मराठा आरक्षण आंदोलन: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा ऐलान, शिक्षा-रोजगार से जुड़े 4 बड़े आदेश जारी
खबर सार :-
महाराष्ट्र सरकार ने मराठा-कुनबी समुदाय के लिए शिक्षा, हॉस्टल भत्ता, विदेशी स्कॉलरशिप और रोजगार से जुड़े चार बड़े फैसले किए। जरांगे ने 12 सितंबर की बैठक बुलाई है।
खबर विस्तार : -
मुंबईः महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जालना जिले के अंतरवाली सराटी में मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल की भूख हड़ताल सोमवार को लगातार 10वें दिन में प्रवेश कर गई। इसी बीच महाराष्ट्र सरकार ने मराठा, कुनबी और सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्ग (SEBC) से जुड़े छात्रों और युवाओं को शिक्षा, आर्थिक सहायता और रोजगार के क्षेत्र में लाभ देने के लिए चार अहम सरकारी आदेश (GR) और आधिकारिक निर्देश जारी किए हैं।
सरकार की ओर से जारी फैसलों में मराठा छात्रों को शैक्षणिक रियायतें देने, हॉस्टल भत्ते के लिए 200 करोड़ रुपये जारी करने, विदेश में उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप नियमों में बदलाव करने और मराठा-कुनबी युवाओं के लिए ड्राइविंग प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने जैसे कदम शामिल हैं।
मराठा छात्रों को OBC के बराबर शैक्षणिक लाभ
तकनीकी शिक्षा निदेशालय (DTE) ने राज्य के सभी डिविजनल कार्यालयों और विश्वविद्यालयों को तत्काल निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से मराठा समुदाय के छात्रों को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी के बराबर सभी शैक्षणिक रियायतें और लाभ दिए जाएंगे। सरकार के इस फैसले को आंदोलन के बीच महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे उच्च एवं तकनीकी शिक्षा से जुड़े विभिन्न लाभों और रियायतों का दायरा मराठा छात्रों के लिए बढ़ने की उम्मीद है।
हॉस्टल भत्ते के लिए 200 करोड़ रुपये जारी
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EBC), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और SEBC श्रेणी के छात्रों के लंबित हॉस्टल रखरखाव भत्ते के भुगतान के लिए 200 करोड़ रुपये मंजूर कर जारी किए हैं। इन फंड को विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान अतिरिक्त मांगों के माध्यम से मंजूरी दी गई थी। सरकार के मुताबिक, राशि जारी होने के बाद पात्र छात्रों के लंबित हॉस्टल रखरखाव भत्ते का भुगतान किया जा सकेगा।
विदेशी स्कॉलरशिप के नियमों में बदलाव
योजना विभाग ने सामाजिक न्याय विभाग की नीति के अनुरूप छत्रपति शाहू महाराज रिसर्च, ट्रेनिंग एंड ह्यूमन डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (सारथी) की ओर से संचालित विदेशी स्कॉलरशिप योजना के नियमों में संशोधन किया है। नए नियमों के तहत ट्यूशन फीस सीधे विदेशी विश्वविद्यालय को भेजी जाएगी। इससे स्कॉलरशिप की राशि पर लागू ऊपरी सीमा प्रभावी रूप से समाप्त हो जाएगी। इसके अलावा छात्रों को हर साल 1,500 अमेरिकी डॉलर, जबकि ब्रिटेन में पढ़ने वाले छात्रों को 1,100 पाउंड अतिरिक्त रहने और आकस्मिक खर्च के लिए दिए जाएंगे। स्कॉलरशिप के लिए चयन अब संशोधित मेरिट प्रक्रिया के आधार पर होगा, जिसमें QS World University Rankings को भी आधार बनाया जाएगा।
मराठा-कुनबी युवाओं को ड्राइविंग ट्रेनिंग
सारथी, पुणे ने इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च सर्विसेज (IDTRS), पिंपरी-चिंचवड़ के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) किया है। इसके तहत 1,440 मराठा और कुनबी युवाओं को विशेष ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम में लाइट मोटर व्हीकल (LMV), हैवी मोटर व्हीकल (HMV) और कंडक्टर ट्रेनिंग शामिल होगी। यह कार्यक्रम 1 अक्टूबर से शुरू होना प्रस्तावित है। इसके तहत कम से कम 1,000 लाभार्थियों के लिए रोजगार या स्वरोजगार सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।
कुनबी रिकॉर्ड के सत्यापन में तेजी
इसी बीच जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने मराठवाड़ा के डिविजनल कमिश्नरों और जिला अधिकारियों के साथ हाई-लेवल समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक का मुख्य उद्देश्य हैदराबाद गजेटियर के आधार पर कुनबी रिकॉर्ड के सत्यापन की प्रक्रिया में तेजी लाना है। सरकार के इन फैसलों के बीच मनोज जरांगे पाटिल ने आंदोलन की अगली रणनीति को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने महाराष्ट्र के सभी जिलों के मराठा समुदाय से 12 सितंबर को अंतरवाली सराटी में होने वाली रणनीतिक बैठक में शामिल होने की अपील की है। जरांगे ने लोगों से फिलहाल मुंबई की ओर नहीं बढ़ने को कहा है।
उन्होंने सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी, मुंबई, नवी मुंबई, नागपुर, कोल्हापुर, नांदेड़, सांगली, सतारा, हिंगोली, परभणी, लातूर, धाराशिव, बीड, जालना और छत्रपति संभाजीनगर समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों से लोगों से व्यक्तिगत रूप से बैठक में पहुंचने की अपील की। जरांगे के मुताबिक, मुंबई मार्च की अंतिम तारीख और उसकी रणनीति का फैसला 12 सितंबर की बैठक में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संभावित बड़ी भीड़ को देखते हुए बैठने की व्यवस्था, एलईडी स्क्रीन और साउंड सिस्टम सहित व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।
जरांगे ने मौजूदा तनाव के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, उन्होंने पुलिस विभाग को आंदोलन से जुड़े विवाद के लिए जिम्मेदार नहीं माना और कहा कि उनकी शिकायत कानून-व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियों से नहीं, बल्कि महाराष्ट्र सरकार से है।
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