अपराध नियंत्रण से साइबर फ्रॉड तक SSP की सख्ती, मासिक अपराध गोष्ठी में अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

खबर सार :-

झांसी में SSP विकास कुमार ने मासिक अपराध गोष्ठी में साइबर फ्रॉड, यक्ष ऐप, ई-साक्ष्य, लंबित विवेचनाओं, महिला अपराध और यातायात व्यवस्था की समीक्षा कर कड़े निर्देश दिए।
SSP की सख्ती: साइबर फ्रॉड से अपराध नियंत्रण तक कड़े निर्देश

खबर विस्तार : -

झांसी: जनपद में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झांसी विकास कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी से पहले सैनिक सम्मेलन हुआ, जिसमें पुलिसकर्मियों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। एसएसपी ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके गुणवत्तापूर्ण और त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।

मासिक अपराध गोष्ठी में कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, महिला संबंधी अपराध, एससी-एसटी अधिनियम, सीएम डैशबोर्ड, आईजीआरएस, शिकायत प्रकोष्ठ, गैंग, टॉप-10 और हिस्ट्रीशीटर अपराधियों की निगरानी सहित विभिन्न बिंदुओं की विस्तार से समीक्षा की गई। आगामी त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

यक्ष ऐप के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर

गोष्ठी में शासन द्वारा संचालित यक्ष (YAKSH) ऐप के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि ऐप में एआई आधारित वॉयस सर्च और स्पीकर आइडेंटिफिकेशन तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। गिरफ्तारी के समय आरोपी का वॉयस सैंपल लेकर केंद्रीय डेटाबेस में सुरक्षित किया जा सकता है। भविष्य में ऑडियो क्लिप, धमकी या रिकॉर्डेड बातचीत के मिलान से अपराधियों की पहचान और विवेचना को मजबूत करने में इसका उपयोग किया जा सकेगा। एसएसपी ने पुलिसकर्मियों को यक्ष ऐप की तकनीकी विशेषताओं और कार्यप्रणाली का आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

ई-साक्ष्य ऐप पर अधिक से अधिक SID बनाने के निर्देश

ई-साक्ष्य ऐप के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। सभी थाना प्रभारियों को ऐप पर अधिक से अधिक SIDएसएसपी ने आईजीआरएस से प्राप्त शिकायत बनाने और उन्हें एफआईआर से जोड़ने के निर्देश दिए गए। iGOT कर्मयोगी पोर्टल की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को उपलब्ध प्रासंगिक पाठ्यक्रमों से अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण लेने के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को दैनिक पुलिस कार्य में प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया।

IGRS शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही नहीं

एसएसपी ने आईजीआरएस से प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर दिया। थाना प्रभारियों को शिकायतों की लगातार मॉनीटरिंग करने तथा थाना क्षेत्र की चौकियों पर तैनात प्रभारियों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सड़क दुर्घटनाओं के संबंध में iRAD पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। निर्देश दिए गए कि प्रत्येक सड़क दुर्घटना की सूचना घटनास्थल से ही समयबद्ध, सही और पूरी जानकारी के साथ पोर्टल पर दर्ज की जाए। इससे सड़क हादसों के आंकड़ों का बेहतर विश्लेषण और सड़क सुरक्षा से जुड़े उपायों को प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

क्रिटिकल केयर टीमों की समीक्षा

ZFD कार्यक्रम के तहत नवाबाद, सीपरी बाजार, बड़ागांव, चिरगांव और मऊरानीपुर के लिए गठित क्रिटिकल केयर टीमों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। सड़क हादसों में टीम की त्वरित पहुंच, प्राथमिक उपचार और घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की क्षमता का मूल्यांकन किया गया। टीम सदस्यों को आवश्यक प्रशिक्षण दिलाने और दुर्घटना की सूचना मिलते ही त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि हादसों में होने वाली मृत्यु दर को कम किया जा सके। साइबर अपराध को लेकर एसएसपी ने सख्त रुख अपनाया। पंजीकृत साइबर अपराधों का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के साथ ही पीड़ितों की अधिक से अधिक धनराशि बरामद कराने के निर्देश दिए गए। साइबर ठगी की घटना सामने आते ही संबंधित बैंक खातों में रकम को समय से फ्रीज कराने के लिए भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिएजीएसटी से जुड़े अभियोगों की समीक्षा गए।

लंबित मुकदमों और विवेचनाओं के निस्तारण में तेजी

जीएसटी से जुड़े अभियोगों की समीक्षा करते हुए गठित एसआईटी से वार्ता कर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। थानों पर लंबित मुकदमाती माल का शीघ्र निस्तारण कर उसे ई-माल पोर्टल से अनिवार्य रूप से जोड़ने को कहा गया। महिला उत्पीड़न, महिला संबंधी अपराध, निरोधात्मक कार्रवाई और भारतीय न्याय संहिता के तीन वर्षीय तुलनात्मक अपराधों की थाना-वार समीक्षा की गई। लंबित एसआर केस, अनावरण के लिए लंबित मामलों और विभिन्न अपराधों में लंबित विवेचनाओं में अब तक हुई कार्रवाई की भी समीक्षा हुई। वर्ष 2025 और उससे पूर्व पंजीकृत अभियोगों के गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए। पुरस्कार घोषित तथा सात वर्ष से अधिक की सजा वाले अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए थाना स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की गई।

टॉप-10 और हिस्ट्रीशीटर अपराधियों पर कार्रवाई तेज

जनपद और थाना स्तर पर चिन्हित टॉप-10 अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की अपराधीवार समीक्षा की गई। रासुका, गैंगस्टर एक्ट और धारा 14(1) के तहत प्रस्तावित मामलों की भी समीक्षा हुई। सभी थाना प्रभारियों को हिस्ट्रीशीटर अपराधियों की निगरानी और उनके भौतिक सत्यापन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सीएम डैशबोर्ड और लंबित चरित्र सत्यापनों की समीक्षा करते हुए उन्हें जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। आईजीआरएस और शिकायत प्रकोष्ठ से प्राप्त शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए भी सख्त निर्देश जारी किए गए। जनपद की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

ऑपरेशन कन्विक्शन में प्रभावी पैरवी पर जोर

पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन की भी समीक्षा की गई। न्यायालयों में लंबित मामलों में अभियोजन पक्ष से बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रभावी पैरवी कराने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उत्तर प्रदेश माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली-2014 के तहत संचालित रजिस्टरों को विधिवत बनाए रखने, अपडेट करने तथा प्राप्त प्रार्थना पत्रों और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। संबंधित अभिलेखों के सत्यापन और मामलों की नियमित समीक्षा पर भी जोर दिया गया।

भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगातार गश्त और चेकिंग

कानून एवं शांति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए भीड़भाड़ वाले इलाकों, होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, नाका और बॉर्डर क्षेत्रों में लगातार गश्त एवं सघन चेकिंग के निर्देश दिए गए। पुलिस के अनुसार, एसएसपी विकास कुमार के निर्देशन में IGRS पोर्टल से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, तथ्यात्मक और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा अप्रैल 2026 की जारी IGRS रैंकिंग में जनपद झांसी और जनपद के 26 में से 23 थानों ने प्रदेश में लगातार आठवीं बार प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

मासिक अपराध गोष्ठी के दौरान पुलिस अधीक्षक नगर श्रीमती प्रीति सिंह, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. अरविन्द कुमार, जनपद के समस्त क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी अधिकारी मौजूद रहे।

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