LUCKNOW: फैजुल्लागंज में जलभराव, नगर निगम और जिला प्रशासन की टीमें मोर्चे पर
खबर सार :-
नगर निगम की सीमा क्षेत्र फैजुल्लागंज में फिर बरसात हावी हो गई। यहां जलभराव का सामना करना पड़ रहा है। राहत के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन की टीमें लगाई गई हैं।
खबर विस्तार : -
लखनऊ, फैजुल्लागंज क्षेत्र में लोग जलभराव की स्थिति का सामना कर रहे हैं। नगर निगम के अफसर कह रहे हैं कि यहां जलभराव सामान्य बारिश के कारण नहीं है। इसका कारण नदी का बढ़ा हुआ जलस्तर है। बहरहाल, निगम को यहां कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। यह वही फजुल्लागंज है, जहां पर मंत्री और अफसर जांच व मुआयना करने पहुंचते रहते हैं। जलभराव किसी कारण से हुआ, लेकिन इतिहास की पुनरावृत्ति हुई है। जब कभी ज्यादा बारिश हो जाती है, यहां परेशानी उठानी ही पड़ती है।
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ठहरने के लिए दो अस्थायी रैन बसेरे तैयार
इस बार स्थिति को देखते हुए नगर निगम लखनऊ और जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्र में राहत, सुरक्षा, स्वच्छता और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था इसीलिए करनी पड़ रही है। नगर निगम की टीमें समाधान होने तक इस क्षेत्र में लगातार तैनात रहकर निगरानी करेंगी। जलभराव के लिए नगर निगम खुद की जिम्मेदारी नहीं लेना चाह रहा है। उसकी ओर से प्रभावित लोगों के लिए रैन बसेरे और भोजन की व्यवस्था कराई जा रही हैै। अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त ने बताया कि नगर आयुक्त गौरव कुमार के आदेश पर जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों की सुविधा और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित ठहरने के लिए दो अस्थायी रैन बसेरे तैयार किए गए हैं।
ड्रोन से एंटी-लार्वा छिड़काव किया जा रहा
जलभराव से प्रभावित लोग इन रैन बसेरों में रुक सकते हैं। इनके भोजन की भी व्यवस्था की गई है। इससे प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। नगर निगम की व्यवस्था में स्थानीय लोगों के लिए पेयजल चार टैंकरों में लगाया गया हैं। इसके साथ ही जहां जलभराव है, वहां के लिए स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं को ध्यान में रखा जा रहा है। इसीलिए मोबाइल शौचालय भी लगाया गया है। राहत कार्य में जुटे कर्मी और स्थानीय प्रभावित लोगों को किसी भी परेशानी से निकालना निगम अपनी जिम्मेदारी मान रहा है। जलभराव के कारण मच्छरों का आतंक है। इसकी रोकथाम के लिए ड्रोन से एंटी-लार्वा छिड़काव किया जा रहा है।
क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग भी कराई जा रही
जलभराव के बाद मच्छरों के प्रजनन की संभावना को देखते हुए नगर निगम द्वारा ड्रोन के माध्यम से एंटी-लार्वा का छिड़काव कई दिन करने की योजना है। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग भी कराई जा रही है। मच्छरों की रोकथाम के साथ स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। कई जगह पर अंधेरा भी पसरा रहता था, इसलिए दाउदनगर रोड पर करीब 45 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। जलभराव प्रभावित क्षेत्र में रात के समय आवागमन को सुरक्षित बनाने के लिए प्रभावित मार्गों पर प्रकाश की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
जिला प्रशासन की टीमें भी मौके पर तैनात
जिन स्थानों पर जलभराव के कारण सड़क पर गड्ढे और असमतल स्थिति बनी हुई है, वहां जीएसबी सामग्री डालकर समतलीकरण कराया गया है। इसका उद्देश्य प्रभावित मार्गों पर आवागमन को यथासंभव सुगम बनाना है। वहीं पिछले दिनों बारिश में निकले अफसर और महापौर को इस क्षेत्र की ओर भी ध्यान देना चाहिए। हर साल यह स्थिति आ रही है। इसको जड़ से मिटाने की जरूरत है। बहरहाल, प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही की व्यवस्था की गई है। जरूरत के समय राहत एवं बचाव कार्य के लिए पर्याप्त संख्या में नाव मंगाई गई हैं। जिला प्रशासन की टीमें भी मौके पर तैनात हैं।
चार शिफ्टों में कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई
नगर निगम का आदेश है कि उनकी टीमों के लोग फैजुल्लागंज में जलभराव की स्थिति और नागरिकों की जरूरतों पर नजर रखने के लिए 24 घंटे रहेंगे। यह जिला प्रशासन की टीम के साथ समन्वय बनाकर कार्य पूरा करेंगे। यहां पर चार शिफ्टों में कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है। अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए अधिकारियों और सुपरवाइजरों की चार शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है। नागरिक किसी भी आवश्यकता या सहायता के लिए संबंधित शिफ्ट के अधिकारी अथवा सुपरवाइजर से संपर्क कर सकते हैं।
मड़ियांव स्थित फैजुल्लागंज क्षेत्र में कई दिनों से बारिश का पानी भरा हुआ था। यहां लोहरामऊ पतंग मैदान के पास के जलभराव के कारण एक बच्ची को अस्पताल नहीं ले जाया जा सका था। गलियों में लबालब पानी था। यह मामला जब उछला तो निगम की तैयारियां दिख रही हैं।
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