जम्मू-कश्मीर में एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन, एनसी और भाजपा में टकराव, कई जगह सुरक्षाबलों की तैनाती

खबर सार :-

जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और विपक्षी दल भाजपा के बीच आज तनाव की स्थिति बनी रही। एक दूसरे की पार्टी कार्यालयों के घेराव की घोषणा से यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
जम्मू-कश्मीर में एनसी और भाजपा आमने-सामने, टकराव के हालात बने

खबर विस्तार : -

श्रीनगर:  जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और विपक्षी पार्टी भाजपा में तनाव बढ गया है। दोनों पार्टियां एक-दूसरे की पार्टी कार्यालयों का घेराव कर रही है। फारूक अब्दुल्ला की पार्टी के कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं, दूसरी ओर भाजपा ने सिविल सचिवालय तक विरोध मार्च का फैसला लिया है। इस समय दोनों पक्षों में तनाव के मद्देनजर बुधवार को श्रीनगर शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षाबलों की भारी तैनाती करनी पड़ी है। 

श्रीनगर में भाजपा मुख्यालय के बाहर नेशनल कॉन्फ्रेंस का विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित था। इसको देखते हुए पुलिस ने शहर में कई डायवर्जन किए हैं। इनमें जवाहर नगर में पार्टी दफ्तर की ओर जाने वाली कई सड़कों को बंद कर दिया गया। इन स्थानों की ओर गाड़ियों को जाने से रोका जा रहा है।

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राजनीतिक विरोध प्रदर्शन से पहले सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं। यहां के प्रमुख स्थान जवाहर नगर, राज बाग, वजीर बाग और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात है। इसका असर आवाजाही पर भी पड़ा है। पुलिस को जवाहर नगर की ओर ट्रैफिक की आवाजाही कई जगहों पर रोकनी पड़ी। इसके साथ ही भाजपा मुख्यालय की ओर जाने की इजाजत किसी भी वाहन चालक को नहीं दी जा रही है।

प्रशासन की सख्ती का दिखा असर

प्रशासन सख्त है। इसका असर भी देखा जा रहा है। कई पाबंदियों के कारण रिहायशी और कमर्शियल इलाकों को जोड़ने वाली सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई है। दरअसल, नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से श्रीनगर और जम्मू में भाजपा मुख्यालय के शांतिपूर्ण घेराव के आह्वान के कारण सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया हैं। यहां के विरोध प्रदर्शन करने के कई कारण हैं। कुछ लोग राज्य का दर्जा बहाल करने, संवैधानिक सुरक्षा और जम्मू-कश्मीर से जुड़े अन्य मुद्दों की मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। 

सुरक्षा व्यवस्था बनी रही मुख्य चुनौती

भाजपा के विरोध प्रदर्शन के कई कारण हैं। इससे दिन भर श्रीनगर में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ना स्वाभाविक है। इसी कारण पुलिस की तैनाती रही और सड़कों पर पाबंदियों का मकसद भी किसी तरह से टकराव को रोकना था। पुलिस का कहना है कि भाजपा दफ्तर व आसपास के इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता में है। भाजपा ने शहर के सेंटर लाल चौक से श्रीनगर में सिविल सचिवालय तक विरोध मार्च निकालने की योजना बनाई थी। आज दिनभर चहलकदमी रही है। 

शांति पूर्ण माहौल के लिए जूझी पुलिस

लाल चौक और शहर के बटमालू इलाके में भी जवान तैनात रहे। सिविल सचिवालय की ओर जाने वाली सड़क पर भी सुरक्षाबलों की तैनाती रही। उसके बावजूद भाजपा नेता और कार्यकर्ता अपने विरोध मार्च के लिए लाल चौक पर जमा हुए। यहां जमकर नारेबाजी की गई। भाजपा का विरोध प्रदर्शन नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार के खिलाफ किया जा रहा है। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता थे। भाजपा के लोगों ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां भी बताईं। कहा धारा 370 अब नहीं आने वाला है। बहरहाल कई घंटे पुलिस जूझती रही। 

रूट डायवजर्न भी ज्यादा काम नहीं आया

जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और विपक्षी पार्टी भाजपा में आज दिनभर तनाव बना रहा। दोनों ओर से नारेबाजी और शक्ति प्रदर्शन का चैलेंज था। सबसे ज्यादा दिक्कत में यहां की पुलिस थी। कई घंटे दोनों पक्षों को मनाने मे लगे। सड़कों पर हालात बुरे थे। कभी इधर जाम तो कभी उधर। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में वाहन आ रहे थे। रूट डायवजर्न भी ज्यादा काम नहीं आया।

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