मायावती ने सपा की पीडीए को राजनीतिक ढोंग बताया, कहा, करीबियों-पूंजीपतियों को देती है टिकट

खबर सार :-

बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कई आरोप लगाए। कहा चुनावों से पहले ही इनकी सच्चाई सामने आ गई है।
BSP में सबका हित, सपा के छलावे से रहें सावधान- मायावती

खबर विस्तार : -

लखनऊ, बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोला है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के पीडीए को ढोंग कह कर आलोचना की है। बसपा प्रमुख इन दिनों अपनी राजनीतिक छवि को सक्रिय कर रही हैं। उन्होंने आने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर खुद पर यह परिवर्तन किया है। इसी बीच उनका यह हमला समाजवादी पार्टी पर बोला गया है। सपा के लिए कहा कि हमेशा की तरह पीडीए पार्टी होने का राजनीतिक ढोंग और छलावा करती है। वह धन्नासेठों और रिश्तेदारों को ही टिकट देती हैं। बसपा की तुलना करते हुए कहा कि बीएसपी कमजोर तबकों के कर्मठ अम्बेडकरवादी लोगों को ही अपनी पार्टी का उम्मीदवार बनाती है।

कर्मठ अम्बेडकरवादी लोगों को उम्मीदवार बनाने का दावा

पूर्व का इतिहास यदि खंगाला जाए तो बसपा पर ऐसे ज्यादा आरोप हैं, जिनमें पैसे लेकर टिकट देने के उदाहरण हैं। टिकट का रेट भी मामूली नहीं था। बहरहाल, अब बसपा मुखिया मायावती ने शुक्रवार को एक्स पर पोस्ट किया है। इसमें बसपा की तुलना सभी पार्टियों में विशेषकर समाजवादी पार्टी से की गई है। आरोप है कि सपा परिवार, सगे-सम्बंधी, भाई-भतीजों, क़रीबी रिश्ते-नातेदारों और पूंजीपतियों व धन्नासेठों को टिकट देती है। यह काम बसपा नहीं करती है।

मायावती ने धनबल के चुनावों से खुद को दूर रखने का दावा किया है। कहा कि उनकी तरह बसपा धनबल का सहारा नहीं लेती है, बल्कि पार्टी में कार्यरत सर्वसमाज में से केवल गरीब, मध्यम वर्ग व कमजोर तबकों के कर्मठ अम्बेडकरवादी लोगों को ही अपनी पार्टी का उम्मीदवार बनाती है। सपा को निशाने पर लेती हुई बसपा प्रमुख ने पिछले चुनाव और वर्तमान में राज्यसभा नामांकन का भी जिक्र किया।

कहा कि राजनीति परिवारवाद व धनबल से मुक्त व पाक-साफ पार्टी बसपा ही है। सपा इसके ठीक विपरीत कार्य करती है। वह पीडीए के नाम पर जनता को छलती है। मायावती ने उदाहरण पेश करते हुए लिखा कि यूपी में राज्यसभा के लिये द्विवार्षिक चुनाव हो रहे हैं। इसी से सपा की पीडीए की सच्चाई सामने आ जाती है। 

पीडीए को छलावा पार्टी कहते हुए सतर्क रहने के लिए कहा

रामगोपाल यादव को फिर से पर्चा भरवाया है। वह सपा मुखिया के नजदीकी रिश्तेदार हैं। दूसरी सच्चाई भी सामने है। सपा ने अपनी पार्टी का दूसरा उम्मीदवार धनराज परिमल नाथवानी को बनाया है। वह चर्चित उद्योग घराने के रहन वाले हैं। अब तीसरा उम्मीदवार क्या करेगा? लोगों की राय में सपा का तीसरा उम्मीदवार चुनाव हारने के लिये होगा। मायावती ने पीडीए को छलावा पार्टी कहते हुए इससे दूर और सावधान रहने के लिए कहा है।

मायावती ने कहा कि सपा को चुनाव में वोट तो ’पीडीए’ का चाहिये, लेकिन सांसद व विधायक ज़्यादातर अपने परिवार वालों को या फिर पूंजीपतियों को बनाती है। सपा की इस नीति को मायावती ने हमेशा की चाल कहा। वह लिखती हैं कि यह कोई नई बात नहीं है। सपा का यह दोहरा चाल, चरित्र है। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के समर्थकों के साथ आम लोगों को इनसे सचेत और सतर्क रहने के लिए कहा है। कहा कि सबका हित बसपा में ही निहित व सुरक्षित है।

सपा ने 30 सितंबर को दोनों उम्मीदवारों का नामांकन कराया

उन्होंने बताया कि सपा ने 30 सितंबर को दोनों उम्मीदवारों का नामांकन कराया था। मायावती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेफॉर्म एक्स पर लिखा कि बसपा किसी भी चुनाव में परिवार, सगे-संबंधियों, भाई-भतीजों और पूंजीपतियों को टिकट नहीं देती। उन्होंने सर्वसमाज के गरीब, मध्यम वर्ग और कमजोर तबकों से जुड़े कर्मठ अंबेडकरवादी कार्यकर्ताओं को उम्मीदवार बनाने का जिक्र किया है।

इसीलिए खासकर अपरकास्ट समाज के गरीबों तथा बहुजन समाज अर्थात दलितों, आदिवासियों, अति-पिछड़ों, मुस्लिम एवं अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के समस्त लोगों को अब खासकर यूपी विधानसभा आम चुनाव से पहले ही जरूर पूरी तरह से सतर्क हो जाना चाहिए। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया ने इससे पहले कि उन पर परिवार वाद का आरोप लगाया जाए, परिवार के दो सदस्य और एक रिश्तेदार को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। उनका यह पक्ष अपनी ओर से मजबूत कर लिया गया है। मायावती ने हमेशा की तरह ही बसपा में सवर्णों में सतीश चंद्र मिश्रा को आगे कर जिम्मेदारियां दी हैं। 

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