JPSC-JSSC भर्ती में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर भाजपा का राज्यव्यापी आंदोलन, छात्रों पर केस वापस लेने की मांग
खबर सार :-
झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ भाजपा का राज्यव्यापी आंदोलन शुरू हुआ। पार्टी ने सीबीआई जांच और छात्रों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग की।
खबर विस्तार : -
रांची: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और विरोध कर रहे छात्रों पर मुकदमे दर्ज किए जाने के विरोध में भाजपा ने मंगलवार को राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने रांची, हजारीबाग, दुमका, जमशेदपुर, गढ़वा समेत कई जिलों में प्रदर्शन कर प्रशासनिक कार्यालयों और जिला मुख्यालयों का घेराव किया। भाजपा नेताओं ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराने और आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की।
भाजपा ने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों के साथ सरकार का रवैया लोकतांत्रिक नहीं है। पार्टी नेताओं का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार को पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए। भाजपा ने घोषणा की है कि राज्य के सभी जिलों में उसका आंदोलन 11 सितंबर तक जारी रहेगा।
रांची में निकाला जुलूस
राजधानी रांची में भाजपा कार्यकर्ताओं ने डिस्ट्रिक्ट स्कूल से शहीद चौक होते हुए जिला कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच कराने की मांग उठाई। राज्य भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में हटिया विधायक नवीन जायसवाल, रांची विधायक सीपी सिंह, पूर्व सांसद दीपक प्रकाश और रांची की मेयर रोशनी खलखो समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा हमेशा छात्रों और युवा आंदोलनों के साथ खड़ी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों को सरकार ने निशाना बनाया और उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए। साहू ने भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने और छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमों को तत्काल वापस लेने की मांग दोहराई।
दुमका में बाबूलाल मरांडी ने संभाला मोर्चा
दुमका में भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन का नेतृत्व झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने किया। प्रदर्शन के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मरांडी ने पिछले पांच-छह वर्षों के दौरान झारखंड में हुई सभी भर्तियों की सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के बजाय नौकरियां बेचने का काम किया है। मरांडी ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध किया, लेकिन इसके बावजूद उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए। मरांडी ने दावा किया कि भर्ती में कथित गड़बड़ी से जुड़े कई मामलों में अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया में बिचौलियों का एक नेटवर्क सक्रिय रहा है। उन्होंने मौजूदा सीआईडी जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की।
हजारीबाग में पूर्व मुख्यमंत्री ने किया प्रदर्शन
हजारीबाग में पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं और छात्र समर्थकों ने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की।
रघुबर दास ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना छात्रों का लोकतांत्रिक अधिकार है। ऐसे छात्रों पर मुकदमे दर्ज करना उनके अधिकारों को दबाने जैसा है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं युवाओं के भविष्य और उनकी उम्मीदों से सीधे जुड़ी हैं। भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए और युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि आंदोलन से जुड़े 300 से अधिक छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। पार्टी ने सभी मुकदमों को तत्काल वापस लेने की मांग की।
गढ़वा में संजय सेठ ने उठाई आवाज
गढ़वा में पूर्व केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने जिला मुख्यालय पर भाजपा के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। इसके बाद टाउन हॉल मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने की मांग की। संजय सेठ ने आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस द्वारा कथित ज्यादती के मामलों में कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता युवाओं के भविष्य को प्रभावित करती है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि जब तक छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा। राज्य के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन के जरिए भाजपा ने सरकार पर युवाओं की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग दोहराई।
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