JSSC-CGL समेत परीक्षाएं रद्द होने के बाद छात्रों ने खत्म की भूख हड़ताल, अब इस नए कानून की मांग

खबर सार :-

झारखंड में JSSC-CGL समेत परीक्षाएं रद्द होने के बाद छात्रों ने 16वें दिन भूख हड़ताल खत्म कर दी। अब छात्र पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून की मांग करेंगे। अब छात्रों का ध्यान परीक्षा प्रणाली में स्थायी सुधार की ओर रहेगा।
JSSC-CGL समेत परीक्षाएं रद्द, छात्रों ने खत्म की भूख हड़ताल, अब कानून की मांग

खबर विस्तार : -

रांचीः झारखंड सरकार की ओर से झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) और टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद आंदोलनरत छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। हालांकि, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा रद्द होने के बाद आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। अब आंदोलन के दूसरे चरण में छात्रों की मांग ऐसी व्यवस्था और कानून लागू करने की होगी, जिससे राज्य में भर्ती परीक्षाएं पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों से मुक्त हो सकें।

देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि छात्रों के आंदोलन का उद्देश्य केवल कुछ परीक्षाओं को रद्द करवाना नहीं था। उनका कहना है कि झारखंड की पूरी भर्ती और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की जरूरत है। छात्रों की मांग है कि भविष्य में होने वाली भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, प्रश्नपत्र तैयार करने में गड़बड़ी या परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की धांधली की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।

पहले चरण की सफलता

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में महतो ने कहा कि परीक्षा रद्द करने का सरकार का फैसला आंदोलन के पहले चरण की सफलता है। उन्होंने सरकार, आंदोलन में शामिल छात्रों और समर्थकों का आभार जताया। हालांकि, उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पहले भी कई परीक्षाएं पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के कारण रद्द हो चुकी हैं, लेकिन दोबारा आयोजित परीक्षाओं में भी ऐसी घटनाएं सामने आई हैं।

महतो ने JSSC-CGL परीक्षा का उदाहरण देते हुए कहा कि यह परीक्षा पहले 28 जनवरी 2024 को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द की गई थी। इसके बाद दोबारा परीक्षा आयोजित की गई, लेकिन पुनर्परीक्षा में भी पेपर लीक की घटना सामने आने का आरोप लगा और परीक्षा फिर रद्द करनी पड़ी। उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक रद्द की गई 14 परीक्षाओं के बाद इस बात की क्या गारंटी है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी।

अब कानून बनाने की मांग

छात्र नेता ने कहा कि आंदोलन के दूसरे चरण में सरकार से ऐसी व्यवस्था की मांग की जाएगी, जो भर्ती परीक्षाओं को पेपर लीक से सुरक्षित रखने की गारंटी दे। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी ठोस प्रणाली बनानी चाहिए, जिसमें प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा आयोजित करने और परिणाम जारी करने तक पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित हो।

उन्होंने यह भी मांग की कि पेपर लीक या परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए राज्य विधानसभा से विशेष कानून पारित किया जाए। महतो के मुताबिक, अगर इस उद्देश्य के लिए संवैधानिक स्तर पर किसी बदलाव की जरूरत पड़ती है, तो उस पर भी विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था लागू होने से केवल मौजूदा अभ्यर्थियों को ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी लाभ मिलेगा। छात्रों का उद्देश्य ऐसी भर्ती व्यवस्था तैयार करवाना है, जिसमें मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर मिल सके।

16वें दिन खत्म हुई भूख हड़ताल

महतो ने बताया कि छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल के 16वें दिन आंदोलन के इस चरण को सम्मानजनक तरीके से समाप्त किया। उन्होंने कहा कि झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री दीपिका पांडे और विधायक जयराम महतो की संयुक्त पहल के बाद भूख हड़ताल रोकने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि जिन मांगों को लेकर छात्र संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, उन्हें सरकार द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद भूख हड़ताल खत्म की गई। 

24 दिन के आंदोलन के बाद जश्न

सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में JSSC-CGL और टीडीपीएल की ओर से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया गया। सरकार के इस निर्णय की जानकारी सामने आने के बाद जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई।

भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने एक-दूसरे को गले लगाकर खुशी जताई। छात्रों ने मिठाइयां बांटीं और नारे लगाए। कई प्रदर्शनकारियों ने रंग-गुलाल और आतिशबाजी के साथ भी जश्न मनाया। छात्रों ने 24 दिनों से चल रहे आंदोलन के बाद JSSC-CGL परीक्षा रद्द किए जाने को बड़ी जीत बताया।

हालांकि, आंदोलन के अगले चरण को लेकर छात्र नेता ने स्पष्ट किया है कि अब लड़ाई परीक्षा रद्द कराने से आगे बढ़कर पूरी भर्ती प्रक्रिया में स्थायी सुधार की होगी। छात्रों की मांग है कि सरकार ऐसी कानूनी और संस्थागत व्यवस्था तैयार करे, जिससे भविष्य में किसी भी भर्ती परीक्षा में पेपर लीक या अन्य अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

यह भी पढ़ेंः-Rajasthan IAS Transfers: राजस्थान में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, बड़े पैमाने पर IAS-RAS अफसरों का तबादला

अन्य प्रमुख खबरें