मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP के प्रदर्शन पर भाजपा का हमला, अभिजीत दीपके से माफी मांगने की मांग

खबर सार :-

मुंबई के शिवाजी पार्क में सीजेपी के प्रदर्शन पर भाजपा ने तीखा हमला बोला है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य प्रवीण दरेकर ने प्रदर्शन को राजनीतिक दिखावा बताया।
शिवाजी पार्क में CJP के प्रदर्शन को भाजपा ने बताया ‘राजनीतिक ड्रामा’

खबर विस्तार : -

मुंबई: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य प्रवीण दरेकर ने शुक्रवार को शिवाजी पार्क में CJP द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन पर तीखा हमला बोला। इस प्रदर्शन को पूरी तरह विफल बताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इसका एकमात्र मकसद राजनीतिक दिखावा करना था।

प्रवीण दरेकर ने कहा कि हालांकि शुरुआत में इस प्रदर्शन को छात्रों के मुद्दों से जुड़ा आंदोलन बताया गया था, लेकिन बाद में यह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाने के लिए एक 'राजनीतिक ड्रामा' में बदल गया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दरेकर ने दावा किया कि लोगों की उपस्थिति बहुत कम थी और यह कार्यक्रम जनता का समर्थन हासिल करने में विफल रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी राजनीतिक नेताओं ने इस प्रदर्शन को अपने कब्जे में ले लिया।

राजनीतिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी का दावा

शिवसेना (UBT) के विधायक महेश सावंत, साईनाथ दुर्गे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कई कार्यकर्ताओं की मौजूदगी का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन अपने मूल एजेंडे से भटक गया था। एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके का जिक्र करते हुए दरेकर ने कहा कि आयोजकों को बार-बार उनसे शांत रहने के लिए कहना पड़ा; उनके अनुसार, इससे मुद्दों पर तालमेल और फोकस की कमी का पता चलता है। दरेकर ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर के बारे में अभिजीत दिपके द्वारा कथित तौर पर दिए गए बयान की कड़ी आलोचना की और तुरंत सार्वजनिक माफी की मांग की।

दीपके के बयान से डाॅ. अंबेडकर का अपमान 

खबरों के अनुसार, दीपके ने कहा था कि डॉ. अंबेडकर का कद और बौद्धिक क्षमता मुख्य रूप से जवाहरलाल नेहरू की वजह से बढ़ी। इस दावे को खारिज करते हुए दरेकर ने इसे बेहद आपत्तिजनक और भारतीय संविधान के मुख्य निर्माता डॉ. अंबेडकर की विरासत का अपमान बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के आयोजक मूल मुद्दे से पूरी तरह भटक गए और बांटने वाली बातें करने लगे। मतदाता सूची की विशेष संशोधन प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं पर बात करते हुए दरेकर ने कहा कि इसका मकसद मनमाने ढंग से नाम हटाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सूची सटीक और त्रुटि-मुक्त हो।

चुनाव आयोग की छवि खराब करने का आरोप

उन्होंने बताया कि स्थापित नियमों के अनुसार, केवल अयोग्य व्यक्तियों के नाम या डुप्लिकेट एंट्री ही हटाई जाती हैं। इसके अलावा, हर नागरिक के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की एक स्पष्ट प्रक्रिया मौजूद है। दारेकर ने CJP पर आरोप लगाया कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बदनाम करके और एक संस्था के तौर पर चुनाव आयोग की छवि खराब करके अपना राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना का भी जवाब दिया और कहा कि फडणवीस की आलोचना करने से पहले लोगों को उनके लंबे राजनीतिक सफर के बारे में जानना चाहिए। दारेकर ने कहा कि फडणवीस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मूल्यों से बने नेता हैं और उन्होंने कभी भी सिर्फ़ मंत्री पद पाने के लिए सत्ता की राजनीति नहीं की है। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS और केंद्र सरकार के नेतृत्व के खिलाफ विपक्ष की बातों से यह साफ़ हो गया कि यह विरोध सिर्फ़ मीडिया का ध्यान खींचने के लिए रचा गया एक 'राजनीतिक ड्रामा' था।

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प्रदर्शन के दौरान लगे 'जय श्री राम' के नारे

मुंबई के दादर में शिवाजी पार्क में CJP के आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान शुक्रवार को तनाव पैदा हो गया, जब केसरिया स्कार्फ पहने कुछ लोग वहां पहुंचे और 'जय श्री राम' के नारे लगाने लगे। मुंबई पुलिस की तत्परता से दोनों समूहों के बीच बड़ी झड़प टल गई। शिवाजी पार्क में यह विरोध प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग के लिए किया गया था। इस प्रदर्शन में कई प्रमुख हस्तियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया।

प्रदर्शनकारियों ने तीन मुख्य मांगें रखीं

प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR प्रक्रिया की विस्तृत जांच और चुनाव आयोग अधिनियम 2023 को वापस लेने की तीन मुख्य मांगें रखीं। विरोध प्रदर्शन के दौरान, केसरिया स्कार्फ पहने लोग अचानक वहां पहुंचे और 'जय श्री राम' के नारे लगाने लगे, जिससे उनके और प्रदर्शनकारियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। अचानक हुई नारेबाजी से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और दोनों समूह आमने-सामने आ गए।

नारेबाजी कर रहे लोगों को पुलिस ने बाहर निकाला

मौके पर तैनात मुंबई पुलिस के जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों समूहों को अलग-अलग किया। उन्होंने नारेबाजी कर रहे लोगों को घेरा और उन्हें विरोध स्थल से बाहर निकाला। पुलिस की समय पर कार्रवाई से स्थिति नियंत्रण में आ गई और कोई बड़ी अप्रिय घटना या हिंसक झड़प नहीं हुई। पुलिसकर्मियों ने स्थल पर व्यवस्था बहाल की और दोनों समूहों के बीच दूरी बनाए रखी। हालांकि, इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि 'जय श्री राम' के नारे लगाने वाले लोग किसी राजनीतिक दल या संगठन से जुड़े थे या नहीं।

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