हिमाचल के 18 विभागों में बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं, अब भी रजिस्टर का सहारा; सीएम सुक्खू ने बताई वजह
खबर सार :-
हिमाचल प्रदेश के 18 सरकारी विभागों में अभी तक बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं लगाई जा रही है। इसके पीछे कारण फील्ड स्टाफ, नेटवर्क की दिक्कत और मशीनों की कमी होना है।
खबर विस्तार : -
शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार के कई विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों की रोजाना हाजिरी बायोमेट्रिक मशीनों या ऑनलाइन सिस्टम से दर्ज नहीं की जा रही है। सरकार के अनुसार, इसके मुख्य कारणों में फील्ड ड्यूटी की प्रकृति, दूर-दराज के इलाकों में इंटरनेट और नेटवर्क कनेक्टिविटी की कमी, बिजली की समस्या और कई दफ्तरों में बायोमेट्रिक मशीनों का न होना शामिल है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को विधानसभा में आनी के विधायक लोकेन्द्र कुमार के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 18 विभागों के बोर्ड और निगमों के तहत आने वाले दफ्तरों और संस्थानों में कर्मचारियों की रोजाना हाजिरी बायोमेट्रिक या ऑनलाइन तरीकों से दर्ज नहीं की जा रही है। इनमें चुनाव, कृषि, गृह, बागवानी, आवास, जल शक्ति, भाषा एवं कला-संस्कृति, लोक निर्माण, पूर्व सैनिक कल्याण, पर्यटन, जनजातीय विकास, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, वित्त, वन, सामान्य प्रशासन, आयुष, ग्रामीण विकास और राजस्व विभाग शामिल हैं।
फील्ड स्टाफ के लिए ऑनलाइन हाजिरी लगाना मुश्किल
सरकार ने बताया कि जल शक्ति विभाग में फील्ड स्टाफ की रोजाना हाजिरी बायोमेट्रिक या ऑनलाइन सिस्टम से दर्ज नहीं की जा रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि बायोमेट्रिक मशीनें आमतौर पर तय जगहों पर लगाई जाती हैं, जबकि फील्ड स्टाफ अलग-अलग जगहों पर काम करते हैं। फिलहाल, ऐसे कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक या ऑनलाइन हाजिरी लगाने का कोई व्यावहारिक सिस्टम नहीं है; इसके बजाय, उनकी हाजिरी विभागीय नियमों के अनुसार रजिस्टर में दर्ज की जाती है।
ऑनलाइन हाजिरी में कनेक्टिविटी की भी समस्या
मुख्यमंत्री ने बताया कि कई विभागों में फील्ड स्टाफ की बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज नहीं की जा रही है, जिनमें बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा, वन, पशुपालन, गृह, बागवानी, लोक निर्माण, पर्यटन, परिवहन, युवा सेवा एवं खेल, गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोत, वित्त, ग्रामीण विकास और राजस्व विभाग शामिल हैं। इन विभागों में फील्ड स्टाफ को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में, फील्ड में तैनात कर्मचारी के लिए सिर्फ बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने के लिए दफ्तर आना व्यावहारिक नहीं होता है। इसके अलावा, दूर-दराज के इलाकों में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क न होने, कनेक्टिविटी की समस्या और तकनीकी दिक्कतों के कारण ऑनलाइन हाजिरी भी दर्ज नहीं की जा सकती है।
कई दफ्तरों में मशीनें नहीं लगी हैं
मुख्यमंत्री ने बताया कि सहकारिता विभाग के जिला दफ्तरों के तहत आने वाले कई ब्लॉक-स्तरीय दफ्तरों में बायोमेट्रिक मशीनें नहीं लगाई गई हैं। ऐसे दफ्तरों में कर्मचारियों की हाजिरी अटेंडेंस रजिस्टर में दर्ज की जाती है। मत्स्य विभाग के कुछ जिला-स्तरीय और डिवीजनल ऑफिसों के साथ-साथ मछली पालन केंद्रों (फिश फार्म) में भी बायोमेट्रिक मशीनें नहीं लगाई गई हैं। नतीजतन, इन जगहों पर कर्मचारियों की रोजाना हाजिरी बायोमेट्रिक सिस्टम से दर्ज नहीं हो पा रही है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के पांगी और काजा ऑफिसों में इंटरनेट और बिजली की पर्याप्त सुविधाएं न होने के कारण आधार-आधारित बायोमेट्रिक हाजिरी सिस्टम से कर्मचारियों की रोजाना हाजिरी आसानी से दर्ज नहीं हो पा रही है।
पुलिस और फायर विभाग के लिए अलग स्थिति
मुख्यमंत्री ने ध्यान दिलाया कि फील्ड-ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की हाजिरी बायोमेट्रिक मशीनों या ऑनलाइन सिस्टम से दर्ज नहीं की जा रही है, जबकि ऑफिस में काम करने वाले स्टाफ की हाजिरी इन तरीकों से दर्ज की जा रही है। होम गार्ड और नागरिक सुरक्षा विभाग तथा फायर सर्विस विभाग के फील्ड स्टाफ 24 घंटे की शिफ्ट में काम करते हैं और उन्हें किसी भी समय घटना स्थल पर तुरंत पहुंचना पड़ सकता है। ऐसे हालात में, बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने के लिए तय समय पर ऑफिस में मौजूद रहना उनके लिए मुमकिन नहीं है। सरकार ने फील्ड स्टाफ के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी सिस्टम लागू करने में इसे एक व्यावहारिक चुनौती माना है। सतर्कता (विजिलेंस) पुलिस स्टेशनों में तैनात अधिकारियों और स्टाफ की भी बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज नहीं की जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन स्टेशनों पर अभी तक बायोमेट्रिक मशीनें नहीं लगाई गई हैं।
फील्ड स्टाफ मशीनों में लगा रहे हैं हाजिरी
सूचना और जनसंपर्क विभाग के जिन ऑफिसों में बायोमेट्रिक मशीनें लगाई गई हैं, वहां तैनात फील्ड स्टाफ भी इन्हीं मशीनों का इस्तेमाल करके अपनी हाजिरी लगा रहे हैं। कृषि विभाग के कृषि विकास और विस्तार केंद्र (Agriculture Development and Extension Centre) सेक्शन में बायोमेट्रिक या ऑनलाइन तरीकों से हाजिरी लगाने का कोई सिस्टम नहीं है। सरकार ने इसका कारण यह बताया है कि हर सेक्शन में सिर्फ एक या दो अधिकारी या कर्मचारी ही तैनात होते हैं। भाषा, कला और संस्कृति विभाग के क्षेत्रीय ऑफिसों में कर्मचारियों की बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज की जा रही है। इसका एकमात्र अपवाद किन्नौर के रेकोंग पियो में जिला भाषा अधिकारी का ऑफिस है, जहां बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं लग रही है।
सभी विभागों में सिस्टम लागू करने का आदेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाई कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए, राज्य सरकार ने 18 नवंबर, 2022 को सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और विश्वविद्यालयों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू करने के निर्देश जारी किए। इन आदेशों के तहत बायोमेट्रिक अटेंडेंस का इस्तेमाल जरूरी है। उन्होंने आगे बताया कि अगर किसी सरकारी कर्मचारी को सक्षम अधिकारी द्वारा सामान्य ऑफिस समय के बाहर यानी ऑफिस समय शुरू होने से पहले या खत्म होने के बाद ड्यूटी करने का निर्देश दिया जाता है, तो ऐसी अतिरिक्त ड्यूटी के बदले नियमों के अनुसार मुआवजे के तौर पर छुट्टी (कम्पेंसेटरी लीव) देने का प्रावधान है।
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