भाजपा ने दिनेश आर्य को उत्तराखंड से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया, केंद्रीय चुनाव समिति ने जारी की सूची

खबर सार :-

भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड से दिनेश आर्य और पश्चिम बंगाल से कोयल मल्लिक को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। दोनों प्रत्याशियों के नाम की घोषणा रविवार को एक सूची में किया गया है। इससे अब दोनों स्थानों पर प्रत्याशियों के नाम पर चल रही अटकल पर विराम लग गया है।
पश्चिम बंगाल से कोयल मल्लिक हैं BJP की राज्यसभा की उम्मीदवार, केंद्रीय चुनाव समिति ने की रविवार को घोषणा

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली, भाजपा ने दिनेश आर्य को उत्तराखंड से राज्यसभा उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इस नाम की घोषण केंद्रीय चुनाव समिति ने जारी दी है। दूसरी ओर पश्चिम बंगाल से कोयल मल्लिक को राज्यसभा की उम्मीदवार बनाया गया है। केंद्रीय इस नाम की संस्तुति रविवार को की है। इससे अब अटकलों पर विराम लग जाएगा। पिछले आठ दिन से चर्चाएं तेज थीं। रोज नए नाम आ रहे थे।

 भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तराखंड से राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव-2026 के लिए दिनेश आर्य को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने रविवार को उत्तराखंड से आर्य के नाम पर मुहर लगाई है।  

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भाजपा ने की दो प्रत्याशियों के नाम की घोषणा 

भाजपा में प्रत्याशियों के नाम को लेकर चल रही उठापटक फिलहाल रुक गई है। नैनीताल हल्द्वानी क्षेत्र से आने वाले दिनेश आर्य लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं। उनके नाम की घोषणा होते ही कई दिग्गज प्रतिद्वंदी भी शांत हो गए हैं। अभी तक माना जा रहा था कि पार्टी के अंदर मतभेद है। भीतरघात की गुंजाइश में कुछ प्रदेश के पदाधिकारी भी आगे नहीं आ रहे थे। इसी बीच भाजपा संगठन में सक्रिय रहे दिनेश आर्य का नाम आ गया।

संगठन में कई बार वह विभिन्न जिम्मेदारियां संभालते रहे हैं। दिनेश आर्य का नाम भाजपा में लंबे समय से रहा है। वह नैनीताल क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। आर्य भाजपा के जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। पिछले चुनाव के समय उनका नाम विधानसभा चुनाव में उछला, लेकिन उन्हें अन्य कार्यों की जिम्मेदारी थमा दी गई थी। 2 फरवरी 1968 को जन्मे आर्य का संबंध नैनीताल जिले से रहा है।

उनकी शिक्षा नैनीताल के कुमाऊं विश्वविद्यालय से हुई है। पुष्कर सिंह धामी सरकार में उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया था। वह प्रदेश सरकार के राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष के पद पर काम कर चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी ने आर्य के लिए राज्यसभा पहुंचने वाले द्वारा खोल दिए हैं। लगभग उनका पहुंचना तय भी माना जा रहा है।

राज्यसभा की खाली हुई सीट पर नामांकन

 एक सीट के लिए उत्तराखंड में यह द्विवर्षिक अवधि के लिए चुनाव हो रहे हैं। मौजूदा समय में नरेश बंसल राज्यसभा सदस्य हैं और उनका कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है। औपचारिक परिणाम निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल, उत्तराखंड विधानसभा में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत है। इसलिए घोषित उम्मीदवार की जीत की संभावना पूरी मजबूत मानी जा रही है। इसी तरह भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल से एक नाम घोषित किया है।

राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने रुक्मणी यानी कोयल मलिक को उम्मीदवार बनाया है। एक ओर जहां आर्य, पुष्कर सिंह धामी सरकार में जनसंपर्क अधिकारी रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कोयल भी टीएमसी से राज्यसभा में थीं। आर्य भाजपा के नैनीताल के पूर्व जिला अध्यक्ष और अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री रह चुके हैं। वहीं, कोयल बंगाली फिल्मों में काम करने के साथ ही टीएमसी की चर्चित नेता रह चुकी हैं। उन्हें राजनीति का अच्छा अनुभव है।

रुक्मणी मलिक पेशेवर तौर पर तो कोयल मलिक के नाम से ही जानी जाती हैं, बंगाली फिल्मों में काम करने के साथ ही राजनीति भी करती रही हैं। बंगाल में एक सीट खाली हुई है। यहां से तृणमूल कांग्रेस से राज्यसभा सांसद रुक्मणी मलिक ने 16 जुलाई को इस्तीफा दे दिया था। बताया जाता है कि इसी खाली सीट को भरने के लिए उपचुनाव हो रहा है। चुनाव आयोग की ओर से राज्यसभा चुनाव के दौरान एक नया नियम भी बनाया गया है। आयोग ने इसकी जानकारी पार्टियों को दे दी है। 

इस बार पेन की भूमिका रहेगी महत्वपूर्ण

वोट डालने के लिए वैलेट पेपर पर पसंद बताने के लिए केवल इंटीग्रेटेड वैलेट कलर के स्क्रेच पेन का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। पेन खुद किसी को लेकर नहीं जाना है। रिटर्निंग ऑफिसर के पास यह मौजूद रहेगा। वहीं से यह पेन मिलेगा। किसी और पेन से वोट नहीं डाला जा सकेगा। चुनाव आयोग ने इस बात की जानकारी सभी पार्टियों को दे दी है। बता दिया है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाने के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। चुनाव प्रक्रिया पर आयोग की कड़ी निगरानी रहेगी।

किसी प्रकार की अशांति से निपटने के लिए अधिकारियों को लगाया जाएगा। बता दे कि नामांकन भरने की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर निर्धारित कर दी गई है। इस चुनाव के लिए 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच भी होगी और 9 अक्टूबर शुक्रवार तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। चुनाव आयोग ने सभी प्रत्याशियों को यह जानकारी देने के लिए विभिन्न पदों पर आसीन बैठे हुए लोगों को जिम्मेदारी दी है।

मतदान 16 अक्टूबर को होगा और वोटिंग का समय सुबह 9ः00 बजे से शाम 4ः00 बजे तक रहेगा। इस बात की जानकारी भी मीडिया के जरिए चुनाव आयोग बार-बार देता रहा है। पिछले दिनों बताया गया था कि उसी दिन शाम 5ः00 बजे फोटो की गिनती शुरू होगी और चुनाव आयोग की प्रक्रिया 19 नवंबर तक पूरी कर ली जाएगी।

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