सहकार भारती की बैठक में संगठन विस्तार पर जोर, डॉ. संदीप सरावगी को मिली नई जिम्मेदारी

खबर सार :-

सहकार भारती की झांसी विभाग अभ्यास वर्ग एवं योजना बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की गई। डॉ. संदीप सरावगी को प्रदेश श्रम प्रकोष्ठ प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई।
संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर

खबर विस्तार : -

झांसीः सहकारिता के क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से सहकार भारती की झांसी विभाग अभ्यास वर्ग एवं योजना बैठक संघर्ष सेवा समिति कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में संगठन की मौजूदा गतिविधियों की समीक्षा के साथ आगामी दो दिवसीय अधिवेशन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और सक्रिय कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपने पर विशेष जोर दिया गया। पदाधिकारियों से संगठन के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया।

निष्क्रिय पदाधिकारियों पर जताई नाराजगी

बैठक के दौरान झांसी विभाग और महानगर स्तर पर अपेक्षित संगठनात्मक सक्रियता नहीं होने पर प्रदेश पदाधिकारियों ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए केवल पद होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका भी जरूरी है। बैठक में निष्क्रिय पदाधिकारियों को जिम्मेदारियों से मुक्त करने और सक्रिय कार्यकर्ताओं को नए दायित्व सौंपकर संगठन की गतिविधियों को गति देने पर जोर दिया गया। पदाधिकारियों से कहा गया कि वे संगठन के कार्यक्रमों और अभियानों में नियमित रूप से भाग लें तथा सहकारिता के विचार को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करें।

डॉ. संदीप सरावगी को प्रदेश श्रम प्रकोष्ठ प्रभारी बनाया

बैठक में संघर्ष सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. संदीप सरावगी को सहकार भारती में प्रदेश स्तर की नई जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्हें प्रदेश श्रम प्रकोष्ठ प्रभारी बनाया गया। वहीं सर्वेश पटेल को महानगर के कार्यवाहक विभाग संयोजक का दायित्व दिया गया। नई जिम्मेदारियां सौंपते हुए संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन की गतिविधियों को प्रभावी बनाने के लिए जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी संगठन की ताकत उसके सक्रिय कार्यकर्ताओं, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता से बढ़ती है। सहकारिता केवल आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि परस्पर सहयोग, सामूहिक विकास और आत्मनिर्भरता का माध्यम भी है। इसलिए सहकारिता के संदेश को समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए संगठनात्मक गतिविधियों को लगातार सक्रिय रखना आवश्यक है।

दो दिवसीय अधिवेशन की तैयारियों पर चर्चा

बैठक में आगामी दो दिवसीय अधिवेशन की तैयारियों को लेकर भी विस्तृत मंथन किया गया। अधिवेशन की रूपरेखा, व्यवस्थाओं, कार्यकर्ताओं की सहभागिता और विभिन्न पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों पर विचार-विमर्श हुआ। पदाधिकारियों से कहा गया कि अधिवेशन को सफल बनाने के लिए सभी स्तरों पर आपसी समन्वय के साथ कार्य किया जाए। आयोजन से जुड़ी जिम्मेदारियों को समय से पूरा करने और अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

कई पदाधिकारी रहे मौजूद

बैठक में प्रदेश महामंत्री सहकार भारती उत्तर प्रदेश अरविंद द्विवेदी, प्रदेश मंत्री एवं प्रभारी झांसी विभाग सतीश चंद्र कठेरिया, प्रदेश सह मीडिया प्रमुख सुशील कुमार, प्रदेश विभाग सहसंयोजक झांसी सर्वेश पटेल, प्रदेश एसएसजी सह प्रमुख गीता त्रिपाठी, प्रदेश जिला सह संगठन प्रमुख झांसी महानगर नैना पाखरे, प्रदेश जिला अध्यक्ष ग्रामीण संतोष खरेला, प्रदेश जिला अध्यक्ष जालौन धर्मेंद्र द्विवेदी, प्रदेश जिला महामंत्री महानगर झांसी, महानगर उपाध्यक्ष प्रमेन्द्र सिंह, संतोष गुप्ता, प्रदेश जिला महामंत्री झांसी संदीप नामदेव, ग्रामीण प्रभाकर शास्त्री, प्रदेश जिला महामंत्री जालौन प्रेम कुमार पाठक, प्रदेश जिला संगठन प्रमुख झांसी ग्रामीण अजय रावत तथा प्रदेश जिला उपाध्यक्ष झांसी ग्रामीण जोगेंदर सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के अंत में संगठन की आगामी कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने, सहकारिता के संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का संकल्प लिया गया। नई जिम्मेदारियों के साथ संगठनात्मक गतिविधियों को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।

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