बेंगलुरु में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर मिल सकते हैं पेनल्टी पाॅइंट्स, सस्पेंड हो सकता है लाइसेंस

खबर सार :-

बेंगलुरु में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए परिवहन मंत्री और गृह मंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में ‘पाॅइंट-बेस्ड ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम’ पर चर्चा हुई।
बेंगलुरु में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

खबर विस्तार : -

बेंगलुरु: कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे और परिवहन मंत्री बी. सुरेश ने बुधवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक संयुक्त समीक्षा बैठक की। बैठक में बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम कम करने, सड़क सुरक्षा बेहतर करने और बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के उपायों पर चर्चा की गई।

विधान सौधा में हुई इस बैठक में 'पॉइंट-बेस्ड ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम' शुरू करने पर भी बात हुई। इस सिस्टम के तहत, अलग-अलग ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर ड्राइवर के लाइसेंस में पॉइंट्स जोड़े जाएंगे। जब जमा हुए पेनल्टी पॉइंट्स एक तय सीमा तक पहुंच जाएंगे, तो ड्राइवर का लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है। इस सिस्टम को लागू करने के लिए जरूरी कानूनी प्रावधानों पर भी चर्चा की गई।

'सारथी' सिस्टम को ई-चालान सिस्टम से जोड़ने पर चर्चा

अधिकारियों ने ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के 'सारथी' सिस्टम को बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस के ई-चालान सिस्टम से जोड़ने पर चर्चा की। एक बार जुड़ जाने के बाद, ट्रैफिक पुलिस मौके पर ही ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता की जांच कर सकेगी। साथ ही, वे ड्राइवर के पिछले उल्लंघनों की जानकारी देख सकेंगे और नए उल्लंघनों को सीधे उनके डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ सकेंगे। बैठक में ट्रैफिक मैनेजमेंट और सार्वजनिक सुरक्षा पर असर डालने वाले उल्लंघनों के लिए जुर्माना बढ़ाने पर भी बात हुई। इनमें फुटपाथ पर पार्किंग, वन-वे सड़कों पर गलत दिशा में गाड़ी चलाना, फुटपाथ पर वाहन चलाना, अनधिकृत पार्किंग, 'नो-पार्किंग' ज़ोन में पार्किंग और ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना शामिल हैं।

बार-बार नियम तोड़ने वालों पर ज्यादा जुर्माने पर विचार

खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने और बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर ज्यादा जुर्माना लगाने पर भी विचार किया गया। जो वाहन चालक पांच या उससे ज्यादा बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं, उनके खिलाफ़ खास उपायों पर चर्चा हुई; इनमें बकाया जुर्माना वसूलना और जरूरत पड़ने पर वाहन को ज़ब्त करना या ब्लैकलिस्ट करना शामिल हो सकता है। जिन वाहनों पर जुर्माना बकाया है, उन पर रोक लगाने और संबंधित कानूनों और नियमों में जरूरी बदलाव करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड या रद्द करने से पहले उनके लिए सड़क सुरक्षा ट्रेनिंग अनिवार्य करने पर भी विचार किया गया। यह ट्रेनिंग सुरक्षित ड्राइविंग के तरीकों, सड़क सुरक्षा नियमों और ड्राइविंग व्यवहार को बेहतर बनाने पर केंद्रित होगी।

बैठक में 'वन सिटी, वन फेयर' पर भी विचार-विमर्श

सड़क सुरक्षा मानकों को पूरा न करने वाले 'हाफ-हेलमेट' के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के उपायों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा, बैठक में अनधिकृत हॉर्न, मॉडिफाइड साइलेंसर और तेज रोशनी वाली LED लाइटों के खिलाफ कार्रवाई करने पर भी विचार किया गया, क्योंकि ऐसी चीजें शोर प्रदूषण का खतरा बढ़ाती हैं और सड़क सुरक्षा से समझौता करती हैं। अधिकारियों ने कम रफ्तार वाले, बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर को जरूरी ट्रैफिक नियमों के दायरे में लाने पर भी चर्चा की; इसमें गाड़ी की पहचान, राइडर की जिम्मेदारी और सड़क सुरक्षा से जुड़े नियम शामिल हो सकते हैं। ट्रांसपोर्ट और मोबिलिटी सेवाओं के लिए 'वन सिटी, वन फेयर' (एक शहर, एक किराया) पॉलिसी पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा, कार-शेयरिंग, राइड-शेयरिंग, ऐप-बेस्ड शेयर्ड ट्रांसपोर्ट और 'पार्क-एंड-राइड' सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य-स्तरीय पॉलिसी बनाने पर भी विचार किया गया।

PUC से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू करने की समीक्षा

बैठक में गाड़ियों के लिए 'पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल' (PUC) सर्टिफिकेट से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू करने की समीक्षा की गई। जिन गाड़ियों पर ट्रैफिक जुर्माना बकाया है, उन्हें PUC सर्टिफिकेट जारी न करने की संभावना पर भी चर्चा हुई। पुरानी, ​​ज़्यादा प्रदूषण फैलाने वाली और तकनीकी रूप से अनफिट गाड़ियों को स्क्रैप करने के लिए प्रोत्साहित करने के उपायों पर विचार किया गया। मेट्रो स्टेशनों से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए 'फर्स्ट और लास्ट-माइल' कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के मकसद से रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तहत शेयर्ड ऑटो-रिक्शा सेवाएं देने पर भी चर्चा हुई।

बैठक में मुख्य सड़कों पर खराब होने वाली BMTC इलेक्ट्रिक बसों को तेजी से हटाने के लिए एक रैपिड रिस्पॉन्स सिस्टम बनाने पर भी बात हुई। साथ ही, पीक आवर्स के दौरान मेट्रो स्टेशनों और टेक्नोलॉजी पार्कों के बीच बस कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के उपायों पर भी विचार किया गया। बैठक में होम और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के सीनियर अधिकारियों के अलावा पुलिस, BMTC, BMRCL और दूसरी संबंधित एजेंसियों के अधिकारी भी मौजूद थे।

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