कोलकाता:दुर्गापुर में नेहरू जी की प्रतिमा हटाने की कांग्रेस ने की निंदा, 24 घंटे का अल्टीमेटम

खबर सार :-

कोलकाता में दुर्गापुर स्थित नेहरू की प्रतिमा हटाए जाने की कांग्रेस ने निंदा की है। इसे पुनः स्थापित करने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है। कांग्रेस ने भाजपा को इसके लिए जिम्मेदार बताया है।
कोलकाता: नेहरू जी की प्रतिमा हटाने पर कांग्रेस आगबबूला, भाजपा ने दी सफाई

खबर विस्तार : -

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के दुर्गापुर में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा को कथित तौर पर क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला सामने आया है। मूर्ति को क्षतिग्रस्त हालत में जंगल में फेंक दिया गया। इस घटना को लेकर कांग्रेस पार्टी में गहरी नाराजगी है। पदाधिकारियों ने इसकी निंदा करते हुए प्रतिमा को 24 घंटे के अंदर पुनः स्थापित करने की मांग की है। 

भाजपा ने बताया कांग्रेस के दूसरे गुट का कारनामा

पार्टी के राज्य पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो पूरे बंगाल में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। दुर्गापुर में हर्षवर्धन प्राथमिक विद्यालय के पास ही एक ध्यान केंद्र के सामने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की विशाल प्रतिमा स्थापित थी। कांग्रेस के जिला नेतृत्व ने मूर्ति मामले पर आरोप लगाया है कि भाजपा से जुड़े लोगों ने नेहरू की प्रतिमा को हटाकर जंगल में फेंक दिया है।

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दूसरी ओर दुर्गापुर पूर्व के भाजपा विधायक चंद्रशेखर बनर्जी ने कांग्रेस के इस आरोप का खंडन किया है। बनर्जी ने कहा है कि कांग्रेस के ही एक गुट ने तृणमूल कांग्रेस के साथ मिलकर प्रतिमा हटाई होगी। यह मामला अब तूल पकड़ने लगा है। कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया है कि शुक्रवार को यहां रक्षाबंधन पर्व पर एक समारोह के लिए प्रतिमा को हटाया गया है। इसे जंगल में फेंक दिया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार का काम है कि वह कानून व्यवस्था बनाए रखे। यहां तो पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा हटाई जा रही हैं। सरकार बताए कि यह कृत्य किसका है? साथ ही आरोपियों पर कार्रवाई की जाए। 

24 घंटे पूरे होने पर प्रदेशभर में होगा आंदोलन

घटना की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए नाराजगी जताई और कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री की प्रतिमा के साथ इस तरह का व्यवहार निंदनीय है। इस मौके पर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष देबेश चक्रवर्ती ने राज्य सरकार पर कानून व्यवस्था खराब करने के आरोप लगाए। उन्होंने नेहरू की प्रतिमा को उखाड़कर जंगल में फेंकना बेहद आपत्तिजनक और घृणित कार्य कहा  है।

उन्होंने सरकार से मांग की है कि जिस स्थान पर प्रतिमा लगी थी, वहां समारोह आयोजित किया गया था। आरोप लगाया कि दुर्गापुर पूर्व के नेताजी भी कार्यक्रम में मौजूद थे। चक्रवर्ती ने पुलिस को 24 घंटे का समय दिया और कहा कि निर्धारित समय में प्रतिमा को उसके मूल स्थान पर ही पुनः स्थापित किया जाए। 

भाजपा ने की आरोपियों पर कार्रवाई की मांग

पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांग नहीं मानी जाती है तो कांग्रेस की ओर से आंदोलन किया जाएगा। इस मामले में भाजपा विधायक चंद्र शेखर बनर्जी ने कांग्रेस को ही घेरना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि कांग्रेस के अंदर दो गुट हैं। उनमें से एक गुट कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के साथ रहना पसंद करता है। उन्होंने नेहरू की प्रतिमा हटाने के पीछे भाजपा का होने से इंकार किया है।

उनका कहना है कि वह चाहते हैं कि प्रतिमा हटाने की घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने एक उदाहरण भी दिया, कहा कि पहले आसनसोल-दुर्गापुर विकास प्राधिकरण की कार्रवाई के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की प्रतिमा से संबंधित मामले पर वह खुलकर सामने आए थे। बहरहाल यह मामला अब बढ़ रहा है। उधर 24 घंटे में कुछ ही शेष हैं। इस मामले पर कांग्रेस और भाजपा के बीच टकराव की स्थिति बन गई हैं। हालांकि, अब यह पुलिस की जांच का विषय है। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रतिमा को किसने और कब हटाया था। इसकी जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए।

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