झांसी मेडिकल कॉलेज का क्रिटिकल केयर ब्लॉक बजट के अभाव में ठप, जुलाई 2027 तक पूरा होने की उम्मीद

खबर सार :-

झांसी मेडिकल कॉलेज में करीब ₹30 करोड़ की लागत से बन रहे 100 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण बजट के अभाव में जून 2025 से बंद है। अब नई समय सीमा 30 जुलाई 2027 तय की गई है।
क्रिटिकल केयर ब्लॉक का काम ठप, अब जुलाई 2027 तक पूरा होने की उम्मीद

खबर विस्तार : -

झांसी: झांसी मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बेहतर और गंभीर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया जा रहा 100 बेड का क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक बजट के अभाव में लंबे समय से अधर में लटका हुआ है। करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस परियोजना का निर्माण जनवरी 2024 में शुरू हुआ था और इसे 10 मई 2025 तक पूरा किया जाना था। निर्धारित समय सीमा बीतने के बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। अब इस परियोजना को पूरा करने के लिए 30 जुलाई 2027 की नई समय सीमा निर्धारित की गई है। ऐसे में मरीजों और तीमारदारों को इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा के लिए दो वर्ष से अधिक समय और इंतजार करना पड़ सकता है।

बजट खत्म होने से जून 2025 में बंद हुआ काम

जानकारी के मुताबिक, परियोजना के लिए अब तक करीब 18 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है। इसके सापेक्ष निर्माण कार्य भी कराया जा चुका है। हालांकि, परियोजना की कुल स्वीकृत लागत में से करीब 12 करोड़ रुपये अभी जारी होना बाकी हैं। बताया जा रहा है कि बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण जून 2025 में निर्माण कार्य बंद कर दिया गया था। इसके बाद निर्माण कार्य की जिम्मेदारी संभाल रही उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम की ओर से उच्च अधिकारियों और मेडिकल कॉलेज प्रशासन को लगातार स्थिति से अवगत कराया जाता रहा।

रुकी हुई धनराशि जारी कराने के लिए पहले भी शासन स्तर पर पत्राचार किया गया था, लेकिन अपेक्षित प्रगति नहीं होने के बाद अब एक बार फिर शासन को पत्र भेजकर बजट जारी करने की मांग की गई है।

बजट मिलते ही शुरू होगा निर्माण

कार्यदाई संस्था के अधिकारियों के अनुसार, परियोजना के लिए शेष बजट जारी होने के बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया जा सकेगा। सहायक अभियंता हेमंत प्रकाश ने बताया कि बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण फिलहाल निर्माण कार्य बंद है। शासन से धनराशि मिलते ही काम फिर से शुरू कर दिया जाएगा। परियोजना में हो रही देरी के बीच बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर क्रिटिकल केयर ब्लॉक के निर्माण की स्थिति का निरीक्षण किया। उनके साथ कार्यदाई संस्था के इंजीनियर और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण स्थल पर मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। साथ ही निर्माण कार्य बंद होने के कारणों और परियोजना के लिए आवश्यक बजट की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली गई।

शासन को दोबारा भेजा गया पत्र

निरीक्षण के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से परियोजना के लिए लंबित बजट जारी करने को लेकर शासन को दोबारा पत्र भेजने की कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि शेष धनराशि मिलने के बाद निर्माण कार्य को गति दी जा सकेगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण पीएम-एबीएचआईएम योजना के तहत कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बजट के अभाव में निर्माण कार्य फिलहाल रुका हुआ है और शासन को पत्र भेजकर आवश्यक बजट की मांग की गई है।

नई समय सीमा ने बढ़ाई चिंता

क्रिटिकल केयर ब्लॉक के निर्माण में देरी का सीधा असर गंभीर मरीजों के लिए प्रस्तावित अतिरिक्त चिकित्सा सुविधाओं पर पड़ सकता है। परियोजना का उद्देश्य मेडिकल कॉलेज में गंभीर स्थिति वाले मरीजों के इलाज के लिए अतिरिक्त क्षमता और आवश्यक क्रिटिकल केयर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। जनवरी 2024 में शुरू हुई परियोजना को मई 2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन बजट की कमी के चलते निर्धारित समय सीमा में काम पूरा नहीं हो सका। अब 30 जुलाई 2027 की नई समय सीमा तय होने से परियोजना के पूरा होने में काफी लंबा समय लगने की स्थिति बन गई है।

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