सीएम योगी बोले- बापू का चरखा स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का आधार, ODOP के बताए फायदे

खबर सार :-

गांधी जयंती पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महात्मा गांधी का चरखा भारत के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का प्रतीक था। उन्होंने ODOP को स्वदेशी की भावना से जोड़ते हुए ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने की बात कही।
गांधी जयंती पर सीएम योगी का स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर जोर

खबर विस्तार : -

लखनऊः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी के स्वदेशी और स्वावलंबन के विचारों को आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत की आधारशिला बताया। गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि बापू का चरखा केवल सूत कातने का साधन नहीं था, बल्कि यह भारत के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना स्वदेशी की इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महात्मा गांधी के स्वावलंबन के सपने को आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। उनके मुताबिक विकसित भारत की संकल्पना तभी पूरी हो सकती है, जब देश आत्मनिर्भर बने। इसके लिए प्रत्येक नागरिक, परिवार और गांव को स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

चरखा बना स्वदेशी और स्वावलंबन का प्रतीक

महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बापू की स्मृतियों को नमन किया और प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने महात्मा गांधी के प्रिय भजनों का श्रवण किया और चरखा चलाकर स्वदेशी एवं स्वावलंबन के संदेश को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी के विचारों में स्वच्छता, स्वदेशी, स्वावलंबन और ग्राम स्वराज एक-दूसरे से जुड़े हुए थे। उन्होंने कहा कि स्वच्छता से स्वदेशी, स्वदेशी से स्वावलंबन और स्वावलंबन से ग्राम स्वराज तक बापू के विचार आज भी देश के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि नया भारत महात्मा गांधी के इन्हीं सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार स्थानीय स्तर पर उत्पादन, श्रम और संसाधनों को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

बचपन की यादों का किया जिक्र

सीएम योगी ने स्वदेशी की चर्चा करते हुए अपने बचपन की स्मृतियां भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि बचपन में गांधी आश्रम के कपड़ों को लेकर लोगों में विशेष उत्साह रहता था। उनके मुताबिक ये कपड़े केवल पहनने के लिए वस्त्र नहीं थे, बल्कि भारत की आजादी के मंत्र और स्वदेशी भावना के प्रतीक थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ने चरखे को स्वदेशी के साथ जोड़ते हुए देश को स्वावलंबन का संदेश दिया। उनके अनुसार चरखा सिर्फ सूत कातने का उपकरण नहीं था, बल्कि इस बात का प्रतीक था कि भारत अपने श्रम, अपने उत्पाद और अपनी क्षमता पर भरोसा करके आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने सामान्य जन को स्वदेशी से जोड़कर इसे व्यापक जनचेतना का हिस्सा बनाया। स्वदेशी के माध्यम से लोगों में अपने उत्पाद, अपनी मेहनत और स्थानीय संसाधनों के प्रति विश्वास पैदा करने का प्रयास किया गया।

ODOP से ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना को गांधी के स्वदेशी विचारों से जोड़ते हुए कहा कि इसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को पहचान और बाजार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अलग-अलग क्षेत्रों की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित कर उन्हें बड़े बाजार से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने ODOP को स्वदेशी की भावना का आधुनिक स्वरूप बताते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है। ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने का यह प्रयास स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और उत्पादकों को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।

लाल बहादुर शास्त्री को भी किया नमन

गांधी जयंती के साथ मुख्यमंत्री ने देश के दूसरे प्रधानमंत्री और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर देश के लिए दो महान विभूतियों की जयंती का दिन है। सीएम योगी ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का जीवन देशवासियों के लिए प्रेरणादायक है। दोनों नेताओं के व्यक्तित्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति की वाणी में तभी प्रभाव होता है, जब उसके आचार और विचार में समन्वय हो। मुख्यमंत्री के मुताबिक गांधी और शास्त्री ने जो कहा, उसे अपने जीवन में करके दिखाया। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों का जीवन उनके विचारों और आचरण के बीच सामंजस्य का उदाहरण रहा।

‘जय जवान-जय किसान’ को बताया आत्मनिर्भरता का मंत्र

लाल बहादुर शास्त्री के योगदान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका जीवन सादगी, भारतीयता और राष्ट्र के प्रति समर्पण से भरा था। जब देश के सामने संकट आया, तब शास्त्री ने मजबूत नेतृत्व के जरिए राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने शास्त्री के प्रसिद्ध नारे ‘जय जवान-जय किसान’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उद्घोष पूरे भारत के लिए एक मंत्र बन गया। उन्होंने खाद्यान्न के क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता का श्रेय शास्त्री जी द्वारा रखी गई नींव से जोड़ा।

सीएम योगी ने कहा कि भारत ने न केवल खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल की है, बल्कि आज दुनिया के कई देशों को खाद्यान्न की आपूर्ति करने की स्थिति में भी है। उनके अनुसार इस आत्मनिर्भरता की नींव रखने में लाल बहादुर शास्त्री का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मुख्यमंत्री ने गांधी और शास्त्री के विचारों को वर्तमान भारत के संदर्भ में रखते हुए स्वदेशी, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता को देश की विकास यात्रा से जोड़ा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नागरिकों, परिवारों और गांवों के स्तर पर आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत करना जरूरी है।

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