‘पाठशाला पुकारे’ अभियान पर ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- अपने कार्यकाल पर नजर डालें

खबर सार :-

बलिया में ‘पाठशाला पुकारे’ अभियान को लेकर मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा। राजभर ने सपा सरकार के कार्यकाल और स्कूलों की व्यवस्था पर सवाल उठाए।
‘पाठशाला पुकारे’ अभियानः ओम प्रकाश राजभर ने बोला अखिलेश यादव पर हमला

खबर विस्तार : -

बलिया: उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। बलिया में सपा के ‘पाठशाला पुकारे’ अभियान को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने अखिलेश यादव से अपने कार्यकाल के दौरान सरकारी स्कूलों की स्थिति पर नजर डालने को कहा। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा समय में प्राथमिक विद्यालयों की व्यवस्था पहले की तुलना में बेहतर हुई है। राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को यह देखना चाहिए कि उनके कार्यकाल में सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए किस तरह की व्यवस्थाएं थीं। उन्होंने दावा किया कि उस समय बच्चे होमगार्ड की वर्दी पहनकर स्कूल जाने को मजबूर थे, जबकि अब बच्चे निर्धारित स्कूल यूनिफॉर्म और बैग के साथ विद्यालय जाते हैं।

मंत्री ने कहा कि किसी भी प्राथमिक विद्यालय में जाकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के दौर की व्यवस्थाओं की मौजूदा स्कूलों से तुलना की जा सकती है। उनके मुताबिक, दोनों व्यवस्थाओं में जमीन-आसमान का अंतर दिखाई देगा।

‘बंद स्कूल खुलेगा, तो पीडीए पढ़ेगा’

 दरअसल, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने शिक्षक दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश में ‘पाठशाला पुकारे’ अभियान का ऐलान किया था। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दावा किया कि भाजपा सरकार ने प्रदेश में 26 हजार प्राथमिक विद्यालय बंद किए हैं और सपा इन सभी स्कूलों में 5 सितंबर को कार्यक्रम आयोजित कर रही है। अखिलेश यादव ने अभियान का संदेश दिया कि ‘बंद स्कूल खुलेगा, तो पीडीए पढ़ेगा।’ उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा को प्राथमिकता देने और बंद किए गए स्कूलों को फिर से खोलने की मांग को सामने रखना है। सपा प्रमुख ने अपने संदेश में कहा कि शिक्षा के जरिए शोषित, वंचित, गरीब और पीड़ित समाज में सामाजिक और राजनीतिक चेतना पैदा की जा सकती है। उनके अनुसार, यही जागरूकता भेदभाव को चुनौती देकर बराबरी और सामाजिक न्याय की दिशा में रास्ता तैयार कर सकती है।

राजभर का सपा प्रमुख पर कार्यकर्ताओं को लेकर निशाना

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर भरोसा नहीं करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने सपा नेता लाल बिहारी यादव के कथित बयान का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव की कार्यशैली पर सवाल उठाए। राजभर ने कहा कि यदि अखिलेश यादव किसी ‘कुत्ते’ के गले में पट्टा या घंटी बांधकर चुनाव में भेज दें, तो भी कार्यकर्ताओं से उसे वोट देने के लिए कहा जाएगा। उन्होंने इस टिप्पणी के जरिए आरोप लगाया कि सपा में जमीनी कार्यकर्ताओं की भूमिका और सम्मान को नजरअंदाज किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि चुनाव कोई बाहरी प्रतीक या चेहरा नहीं, बल्कि पार्टी का कार्यकर्ता लड़ता है। उनके मुताबिक, इस तरह की राजनीति से पार्टी के कार्यकर्ताओं का अपमान होता है और उनका मनोबल प्रभावित होता है।

सनातन के मुद्दे पर योगी का समर्थन

राजभर ने सनातन धर्म को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश की परंपरा और सनातन को कोई समाप्त नहीं कर सकता। राजभर ने कहा कि सनातन भारत की परंपरा और संस्कृति से जुड़ा विषय है, जिसे राजनीतिक बयानों से खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। राजभर ने कहा कि कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर अखिलेश यादव को मथुरा जाना चाहिए था, लेकिन वहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे।

शिक्षा और राजनीति पर बढ़ा टकराव

सपा के ‘पाठशाला पुकारे’ अभियान और उस पर राजभर की प्रतिक्रिया से उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज होती दिखाई दे रही है। जहां समाजवादी पार्टी सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने का आरोप लगाकर भाजपा सरकार को घेर रही है, वहीं राजभर मौजूदा सरकार के दौरान स्कूलों में हुए सुधारों का दावा कर विपक्ष पर पलटवार कर रहे हैं।

अखिलेश यादव ने शिक्षा को सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए बंद स्कूलों को खोलने की मांग उठाई है, जबकि राजभर ने सपा सरकार के पुराने कार्यकाल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में शिक्षक दिवस के मौके पर शुरू हुआ यह राजनीतिक विवाद आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की सियासत में और जोर पकड़ सकता है।

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