राहुल गांधी के धरने के बाद छात्र साहिल लोचब की शिकायत पर FIR, पैलेट गन लगने से आंख की रोशनी जाने का आरोप
खबर सार :-
जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन में घायल साहिल लोचब की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। साहिल ने पैलेट लगने से दाहिनी आंख की रोशनी जाने का आरोप लगाया है।
खबर विस्तार : -
नई दिल्लीः लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संसद मार्ग थाने के बाहर करीब आठ घंटे तक धरने पर बैठने के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्र साहिल लोचब की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर दर्ज होने के बाद साहिल लोचब ने राहुल गांधी का आभार जताया। साहिल के मुताबिक, पिछले करीब एक महीने से राहुल गांधी की टीम लगातार उनके संपर्क में थी और राहुल गांधी खुद भी उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेते रहे।
साहिल लोचब ने अपनी शिकायत में 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद की ओर निकाले जा रहे छात्र मार्च के दौरान खुद पर धातु के पैलेट दागे जाने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि पैलेट लगने के बाद उनकी दाहिनी आंख की रोशनी चली गई और शरीर के कई हिस्सों में सैकड़ों धातु के छर्रे लगे। शिकायत में उन्होंने घटना की जांच, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने और चिकित्सकीय रिकॉर्ड जुटाने समेत कई मांगें दिल्ली पुलिस के सामने रखी हैं।
छात्र प्रदर्शन के दौरान घायल होने का आरोप
एफआईआर में दी गई शिकायत के अनुसार, 20 वर्षीय साहिल लोचब दिल्ली के नजफगढ़ स्थित अग्रवाल कॉलोनी के रहने वाले हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) के छात्र हैं। उन्होंने शिकायत में बताया है कि उनके पिता दिव्यांग हैं और वह परिवार के सबसे बड़े बेटे हैं। साहिल ने यह भी कहा है कि उनके खिलाफ पहले कभी कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ।
शिकायत के मुताबिक, 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्र परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा 2025 और नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान छात्र संसद की ओर मार्च कर रहे थे। साहिल के अनुसार, लाठीचार्ज और भगदड़ के बीच वह पालिका, कनॉट प्लेस क्षेत्र तक पहुंच गए थे। उस समय उनके हाथ में तिरंगा झंडा था। साहिल ने आरोप लगाया है कि इसी दौरान आंसू गैस और लाठीचार्ज हुआ। उनका चेहरा दूसरी दिशा में था, तभी उन्हें दाहिनी छाती, बाजू और आंख के आसपास तेज धमाके जैसा महसूस हुआ। शिकायत में दावा किया गया है कि पीछे मुड़कर देखने पर उन्होंने नीली वर्दी पहने एक व्यक्ति को बड़ी बंदूक के साथ देखा, जिसने उनकी ओर धातु के पैलेट चलाए।
पांच से छह बार पैलेट दागने का आरोप
साहिल के अनुसार, उन पर पांच से छह बार पैलेट दागे गए। इसके बाद उनकी आंख, चेहरा, हाथ और छाती से खून बहने लगा और दाहिनी आंख से दिखाई देना बंद हो गया। घायल होने के बाद उन्हें उपचार के लिए पहले लेडी हार्डिंग अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी पहली एमएलसी बनाई गई। इसके बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल और फिर एम्स रेफर किया गया। शिकायत के मुताबिक, 21 जुलाई की रात उन्हें एम्स आरपीसी आई सेंटर भेजा गया और बाद में एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। 22 जुलाई की रात उनकी आंख का पहला ऑपरेशन किया गया।
शरीर में 200 से ज्यादा धातु के छर्रे होने का दावा
साहिल ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि डॉक्टरों ने एमएलसी में उनकी आंख की चोट को पैलेट से लगी चोट के तौर पर दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों के अनुसार दाहिनी आंख की रोशनी वापस आने की संभावना एक प्रतिशत से भी कम है।
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि एम्स में हुए सीटी स्कैन में उनके शरीर में 200 से अधिक धातु के छर्रे पाए गए। साहिल के अनुसार, ये छर्रे आंख, गर्दन, छाती में दिल के पास, जबड़े और बाजू समेत शरीर के कई हिस्सों में मौजूद हैं। उन्होंने कहा है कि कुछ छर्रे आंख की नस के पास हैं, जिन्हें निकालना संभव नहीं है, जबकि दो छर्रे जीवनभर आंख के अंदर रहने की बात डॉक्टरों ने बताई है।
दूसरी सर्जरी के बाद भी आंख में सुधार नहीं
एफआईआर में शामिल शिकायत के अनुसार, 25 जुलाई को दोबारा जांच के दौरान साहिल की दाहिनी आंख में कोई दृष्टि नहीं पाई गई। इसके बाद 31 जुलाई को आरपीसी आई सेंटर की ओपीडी में उनकी जांच हुई। शिकायत के मुताबिक, 1 अगस्त को उनकी दूसरी सर्जरी की गई, लेकिन इसके बाद भी आंख की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। साहिल ने दावा किया है कि बाद में जारी चिकित्सकीय पर्चियों में भी उनकी चोटों को धातु के छरों से लगी चोट बताया गया है। उन्होंने अपने इलाज से जुड़े दस्तावेजों को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए संबंधित अस्पतालों से रिकॉर्ड मंगाए जाने की मांग की है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल हुआ था
साहिल ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह एक छात्र के तौर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल हुए थे, लेकिन इस दौरान उन्हें अपनी आंख गंवानी पड़ी और शरीर में सैकड़ों छर्रे लगे। उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उनके परिवार के लिए लंबे समय तक इलाज का खर्च उठाना मुश्किल है। शिकायत में साहिल ने यह भी कहा है कि वह दिल्ली पुलिस में भर्ती होने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन आंख की रोशनी जाने के बाद अब उनके लिए इस नौकरी का सपना प्रभावित हो गया है। उनकी पढ़ाई पर भी असर पड़ा है।
रिकॉर्ड सुरक्षित करने की मांग
साहिल लोचब ने दिल्ली पुलिस से घटना की विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने 20 जुलाई की घटना से जुड़े जंतर-मंतर, संसद मार्ग, कनॉट प्लेस, पटेल चौक, राजीव चौक, मेट्रो स्टेशन, ट्रैफिक पुलिस और ड्रोन से संबंधित सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने की मांग की है।
उन्होंने ऑपरेशन के दौरान शरीर से निकाले गए धातु के छरों को जांच के लिए भेजने की भी मांग की है। इसके अलावा लेडी हार्डिंग अस्पताल, सफदरजंग अस्पताल, एम्स आरपीसी आई सेंटर और एम्स ट्रॉमा सेंटर से उनकी एमएलसी तथा इलाज से जुड़े सभी रिकॉर्ड मंगाने का अनुरोध किया गया है। साहिल ने अपने इलाज और मुआवजे पर विचार करने की मांग भी शिकायत में रखी है। साथ ही उन्होंने जांच में पूरा सहयोग करने की बात कही है।
राहुल गांधी का जताया आभार
एफआईआर दर्ज होने के बाद साहिल लोचब ने राहुल गांधी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से राहुल गांधी की टीम लगातार उनके संपर्क में थी और राहुल गांधी स्वयं भी उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेते रहे।
मामले में अब दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच आगे बढ़ेगी। साहिल की शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और चिकित्सकीय दस्तावेजों की भूमिका अहम होगी। फिलहाल छात्र की शिकायत में दर्ज आरोपों ने 20 जुलाई के जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान हुई घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
यह भी पढ़ेंः-हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र की हंगामेदार शुरुआत, ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नारेबाजी, कार्यवाही स्थगित
अन्य प्रमुख खबरें
-
हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, पहले दिन 10 मिनट चली कार्यवाही
2026-08-21
-
पैलेट गन मामले में राहुल गांधी का थाने पर धरना, FIR दर्ज करने मांग
2026-08-21
-
हिमाचल: मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक, कई मुद्दों पर हुई चर्चा
2026-08-20
-
1984 दंगों के आरोपी सज्जन कुमार का कैसे हुआ निधन
2026-08-20
-
1984 के दंगों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का निधन
2026-08-20
-
निर्वाचन आयोग ने ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग पर आयोजित की कार्यशाला
2026-08-19
-
बसपा ने सतीश चंद्र मिश्र को सौंपी चुनाव आयोग के कामों की जिम्मेदारी
2026-08-19
-
जौहर ट्रस्ट व विश्वविद्यालय मामले में ED की 10 ठिकानों पर छापेमारी
2026-08-19
-
भजापा की राष्ट्रीय टीम में MP के 6 नेताओं को मिली जगह
2026-08-17
-
नितिन नवीन की नई टीम में पुराने चेहरे, बड़े पदों पर स्मृति ईरानी-वसुंधरा राजे
2026-08-17
-
‘दिमागी नक्सली कौन है?’ PM मोदी के बयान पर केजरीवाल का हमला
2026-08-17
-
सांसद इमरान मसूद के विवदित बोल- कहा, पहले भी नहीं गाया, आगे भी नहीं गाऊंगा वंदे मातरम
2026-08-17
-
आशीष बनर्जी के निधन पर ममता बनर्जी ने जताया दुख
2026-08-16
-
सोनिया गांधी ने किया 'वंदे मातरम्' अपमान ! शिकायत दर्ज
2026-08-16
-
छात्रों ने शुरू की घेराबंदी, लगाया आरोप, खेल-खेल रहे हैं राहुल गांधी
2026-08-16