JPSC-JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी की सुनवाई के लिए बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट, झारखंड सरकार का बड़ा फैसला

खबर सार :-

JPSC-JSSC की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए झारखंड सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके तहत फास्ट ट्रैक कोर्ट, आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ और एक कमेटी के गठन का फैसला शामिल है।
JPSC-JSSC परीक्षा व्यवस्था में होगा सुधार, सरकार ने लिए तीन बड़े फैसले

खबर विस्तार : -

रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। राज्य सरकार इसके लिए हाई कोर्ट से अनुरोध करेगी। यह जानकारी परीक्षा सुधारों पर केंद्रित कैबिनेट की एक विशेष बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में जारी नोटिफिकेशन में दी गई।

यह फैसला राज्य की 45 भर्ती परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ियों को लेकर जताई गई चिंताओं के बाद लिया गया है। इनमें से 22 परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं, जबकि छह अन्य की प्रक्रिया रोक दी गई है। इसके अलावा, CID और SIT की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पहले आयोजित 17 परीक्षाओं की जांच करने का फैसला भी किया गया है। भविष्य की परीक्षाएं ज्यादा पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित हों, इसके लिए संस्थागत बदलाव किए जाएंगे।

परीक्षा प्रक्रिया पर रखी जाएगी नजर

परीक्षा प्रणालियों की निगरानी के लिए JPSC और JSSC के अंदर इंटरनल विजिलेंस सेल (आंतरिक निगरानी सेल) बनाए जाएंगे। ये सेल दोनों आयोगों की परीक्षा प्रक्रियाओं और उनसे जुड़े कामों पर नजर रखेंगे, ताकि अलग-अलग चरणों में संभावित गड़बड़ियों का पता लगाया जा सके और उन्हें समय रहते रोका जा सके। पूरी प्रक्रिया में निगरानी के तरीकों को मजबूत किया जाएगा—इसमें परीक्षा एजेंसियों का चयन, प्रश्न पत्रों की तैयारी, छपाई और सुरक्षित ट्रांसपोर्ट से लेकर परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था और नतीजों को तैयार करने तक का काम शामिल है। 

परीक्षा प्रणालियों में सुधार के लिए बनाई जाएगी कमेटी

सरकार ने JPSC और JSSC दोनों की परीक्षा प्रणालियों में सुधार के लिए सीनियर IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल कमेटी बनाने का फैसला किया है। कमेटी में राज्य के नामी संस्थानों के डायरेक्टर भी शामिल होंगे। कमेटी दोनों आयोगों की मौजूदा परीक्षा प्रणालियों, प्रक्रियाओं और व्यवस्थाओं का विस्तार से अध्ययन करेगी और उसके बाद जरूरी सुधारों की सिफारिश करेगी। इसे दो महीने के अंदर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।

22 परीक्षाएं रद्द करने के बाद सरकार ने लिया फैसला

झारखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है। CID और SIT की जांच के नतीजों के आधार पर, सरकार ने JPSC और JSSC द्वारा आयोजित 22 परीक्षाओं को एक साथ रद्द कर दिया है। इन फैसलों से 2,628 चुने गए उम्मीदवारों की नियुक्तियां प्रभावित हुई हैं। इस समूह में 11वीं-13वीं JPSC परीक्षाओं के जरिए नियुक्त 342 अधिकारी, 54 फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, 63 SDPO, 237 महिला सुपरवाइजर और JSSC-CGL के जरिए नियुक्त 1,932 कर्मचारी शामिल हैं। ये सभी लोग या तो पहले से ही अलग-अलग विभागों में नौकरी कर रहे थे या उन्हें नियुक्ति पत्र मिल चुके थे।

2014 से हुई 17 भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों की होगी जांच

सरकार ने छह अन्य परीक्षाओं की प्रक्रिया को अगले आदेश तक रोक दिया है और 2014 से हुई 17 भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों की जांच के आदेश दिए हैं। राज्य सरकार के कार्मिक विभाग ने मंगलवार रात 11:45 बजे इससे जुड़े कुल आठ नोटिफिकेशन जारी किए। विभाग के सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो के हस्ताक्षर वाले इन नोटिफिकेशन में कहा गया है कि ये फैसले CID और SIT की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर लिए गए हैं। इनमें 5वीं कंबाइंड सिविल सर्विसेज़ परीक्षा (2013), विभिन्न सिविल जज परीक्षाएं, और सॉइल कंजर्वेशन ऑफिसर, एग्रीकल्चर ऑफिसर, फूड सेफ्टी ऑफिसर, डेंटिस्ट, जियोलॉजिस्ट-केमिस्ट, असिस्टेंट इंजीनियर और डेंटल डॉक्टर जैसे पदों के लिए भर्तियां शामिल हैं।

इन परीक्षाओं को अगले आदेश तक टालने का फैसला

कुछ अन्य परीक्षाओं के लिए, सरकार ने उन्हें पूरी तरह रद्द करने के बजाय अगले आदेश तक टालने का फैसला किया है। इन परीक्षाओं की शुरुआती प्रक्रियाएं TDPL के अलावा अन्य एजेंसियों के जरिए की गई थीं। इनमें फ़ूड एनालिस्ट, प्रोजेक्ट मैनेजर, डिप्टी डायरेक्टर (अभियोजन), डायरेक्टर, फैक्टरी इंस्पेक्टर और बॉयलर इंस्पेक्टर की भर्ती प्रक्रियाएं शामिल हैं। CID को इन एजेंसियों की विश्वसनीयता और भूमिका की जांच करने का काम सौंपा गया है। जांच पूरी होने तक इन पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।


FAQ

1. JPSC-JSSC परीक्षा व्यवस्था में क्या बदलाव हो रहे हैं?

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने तीन बड़े फैसले लिये हैं।

2. झारखंड सरकार के तीन बड़े फैसले क्या हैं?

स्रकार ने जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में गड़बड़ियों से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट, आंतरिक सेल व हाई-लेवल कमेटी के गठन का फैसला लिया है।

3. झारखंड में कितनी भर्ती परीक्षाएं रद्द की गई हैं?

सरकार ने CID और SIT की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया है।
 

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