्जैन के संदीपनी आश्रम गए थे, जहां उन्होंने चारों वेदों, सभी उपनिषदों, 64 कलाओं और ज्ञान की 14 शाखाओं में महारत हासिल की। ​​

भगवान कृष्ण से जुड़ी हर जगह होगी विकसित

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार भगवान कृष्ण की दिव्य लीलाओं से जुड़ी हर जगह को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित कर रही है। 'श्री कृष्ण पाथेय' पहल के तहत उन जगहों की पहचान की जा रही है और उन्हें विकसित किया जा रहा है, जहां भगवान कृष्ण के चरण पड़े थे। इसके अलावा, कम्युनिटी सेंटर की जरूरत को पूरा करने के लिए राज्य भर के सभी शहरी स्थानीय निकायों में 'गीता भवन' बनाए जा रहे हैं। राज्य का पहला गीता भवन इंदौर के राजवाड़ा में तैयार हो चुका है।

3 लाख से ज्यादा लोग बनाएंगे रिकाॅर्ड

सीएम ने बताया कि पिछले साल लाल परेड ग्राउंड में एक शानदार रिकॉर्ड बना था, जब 3,500 छात्रों ने एक साथ गीता का पाठ किया था। इस गीता जयंती पर एक अनोखा रिकॉर्ड बनेगा, जब राज्य के 55 जिलों, 10 डिवीजनों और 313 डेवलपमेंट ब्लॉक में 3 लाख से ज्यादा लोग एक साथ गीता के 15वें अध्याय का पाठ करेंगे। शिवशेखर शुक्ला, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह, संस्कृति और पर्यटन) ने कहा कि राज्य में सांस्कृतिक कार्यक्रमों को नई गति मिली है। आज गीता जयंती के मौके पर उज्जैन में 11,000 भक्तों ने श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का पाठ किया। उन्होंने बताया कि एक ही दिन में 3 लाख से ज्यादा लोगों के गीता पाठ करने से एक नया रिकॉर्ड बनेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गीता का संदेश हर घर तक पहुंचाने के लिए पूरी लगन से काम कर रही है।

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