गुरुग्राम में सीएम की सुरक्षा में चूक, काफिले में व्यवधान पर दो डीसीपी को नोटिस, तीन पुलिस कर्मी सस्पेंड

खबर सार :-

हरियाणा के मुख्यमंत्री को उनके काफिले के साथ रोकने की कोशिश की गई। इस मामले में कई पुलिस कर्मी निलंबित किए गए हैं। उधर कांग्रेस के कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए हैं।
गुरुग्राम में सीएम के काफिले में व्यवधान, प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे दिखाए

खबर विस्तार : -

गुरुग्राम : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के काफिले में शुक्रवार को व्यवधान की गुत्थी अभी तक नहीं सुलझ पाई है। हालांकि, उच्चाधिकारियों की ओर से वीआईपी सुरक्षा में चूक के मामले में पुलिस आयुक्त ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस कमिश्नर ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए ड्यूटी में लापरवाही बरतने के लिए दो पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सीएम की सुरक्षा के लिए मौके पर तैनात रहे सिविल लाइंस थाना प्रभारी, उनके साथ रहे पुलिसकर्मियों एवं संबंधित जोन के सिक्योरिटी इंचार्ज को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है।

इंटेलिजेंस इंचार्ज के खिलाफ होगी विभागीय जांच

जानकारी के अनुसार, पुलिस के प्रवक्ता संदीप कुमार ने शनिवार को बताया कि पुलिस कमिश्नर ने वीआईपी सुरक्षा में हुई चूक के लिए जिम्मेदारी तय की है। इसमें पुलिस उपायुक्त पश्चिम और पुलिस उपायुक्त अपराध को जिम्मेदार मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मामला सीएम की सुरक्षा में सेंध का है, लिहाजा अधिकारी किसी प्रकार की मौके पर तैनात किए गए पुलिस कर्मियों को ढील नहीं देना चाहते हैं। यही कारण है कि थाना प्रबंधक सिविल लाइंस और उनके साथ ड्यूटी पर तैनात कई पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।

यहां तक कि सिक्योरिटी इंचार्ज पश्चिम को भी राहत नहीं मिली, उनको भी सस्पेंड किया गया है। इसके अलावा, इंटेलिजेंस इंचार्ज के विरुद्ध विभागीय जांच कराने के निर्णय लिए गए हैं। इधर, पुलिस आयुक्त ने पूरे मामले पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाती है। उनकी सुरक्षा मामलें पर समन्वय की कमी रही है, या फिर ड्यूटी में शिथिलता की गई है। इसको गंभीरता से लिया जाएगा। इसके सुरक्षा व्यवस्था में बाधा उत्पन्न होने पर जो भी लोग जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिखाए काले झंडे 

यह मामला कांग्रेस की ओर से किए गए प्रदर्शन से जुड़ा है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री का काफिला गुरुग्राम दौरे पर था। इसी दौरान कांग्रेस के कुछ  कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के काफिले को काले झंडे दिखाए। यहीं तक प्रदर्शनकारी नहीं रूके, उन्होंने सीएम को रोकने का भी प्रयास किया था। इस मामले पर पुलिस ने आठ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया था। काफी देर तक काफिला निकलने के बाद भी हंगामा होता रहा। इसी मामले में सुरक्षा में बड़ी चूक मानी गई। पुलिस कमिश्नर की ओर से कार्रवाई अभी चल रही है। सुरक्षा में चूक मामले पर दो पुलिस उपायुक्तों को नोटिस दी गई है। बताया जा रहा है कि सैनी जिला जनसंपर्क एवं शिकायत निवारण समिति की बैठक में शामिल होने के बाद गुरुग्राम विश्वविद्यालय में आयोजित ‘चौपाल’ कार्यक्रम और जेनएच स्टार्टअप समिट-2026 में शामिल होने जा रहे थे। 

वर्धन राव के नेतृत्व में आए थे कार्यकर्ता

अचानक कांग्रेस कार्यकर्ता वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था में बाधा डालने और सरकारी काम में रुकावट डालने के उद्देश्य से हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के काफिले की ओर बढ़े। उनको रोकने की कोशिश कर नारेबाजी की। पुलिस का कहना है कि सरकार हर नागरिक के लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करती है, लेकिन, विरोध प्रदर्शन की आड़ में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, सरकारी काम में बाधा डालने या वीआईपी सुरक्षा को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष वर्धन राव के नेतृत्व में 15 से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर अपनी जेबों से काले कपड़े निकालकर मुख्यमंत्री के काफिले की ओर लहराए। काफिले के साथ चल रहे पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया।

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