Ranchi Protest: छात्र आंदोलन के बीच CID का बड़ा एक्शन, JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते गिरफ्तार

खबर सार :-

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व चेयरमैन एल. खियांगते को CID ने एक मामले में गिरफ़्तार किया है। पूछताछ के बाद आज शाम उन्हें अदालत में पेश किए जाने की उम्मीद है।
झारखंडः छात्र आंदोलन के बीच JPSC के पूर्व अध्यक्ष खियांग्ते गिरफ्तार

खबर विस्तार : -

Ranchi Student Protest: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षा में कथित धांधली को लेकर चल रहा छात्रों आंदोलन सोमवार 17वें  दिन उग्र हो गया। इस बीच झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी और मेधा घोटाले की जांच कर रही सीआईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। CID ने JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया। ब्लैकलिस्टेड एजेंसी टीडीपीएल को परीक्षा का कॉन्ट्रैक्ट देने में नियमों के उल्लंघन और रिश्वतखोरी के आरोप सामने आए हैं।

2 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप

सीआईडी के अनुसार, जांच में पता चला कि तय नियमों को दरकिनार कर आउटसोर्सिंग एजेंसी TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था। इस मामले में गिरफ्तार आउटसोर्सिंग एजेंसी के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी ने पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी को बताया कि खियांग्ते ने इस डील के बदले टीडीपीएल से कथित तौर पर लगभग 2 करोड़ रुपये की रिश्वत और कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू का 20 प्रतिशत कमीशन लिया था।

30 घंटे से ज्यादा हुई थी पूछताछ

इससे पहले, CID ने खियांग्ते से 30 घंटे से ज़्यादा समय तक चार अलग-अलग सत्रों में पूछताछ की थी। जांच में यह भी पता चला कि तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक ने टीडीपीएल को कॉन्ट्रैक्ट दिए जाने के संबंध में लिखित आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने आयोग के शीर्ष अधिकारियों को एजेंसी के ट्रैक रिकॉर्ड के बारे में जानकारी दी थी। आपत्ति के अनुसार, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने 20 मई, 2025 को TDPL को ब्लैकलिस्ट और डी-लिस्ट कर दिया था।

इसके बावजूद, ओपन टेंडर प्रक्रिया के बजाय नॉमिनेशन के आधार पर एजेंसी को परीक्षा का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। पूछताछ के दौरान, खियांग्ते ने अपना बचाव करते हुए कहा कि चयन के समय आयोग को एजेंसी के ब्लैकलिस्टेड होने की जानकारी नहीं थी और उन्होंने इस चूक को प्रशासनिक गलती बताया। हालांकि, CID ने उनकी भूमिका की जांच जारी रखी। इससे पहले, CID ने कांके रोड स्थित खियांग्ते के सरकारी आवास और JPSC कार्यालय में छापेमारी की थी। वहीं छापेमारी के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया था। 

इस मामले में अब तक 19 गिरफ्तार

इन कार्रवाइयों के दौरान कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ज़ब्त किए गए। CID ने इस मामले में अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें JPSC की परीक्षा उप-नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, TDPL के डायरेक्टर रामवीर सिंह, अभय तिवारी और पूर्व चेयरमैन के कंप्यूटर ऑपरेटर वगैरह शामिल हैं। सीआईडी ने रांची और लखनऊ में TDPL के ऑफिस भी सील कर दिए हैं। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा प्रक्रिया और समानांतर सिंडिकेट में हुई कथित गड़बड़ियों में और कौन-कौन से अधिकारी और लोग शामिल थे।

रांची में छात्रों का प्रदर्शन हुआ तेज

गौरतलब है कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन सोमवार को और तेज हो गया। विधानसभा का घेराव करने के लिए मार्च कर रहे छात्र योगदा कॉलेज से आगे बढ़ चुके हैं। मार्च के दौरान छात्रों ने पुलिस की सातवीं बैरिकेडिंग को पार कर लिया। बैरिकेडिंग तोड़ने के बाद आगे बढ़ रहे छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार छात्रों से आगे न बढ़ने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने की अपील कर रहे हैं।

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