'बाढ़ प्रभावित परिवारों तक जरूरी मदद पहुंचाना सुनिश्चित करें', मुख्य सचिव ने राहत कार्यों की समीक्षा की

खबर सार :-

बिहार में बाढ़ की स्थिति और राहत व बचाव कार्यों की मुख्य सचिव ने समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि नौ अक्टूबर को सीएम बाढ़ प्रभावितों को जीआर राशि ट्रांसफर करेंगे।
बिहार में बाढ़ की स्थिति की मुख्य सचिव ने की समीक्षा, दिए निर्देश

खबर विस्तार : -

पटना: मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बुधवार को बिहार में बाढ़ की स्थिति और प्रभावित इलाकों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। आपदा प्रबंधन विभाग में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सुपौल और सहरसा के जिला मजिस्ट्रेट शामिल हुए। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल भी बैठक में मौजूद थे।

बैठक में जिलों में बाढ़ की मौजूदा स्थिति, प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य, तटबंधों की निगरानी, ​​राहत शिविर, कम्युनिटी किचन, नावों का संचालन और राहत सामग्री के वितरण की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला मजिस्ट्रेटों ने मुख्य सचिव को अपने-अपने जिलों में बाढ़ की स्थिति और प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी दी। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करते हुए प्रभावित परिवारों तक जरूरी मदद पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने उन्हें तटबंधों की लगातार निगरानी करने और संवेदनशील जगहों पर खास सतर्कता बरतने का निर्देश दिया ताकि किसी भी संभावित स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

9 अक्टूबर को DBT के जरिए GR की राशि ट्रांसफर होगी

बाढ़ प्रभावित परिवारों को GR (मुफ्त राहत) राशि के वितरण की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि मुख्यमंत्री 9 अक्टूबर को DBT के जरिए पात्र बाढ़ प्रभावित परिवारों के खातों में GR की राशि ट्रांसफर करेंगे। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि सभी जरूरी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं और तय प्रक्रिया के अनुसार पात्र लाभार्थियों को सहायता राशि दी जाए। अभी बाढ़ प्रभावित इलाकों में छह राहत शिविर चल रहे हैं, जहां 3,550 बाढ़ प्रभावित लोगों को रहने, खाने और चिकित्सा देखभाल जैसी जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं।

शिविरों में जरूरी सुविधाओं की नियमित उपलब्धता हो

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविरों में भोजन, पीने का पानी, साफ-सफाई और अन्य जरूरी सुविधाओं की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 100 कम्युनिटी किचन सेंटर चलाए जा रहे हैं। अब तक इन व्यवस्थाओं के जरिए लगभग 1.40 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया है।मुख्य सचिव ने जरूरतों के आधार पर कम्युनिटी किचन और लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने पर खास जोर दिया। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने और उनकी आवाजाही के लिए कुल 221 नावें चलाई जा रही हैं। 

मवेशियों के चारे के वितरण की भी समीक्षा की

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन इलाकों में नावों की जरूरत है, वहां पर्याप्त संख्या में नावें उपलब्ध कराई जाएं। राहत कार्यों के तहत, अब तक 2,400 से ज्यादा सूखे राशन के पैकेट और 10,400 पॉलीथीन शीट बांटी जा चुकी हैं। बैठक में मवेशियों के चारे के वितरण की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों और पशुपालकों की जरूरतों के हिसाब से राहत सामग्री और मवेशियों का चारा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखें और राहत व बचाव कार्यों को ठीक से चलाने के लिए संबंधित विभागों के साथ तालमेल बनाए रखें।

सारण में गंडक नदी का तटबंध टूटा

नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण गंडक नदी का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है। पानी का स्तर बढ़ने और भारी दबाव के कारण, सारण जिले में बाघाकोल और हजलपुर के पास गंडक नदी का तटबंध अचानक टूट गया। तटबंध टूटने से बाढ़ का पानी तेजी से आस-पास के ग्रामीण इलाकों में फैल गया। घटना की खबर मिलते ही, जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार अपनी टीमों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थिति का जायजा लेने के बाद, अधिकारियों ने संबंधित विभागों को तटबंध की तुरंत मरम्मत करने और ग्रामीणों को सुरक्षित, ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। 

इलाके में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू

प्रशासनिक आदेशों के बाद इलाके में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए गए हैं। जिला प्रशासन पानी में घिरे घरों में फंसे लोगों को निकालने के लिए मोटरबोट का इस्तेमाल कर रहा है। उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए और उन्हें ऊंचे स्थानों पर पहुंचा रहा है। बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए कम्युनिटी किचन (सामुदायिक रसोई) बनाए गए हैं, जहां दिन में दो बार पौष्टिक और आसानी से पचने वाला भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा, जिलाधिकारी के निर्देशों के तहत प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य शिविर, पशुओं के लिए चारा और बाढ़ राहत के अन्य जरूरी इंतजाम किए गए हैं, जबकि जल संसाधन विभाग क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत के प्रयास कर रहा है।

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