JSSC CGL एग्जाम रद्द, TDPL के जरिए हुईं सभी भर्तियां भी कैंसल, 2000 से ज्यादा लोगों की जाएगी नौकरी
खबर सार :-
झारखंड में TDPL के ज़रिए आयोजित सभी परीक्षाएं, जिनमें JSSC CGL भी शामिल है, रद्द कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस फ़ैसले की घोषणा की।
खबर विस्तार : -
JSSC CGL Exam Cancelled: झारखंड के रांची में 24 दिनों से चल रहे छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बाद, राज्य सरकार ने एक बड़ा फ़ैसला लिया है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने TDPL एजेंसी के ज़रिए आयोजित सभी परीक्षाओं जिनमें JSSC CGL भी शामिल है और उनके नतीजों को रद्द करने की घोषणा की है। उधर झारखंड सरकार के JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले के बाद, उन उम्मीदवारों में नाराजगी फैल गई है जो इस परीक्षा के जरिए चुने गए थे और अलग-अलग पदों पर काम कर रहे थे।
2000 से ज्यादा लोगों की जाएगी नौकरी
फैसले के बारे में पता चलने पर, बड़ी संख्या में चुने गए उम्मीदवार सोमवार को प्रोजेक्ट भवन झारखंड सरकार के सचिवालय के बाहर इकट्ठा हुए और सरकार के इस कदम का विरोध किया। JSSC-CGL परीक्षा के जरिए 2,000 से ज्यादा उम्मीदवारों को अलग-अलग सरकारी पदों के लिए चुना गया था। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद, ये उम्मीदवार लगभग एक साल से अलग-अलग विभागों में काम कर रहे हैं। परीक्षा रद्द होने की घोषणा ने अब इन नियुक्तियों के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं।
प्रोजेक्ट भवन के बाहर इकट्ठा हुए उम्मीदवारों ने सरकार के ख़िलाफ नारे लगाए और अपने भविष्य को लेकर चिंता जाहिर की। विरोध करने वालों ने कहा कि उन्होंने तय प्रक्रिया का पालन करते हुए परीक्षा दी थी। नतीजे घोषित होने के बाद, उन्हें नियुक्ति पत्र मिले और वे अपनी-अपनी भूमिकाओं में काम भी करने लगे थे।
इसलिए, पूरी परीक्षा रद्द होने से उनकी नौकरी और भविष्य की संभावनाओं पर ख़तरा मंडरा रहा है। उम्मीदवारों ने सरकार से फैसले पर फिर से विचार करने और कोई ऐसा विकल्प खोजने का आग्रह किया जिसमें उनकी स्थिति का भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने तर्क दिया कि अगर परीक्षा के किसी भी चरण में गड़बड़ी हुई थी, तो दोषी लोगों के ख़िलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन चयन प्रक्रिया के बाद नौकरी पाने वाले उम्मीदवारों को इसका खामियाजा नहीं भुगतना चाहिए।
जांच के दौरान कई अहम तथ्य आए सामने
दरअसल JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का सरकार का फैसला जांच के दौरान सामने आए तथ्यों पर आधारित था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि SIT और CID की जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने 2014 से अब तक आयोजित JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं की व्यापक जांच की भी घोषणा की। सरकार के फैसले के बाद, एक ही परीक्षा को लेकर दो अलग-अलग नजरिए सामने आए हैं।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में, विरोध कर रहे छात्र इसे एक बड़ी जीत के तौर पर देख रहे हैं, जबकि परीक्षा के जरिए चुने गए उम्मीदवार सरकार के फैसले का विरोध कर रहे हैं और उन्हें अपनी नौकरी और भविष्य की चिंता सता रही है। सरकार के सामने अब न सिर्फ प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों को पूरा करने की चुनौती है, बल्कि JSSC-CGL के जरिए भर्ती हुए लोगों के भविष्य से जुड़ी चिंताओं को दूर करने की भी चुनौती है।
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