Varanasi Flood : वाराणसी में बाढ़ से बिगड़े हालात, PM मोदी ने मेयर और DM को फोन कर लिया जायजा
खबर सार :-
Varanasi Flood: उत्तर प्रदेश के कई ज़िले बाढ़ से प्रभावित हैं। वाराणसी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इस बीच पीएम मोदी ने मेयर और डीएम से अपने संसदीय क्षेत्र के हालात का जायजा लिया।
खबर विस्तार : -
Flood Varanasi: उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही झमाझम बारिश के कारण नदियां उफान पर है। यूपी में नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट, बलिया, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी समेत कई जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। उधर प्रदेश में बाढ़ से लगातार बिगड़ती जा रही स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के मेयर और जिलाधिकारी से बातचीत कर हालातों का जायजा लिया है और राहत व बचाव कार्यों की समीक्षा की।
PM मोदी ने मेयर और डीएम से की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में बाढ़ की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी लेने के लिए मेयर अशोक तिवारी और जिला मजिस्ट्रेट (DM) सत्येंद्र कुमार से फोन पर बात की। PM ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि नागरिकों को कम से कम परेशानी हो। पीएम मोदी ने राहत शिविरों में प्रभावित लोगों को दी जा रही सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि बाढ़ पीड़ितों को सभी जरूरी सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत सामग्री का तुरंत इंतजाम किया जाए। बाढ़ और राहत कार्यों की लगातार निगरानी की जरूरत पर जोर देते हुए, PM ने निर्देश दिया कि राहत कार्य युद्धस्तर पर किए जाएं।
काशी में लगातार बढ़ रहा गंगा का जयस्तर
बता दें कि PM मोदी वाराणसी निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सांसद हैं और शहर में हो रही गतिविधियों के बारे में स्थानीय प्रशासन के लगातार संपर्क में रहते हैं। पीएम मोदी ने अधिकारियों से ऐसे समय बात की है जब वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर चुका है। जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों और घाटों के पास रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। दरअसल वाराणसी में गंगा का पानी लगातार बढ़ रहा है। सभी घाट पानी डूब चुके है। कई इलाकों में पानी घुस गया है।
खतरे के निशान पर पहुंची गंगा
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, वाराणसी में गंगा का जलस्तर 70.29 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि चेतावनी का स्तर 70.26 मीटर है। इसका मतलब है कि पानी चेतावनी के निशान से ऊपर चला गया है। खतरे का निशान 71.26 मीटर पर है। जलस्तर करीब 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। बाढ़ की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, प्रशासन ने एहतियात के तौर पर गंगा नदी में नावों का संचालन रोक दिया है। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से भी घाटों से दूर रहने और तेज बहाव वाले इलाकों में न जाने की अपील की है। फिलहाल प्रशासन लगातार प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए है।
ये भी पढ़ेंः- देशभर में मानसून का कहर! मौसम विभाग ने 20 राज्यों में जारी किया आंधी-तूफान का अलर्ट
चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप
प्रयागराज-वाराणसी में जहां गंगा लोगों को डरा रही है, तो वहीं लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने 23 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए बेहद खतरनाक और रौद्र रूप धारण कर लिया है। चित्रकूट में आई बाढ़ से सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए हैं। कई कच्चे घर गिर गए हैं। हालात इतने खराब हैं कि घरों में रखा अनाज बर्बाद हो गया है। घर का सामान, कपड़े और जरूरी चीजें तेज बहाव में बह गई हैं। मानिकपुर के रामघाट, तरिहा और गोबरिया समेत कई गांवों में बिजली सिस्टम ठप होने से पानी की सप्लाई रुक गई है। बाढ़ का पानी सती अनुसुइया आश्रम तक पहुंच गया है। भक्तों की सुरक्षा के लिए उनकी एंट्री रोक दी गई है। मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से 5 मीटर ऊपर पहुंच गई है।

23 जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर
उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार अब तक बाढ़ से 35 जिले प्रभावित हुए हैं। इनमें से 23 जिलों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्रभावित जिलों में बाराबंकी, प्रयागराज, बदायूं, चंदौली, फर्रुखाबाद, अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, पीलीभीत, रायबरेली,सीतापुर, सोनभद्र, उन्नाव, वाराणसी, संत कबीर नगर और शाहजहांपुर शामिल हैं। 16,784 लोगों को अब तक सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। इनमें से 3,042 लोगों को केवल बुधवार को निकाला गया।
राहत एवं बचाव कार्य तेज, प्रशासन ने लोगों से की अपील
राज्य सरकार का दावा है कि अब तक 68,953 सूखे राशन के पैकेट, 3.36 लाख से ज़्यादा पके हुए खाने के पैकेट, 5.02 लाख क्लोरीन की गोलियां और 1.77 लाख ORS पैकेट बांटे जा चुके हैं। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, पानी भरे इलाकों से दूर रहें और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। पूरे राज्य में बाढ़ की स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है और राहत व बचाव कार्य जारी हैं।
ये भी पढ़ेंः- मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय, मंदाकिनी नदी उफान पर; 22 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट
अन्य प्रमुख खबरें
-
Maharashtra Accident: बीड में कार-एसटी बस की टक्कर, 5 की मौत
2026-10-18
-
UP News: मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना में सीटें दोगुनी
2026-10-18
-
ग्रेटर नोएडा में पांच लोगों की मौत: महेश की दो बहनें और बहनोई गिरफ्तार
2026-10-18
-
Gwalior Accident: ग्वालियर हादसे में मरने वालों का आंकड़ा पहुंचा 14
2026-10-18
-
पूर्वी मेदिनीपुर में रचनात्मकता की झलक, मंदिरों-महलों की तरह सजे पंडाल
2026-10-17
-
Lucknow Flood: RSS और सेवा भारती का राहत अभियान, 6 दिन में बांटे 10 हजार भोजन पैकेट
2026-10-17
-
सीएम सम्राट चौधरी ने किए मां दुर्गा के दर्शन, सर्वमंगल की कामना
2026-10-17
-
यूपी में शीतलहर-घने कोहरे में हादसे रोकने के लिए प्रशासन सतर्क
2026-10-17
-
Kerala Waqf Board: बोर्ड का पुनर्गठन, एमसी मयिन हाजी बने चेयरपर्सन
2026-10-17
-
ग्रेटर नोएडा में पांच लोगों की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप
2026-10-17
-
कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पुल से नीचे गिरी बस, 8 की मौत
2026-10-17
-
हिमाचल में सुबह-सुबह कांपी धरती, 4.1 रही भूकंप की तीव्रता
2026-10-17
-
उज्जैन में जूना अखाड़े से जुड़े आश्रम को नगर निगम ने ढहाया
2026-10-17
-
LUCKNOW: पानी निकासी के बाद होगी सड़क मरम्मत, ड्रोन से छिड़की जाएगी दवा
2026-10-16
-
प्रयागराज: मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का CM योगी ने किया अनावरण
2026-10-16