भाजपा का मिशन 2028-29 और बूथ की मजबूती, दो दिन करेंगे विचार-विमर्श
खबर सार :-
ओरछा नगरी में 14 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भारतीय जनता पार्टी की संगठनात्मक महामंथन शुरू हो गया है। इसका आगाज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल जैसे दिग्गजों के बीच हुआ है।
खबर विस्तार : -
भोपाल/निवाड़ी : मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिला में रविवार सुबह 10 बजे से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक शुरू हो गई है। होटल राजमहल में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर के लगभग 350 प्रमुख प्रतिनिधि सम्मिलित हो रहे हैं। ऐसी बैठक भाजपा ने मध्यप्रदेश में एक दशक पहले की थी।
यह भी पढ़ें : पीएम मोदी ने भरा जोश, कहा-खेलेंगे तो खिलेंगे, ’खेलो इंडिया संवाद’ छात्राओं ने कहा हम भी खेलेंगे
भाजपा का ओरक्षा में दो दिवसीय सम्मेलन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसका मुख्य ध्येय संगठन को जमीनी स्तर पर अभेद्य बनाना तो है ही, बूथ सशक्तीकरण को नई गति देना भी जरूरी माना जा रहा है। उससे भी ज्यादा दूरदृष्टि आगामी मिशन 2028-29 की चुनावी तैयारियों पर है। इसके लिए भाजपा अभी से ठोस रोडमैप तैयार कर रही है। 14 सालों बाद हो रही बैठक में प्रदेश कार्यसमिति के 106 अधिकृत सदस्यों को आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा सांसद, मंत्री, प्रदेश पदाधिकारी, संभाग प्रभारी, जिलाध्यक्ष और जिला प्रभारी भी बैठक में मंथन के लिए आमंत्रित किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कार्यक्रम रविवार को चित्रकूट में था, लेकिन वह इसे निपटाकर ओरछा पहुंच गए।
बैठक में कई केंद्रीय मंत्री भी पहुंचे
भाजपा मध्य प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, नारायण सिंह, वीडी शर्मा, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, रामेश्वर शर्मा भी ओरछा की बैठक में पहुंचे। राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह, संगठन महामंत्री अजय जामवाल बैठक में मौजूद रहेंगे।
नेताओं ने संगठनात्मक ऊर्जा का दिया संदेश
पार्टी के शीर्ष नेताओं ने रामराजा सरकार ओरक्षा की भूमि से संगठनात्मक एकता और उसमें बल का संदेश दिया। अपने संबोधन में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बैठक के स्थान पर अपना विचार रखा। कहा कि पार्टी के भावी कार्यों को गति देने के लिए रामराजा सरकार की पावन नगरी से बेहतर कोई स्थान नहीं हो सकता। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी भगवान श्रीराम को राजा और ईश्वर दोनों रूप में नमन किया।
रामराज्य की स्थापना पर जोर और उद्देश्य दोनों पर उनका यही कहना था कि भाजपा का अंतिम लक्ष्य रामराज्य है। उन्होंने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की। उनके विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को चौहान देश हित में बताया और कहा कि वह इस ओर अग्रसर हैं। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ओरछा पहुंचे और उनको बोलने का मौका दिया गया। उनका संबोधन भी रामराज्य की संकल्पना पर टिका रहा। उन्होंने कहा कि वह संकल्पना साकार हो रही है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कार्यक्रम में मौजूदगी को सौभाग्य बताया। उम्मीद जताई कि इस मंथन से आने वाले समय के लिए दूरगामी नीतिगत फैसले किए जा सकेंगे।
नरोत्तम मिश्रा ने आरोपों का किया खंडन
पार्टी के भीतर चल रही विभिन्न अटकलों पर विराम लगाने के लिए यह अच्छा मौका था। पूर्व विधायक नरोत्तम मिश्रा ने इस पर अपनी राय दी। कहा कि भाजपा में गुटबाजी या नेतृत्व परिवर्तन जैसी तमाम बातें कही जा रही हैं। यह सब कल्पनाओं पर आधारित हैं। हमारा संगठन ही यह सब तय करता है और संगठन भी चट्टान की तरह मजबूत है। पदाधिकारियों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमित शाह, नितिन नवीन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का नाम लिया और कहा कि इनके साथ हमारी पार्टी और देश आगे बढ रहा है।
योजनाओं से सीधे जोड़ने की रणनीति बने
कार्यसमिति का मुख्य ध्यान संगठनात्मक मजबूती पर टिका रहा। इसका विस्तार तो केंद्रीय नेता कर ही रहे है। लेकिन प्रदेश की इस बैठक में बूथों को ज्यादा से ज्यादा सक्रिय बनाने के लिए कहा गया है। यह कार्यकर्ताओं की पार्टी है। इसलिए कहा गया कि सरकार की योजनाएं जनता तक पहुंचनी चाहिए। बैठक में समाज के सभी वर्गों को पार्टी संगठन और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने की रणनीति पर मंथन किया जा रहा है।
ध्वजारोहण से आरंभ हुआ कार्यक्रम
भाजपा के दो दिवसीय कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत ध्वजारोहण से हई। इसमें प्रदर्शनी का भव्य उद्घाटन इसी के साथ हुआ। करीब सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात कार्यक्रम को भी सभी ने सुना। शाम के समय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया। वरिष्ठ नेता एवं अतिथि रामराजा सरकार के दरबार में मत्था टेककर आशीर्वाद लेंगे।
यह भी पढ़ें : 39 प्रांतों के 5,000 लोग सुनेंगे भागवत की बात, न्यूयार्क में आरएसएस प्रमुख का कार्यक्रम आज
अन्य प्रमुख खबरें
-
तमिलनाडु उपचुनाव: टीवीके ने पूर्व एआईएडीएमके विधायकों को बनाया उम्मीदवार
2026-09-10
-
कांग्रेस के गढ़ शिमला में बीजेपी की जीत, जिला परिषद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पद पर कब्जा
2026-09-10
-
पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री भगत चुन्नी लाल का निधन
2026-09-10
-
मायावती का अपने भतीजे पर आरोप, कहा डबल माइंड पर काम कर रहे हैं आनंद
2026-09-10
-
आनंद के राजनीतिक करियर का रास्ता खुला, अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से लिया संन्यास
2026-09-10
-
बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए जेल या जहन्नुम: सीएम योगी
2026-09-09
-
आकाश आनंद की होगी वापसी! मायावती ने दिए संकेत
2026-09-09
-
एक पेड़ मां के नाम अभियान में हिस्सा लेंगे गुजरात के 182 विधायक
2026-09-09
-
तनवीर सादिक के बयान पर घमासान, BJP और PDP ने की आलोचना
2026-09-09
-
पीएम मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे, 17 सितंबर से शुरू होंगे देशव्यापी कार्यक्रम
2026-09-09
-
राहुल गांधी का पंजाब सरकार पर आरोप, कहा-दिख रहा खराब पैटर्न
2026-09-09
-
तेलंगानाः केटीआर, हरीश राव-बीआरएस के कई विधायकों पर गंभीर धाराओं में केस
2026-09-08
-
BJP का बड़ा सियासी दांवः मोहसिन रजा को अल्पसंख्यक आयोग की कमान
2026-09-08
-
तेलंगाना विधानसभा के अंदर से बाहर तक संग्राम, पुलिस से हाथापाई, महिलाओं के कपड़े फाड़े!
2026-09-07
-
मराठा आरक्षण आंदोलनः शिक्षा-रोजगार से जुड़े 4 अहम आदेश जारी
2026-09-07